मुबंई से पैदल अयोध्या श्री राम के दर्शन करने जा रही शबनम शेख ने भोपाल में खुद पर हमले की आशंका व्यक्त करते हुए बोपाल पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
मुंबई से पैदल अयोध्या के लिए निकलीं 21 साल की शबनम शेख हालही में मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल पहुंची हैं। एक तरफ जहां उनके हौसले और धार्मिक आस्था ने लोगों को हैरान कर दिया है तो वहीं शहर में पहुंचने के बाद उन्होंने यहां खुद पर हमले की आशंका व्यक्त तो की ही, साथ ही भोपाल पुलिस पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। शबनम ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी करते हुए भोपाल पुलिस पर सुरक्षा मुहैय्या न कराने के आरोप लगाया है। बता दें कि शबनम शेख मुंबई से पैदल अयोध्या श्री राम के दर्शन करने राम मंदिर जा रही हैं।
सनातन मुस्लिम के नाम से चर्चा में आईं शबनम शेख ने अपनी ओर से जारी एक वीडियो में कहा कि 'मैं मुंबई से अयोध्या के लिए पैदल यात्रा कर रही हूं। इस तरह चलते हुए मुझे 17 दिन बीत चुके हैं। मैं भोपाल के लालघाटी पहुंच चुकी हूं। यहां की पुलिस इतनी बेकार है इतनी रात हो गई है, लेकिन हमें सुरक्षा नहीं दी जा रही।' शबनम ने आगे एक चौंकाने वाली बात ये भी कही कि 'मालेगांव जैसा सीन हो सकता है। लेकिन पुलिसवाले कोई जिम्मेदारी नहीं ले रहे। पुलिस यहां से वहां पटक दे रही है। हमें सुरक्षा नहीं देना चाहते तो मत दो। बहुत सारे सनातनी भाई मेरे साथ हैं। दोपहर से मेरे साथ हैं और पुलिस से झगड़ रहे हैं कि हमें सेफ जगह रखो या अकेला छोड़ दो और पुलिस से कह रहे हैं कि इन्हें सेफ इलाके में रखो। मैं मप्र पुलिस और एमपी के सीएम से अनुरोध करती हूं कि हमें सुरक्षा दो।'
एक्शन में आई पुलिस
हालांकि, वीडियो वायरल होते ही पुलिस ने त्वरित क्रम में कार्रवाई की और शबनम को श्यामला हिल्स पहुंचाया और वहां एक आश्रम में ठहराया। यहां शबनम ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि उनकी सुरक्षा के लिए तीन पुलिसकर्मी तैनात कर दिए गए हैं। इनमें एक महिला पुलिसकर्मी भी शामिल है। उन्होंने बताया कि हमने रास्ते में लोगों का प्यार और डर दोनों देखा। इस दौरान भोपाल में रात को हमें डर लग रहा था। भोपाल को लेकर मुझे कहा गया था यहां गड़बड़ी हो सकती है।
दो दोस्तों के साथ मुबंई से निकलीं शबनम
बता दें कि फर्स्ट ईयर की छात्रा शबनम अपने दो साथी विनीत पांडे और रामराज शर्मा के साथ कदम से कदम मिलाकर मुंबई से अयोध्या श्री राम के दर्शन करने जा रही हैं। शबनम का कहना है कि श्रद्धा के लिए मन में विचार आना जरूरी नहीं है। बचपन से राम को मानते हैं, जितना हम नबी की रेस्पेक्ट करते हैं उतना ही राम की भी रेस्पेक्ट करते हैं। कड़ाके की ठंड में हम यात्रा कर रहे हैं। बहुत जोश है।