तीस हजार के इनामी डकैत शिव शरण उर्फ शिवा इन दिनों आतंक फैला रखा है। दो दिन पहले दस्यु दल ने महिला प्रधान का घर आग में फूंक दिया, वहीं शनिवार रात डकैत मोहकमगढ़ में ग्रामीणों को धमकाते हुए पीटकर भाग निकले। घटना के बाद दस्यु उन्नमूलन अभियान में जुटी पुलिस टीम मौके पर पहुंची, लेकिन दस्यु दल पकड़ से बाहर निकल गया।
एएसपी रामेश्वर यादव भी खबर मिलने के बाद तराई में तीन अलग अलग टीमों के सर्चिंग कराई है। मोहकमगढ़ में पुल का निर्माण चल रहा है। जहां रंगदारी वसूलने और ग्रामीणों में अपनी दहशत पैदा करने के मकसद से दस्यु शिवा गैंग पहुंचा था। हालांकि निर्माण कार्य में लगे मजदूरों और ठेकेदार को पुलिस पहले ही बदमाशों के बारे में चेता चुकी थी। एेसे में पुलिस के पास डकैतों की सूचना भी जल्द पहुंच गई। रात को ही निरीक्षक अनिमेष द्विवेदी घटना स्थल पर जाकर पीडि़तों से मामले की जानकारी ली।
एएसपी यादव के नेतृत्व में पुलिस की तीन विशेष टीमें बनाई गई हैं। पहली टीम निरीक्षक अनिमेष द्विवेदी के साथ सरसिन आश्रम, पंचवटी आश्रम होते हुए जोतहरी आश्रम की ओर तलाश में जुटी। दूसरी टीम थाना प्रभारी कोठी ओपी चोंगड़े के साथ मोहकमगढ़ से पहाड़ होते हुए सती अनुसुईया के रास्ते जोतहरी आश्रम पहुंची। तीसरी टीम थाना प्रभारी धारकुण्डी विजय सिंह के साथ हनुमान धारा से मौनीबाबा आश्रम होते हुए मोहकमगढ़ गई।
साधु संत और स्थानीय ग्रामीणों से पुलिस ने दस्यु दल के बारे में पूछताछ की है। मूवमेंट मिलने पर पुलिस टीमों में एम्बुस भी लगाया, लेकिन दस्यु दल उप्र की ओर ही रहा। आठ घंटे तक लगातार तलाश में जुटी रहीं।