
श्रीगंगानगर. इलाके के विधि जगत में उस समय शोक की लहर दौड़ गई जब वरिष्ठ अधिवक्ता नवरंग चौधरी के आकस्मिक निधन की सूचना सामने आई। 72 वर्षीय चौधरी का सोमवार तड़के ट्रेन यात्रा के दौरान हृदय गति रुकने से निधन हो गया। अपने बेबाक विचारों, स्पष्टवादिता और विधि क्षेत्र में मजबूत पकड़ के लिए पहचाने जाने वाले नवरंग चौधरी के निधन से बार एसोसिएशन सहित पूरे क्षेत्र में गहरा दुख व्याप्त है। जानकारी के अनुसार नवरंग चौधरी रविवार को एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए सीकर गए थे। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद वे ट्रेन से श्रीगंगानगर लौट रहे थे। यात्रा के दौरान सोमवार तड़के करीब चार बजे उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। बताया जा रहा है कि वे लघुशंका के लिए ट्रेन के टॉयलेट की ओर गए थे, जहां वे अचानक अचेत होकर गिर पड़े। ट्रेन में मौजूद यात्रियों ने तुरंत इसकी सूचना रेलवे अधिकारियों और जीआरपी पुलिस को दी। सूचना मिलते ही जीआरपी मौके पर पहुंची और उन्हें हनुमानगढ़ टाउन के सरकारी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। प्रारंभिक कारण हृदय गति रुकना बताया गया है। घटना की सूचना मिलते ही बार संघ के पूर्व अध्यक्ष चरणदास कंबोज और तपोवन ट्रस्ट के महेश पेडीवाल हनुमानगढ़ पहुंचे। आवश्यक औपचारिकताओं के बाद उनका पार्थिव शरीर श्रीगंगानगर लाया गया।
लगातार तीन बार सदस्य निर्वाचित
नवरंग चौधरी केवल एक वरिष्ठ अधिवक्ता ही नहीं, बल्कि विधि और सामाजिक क्षेत्र में भी एक प्रभावशाली व्यक्तित्व थे। वे बार काउंसिल ऑफ राजस्थान के तीन बार सदस्य रहे और श्रीगंगानगर बार संघ के अध्यक्ष पद पर भी रह चुके थे। अपने कार्यकाल में उन्होंने अधिवक्ताओं के हितों के लिए कई महत्वपूर्ण पहल कीं, जिनमें ई-लाइब्रेरी की स्थापना के लिए बजट स्वीकृति और कोरोना काल में अधिवक्ताओं के लिए आर्थिक सहायता दिलाने जैसे प्रयास शामिल हैं। इसके अलावा वे भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के पूर्व जिला सचिव और राज्य समिति सदस्य भी रहे। एक प्रखर वक्ता के रूप में उनकी पहचान थी। उन्होंने विधि महाविद्यालयों में व्याख्याता के रूप में भी सेवाएं दीं और कई युवा अधिवक्ताओं को मार्गदर्शन प्रदान किया।
इसलिए भी यादों में रहेंगे अधिवक्ता चौधरी
जिला स्थायी लोक अदालत के सदस्य डा. भुवनेश शर्मा का कहना है कि अधिवक्ता नवरंग चौधरी का अचानक चले जाना समाज के लिए एक बहुत बड़ी हानि है और उनके योगदान को बुलाया नहीं जा सकता उन्हेांने श्रीगंगानगर में बार काउंसिल आफ इंडिया से स्वीकृत ई लाइब्रेरी श्रीगंगानगर बार में स्थापित करवाया और संपूर्ण राजस्थान के अधिवक्ताओं का राज्य स्तरीय अधिवक्ता सम्मेलन श्रीगंगानगर में करवाया इसके प्रस्तावों पर अधिवक्ता हित में विस्तारित निर्णय बार काउंसिल ने लिया। इसके अलावा कोरोनाकाल में बार काउंसिल से श्रीगंगानगर के अधिवक्ताओं के लिए अतिरिक्त फंड का भुगतान सहायता के रूप में दिलवाया। वहीं नवीन अधिवक्ताओं के नामांकन संबंधी समस्याओं को चुटकी में समाधान कराने की कला और नए अधिवक्ता से संवाद रखने में महारत हासिल थी।
Updated on:
27 Apr 2026 11:22 pm
Published on:
27 Apr 2026 11:21 pm
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