Shivraj Sigh Chouhan Birthday: एमपी के सीहोर के गांव से दिल्ली की सत्ता तक, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के 67वें जन्मदिन पर जानिए उनका पूरा राजनीतिक सफर, और वो फैसले जिनसे बदल गई मध्यप्रदेश की सियासत
Shivraj Sigh Chouhan Birthday :मध्यप्रदेश की राजनीति में अगर किसी नेता को जनता ने सबसे अलग पहचान दी है, तो वे हैं शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan)। सीहोर जिले के एक छोटे से गांव से निकलकर चार बार मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री बनने और आज केंद्र सरकार में अहम जिम्मेदारी निभाने तक का उनका सफर भारतीय राजनीति की एक अनोखी कहानी है।
आज जब शिवराज सिंह चौहान 67 वर्ष के हो गए हैं, तो यह सिर्फ एक जन्मदिन नहीं बल्कि, उस राजनीतिक यात्रा का पड़ाव है जिसने, लगभग दो दशक तक मध्यप्रदेश की राजनीति की एक नई दिशा तय की।
शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Sigh Chouhan) का जन्म सीहोर जिले के जैत गांव में हुआ। साधारण किसान परिवार में पले-बढ़े शिवराज ने छात्र जीवन से ही सामाजिक और राजनीतिक गतिविधियों में हिस्सा लेना शुरू कर दिया था। कॉलेज के समय से ही वे छात्र राजनीति में सक्रिय रहे और बाद में भारतीय जनता पार्टी से जुड़कर अपना राजनीतिक करियर आगे बढ़ाया। 1991 में वे पहली बार सांसद बने और उसके बाद कई बार लोकसभा में मध्यप्रदेश का प्रतिनिधित्व किया। लेकिन उनकी असली पहचान तब बनी जब 2005 में उन्हें मध्यप्रदेश का मुख्यमंत्री बनाया गया।
शिवराज सिंह चौहान मध्यप्रदेश के इतिहास में सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने वाले नेताओं में शामिल हैं। उन्होंने लगभग 17 साल तक अलग-अलग कार्यकाल में प्रदेश की कमान संभाली। इस दौरान उन्होंने खुद को एक ऐसे नेता के रूप में स्थापित किया जो, सीधे जनता से संवाद करता है। गांव-गांव चौपाल, अचानक दौरे और जनता से सीधे बात करना उनकी राजनीति की पहचान बन गया।
मध्यप्रदेश की राजनीति में शायद ही कोई ऐसा उदाहरण मिलता है, जहां जनता ने किसी नेता को एक रिश्ते का नाम दिया। यहां महिलाओं और बच्चों ने शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Sigh Chouhan) को 'मामा' कहना शुरू किया। दरअसल महिलाओं और बेटियों के लिए शुरू की गई कई योजनाओं ने उन्हें यह पहचान दिलाई। धीरे-धीरे यह संबोधन इतना लोकप्रिय हो गया कि उनकी राजनीतिक पहचान ही बन गया।
शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Sigh Chouhan) के कार्यकाल में कई ऐसी योजनाएं शुरू हुईं, जिन्होंने मध्यप्रदेश की राजनीति और समाज दोनों पर गहरा असर डाला। यहां जानें प्रमुख योजनाएं, जिनसे शिवराज ने बदल दी एमपी की सियासत....
शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Sigh Chouhan) की सबसे बड़ी राजनीतिक खासियत उनकी जमीनी शैली रही है। वे अक्सर अचानक गांवों में पहुंच जाते थे, लोगों के घरों में भोजन करते थे और रात में चौपाल लगाकर समस्याएं सुनते थे। यही वजह है कि उन्हें एक ऐसे नेता के रूप में देखा गया जो जनता के बीच रहकर राजनीति करता है।
2023 के बाद मध्यप्रदेश की राजनीति में बदलाव आया और अब शिवराज सिंह चौहान राष्ट्रीय राजनीति में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। आज वे केंद्र सरकार में मंत्री के रूप में अपनी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों और कर्तव्यों का निर्वहन कर रहे हैं और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी राजनीतिक पहचान को आगे बढ़ा रहे हैं।
राजनीतिक एक्सपर्ट्स का कहना है कि शिवराज सिंह चौहान की सबसे बड़ी ताकत उनकी सादगी और संवाद शैली रही है। उन्होंने खुद को हमेशा एक ऐसे नेता के रूप में पेश किया जो जनता से सीधा जुड़ा हुआ है। इसी वजह से मध्यप्रदेश की राजनीति में उनका प्रभाव आज भी मजबूत माना जाता है।
बताते चलें कि सीहोर के एक छोटे से गांव से निकलकर मुख्यमंत्री और फिर केंद्रीय मंत्री बनने तक का शिवराज सिंह चौहान का सफर बताता है कि शिवराज की राजनीति सिर्फ सत्ता की कहानी नहीं बल्कि, जनसंपर्क और योजनाओं की राजनीति का उदाहरण भी है। उनके 67वें जन्मदिन पर यह कहना गलत नहीं होगा कि मध्यप्रदेश की राजनीति का एक बड़ा अध्याय उनके नाम से ही जुड़ा हुआ है।