
ट्रेन पटरियों पर सरपट दौड़ती जा रही थी। एक स्टेशन से दूसरा स्टेशन निकलते जा रहा था। तभी अचानक ट्रेन के ड्राइवर को असहनीय दर्द होने लगा। वह दर्द के कारण छटपटाने लगा। लोको पायलट की अचानक तबियत खराब हो गई। चलती ट्रेन में ड्राइवर की तबियत एकाएक ऐसी बिगड़ी की कोई सूझ—समझ नहीं पड़ी। आखिरकार उन्होंने ट्रेन को रोकने का ही फैसला लिया।
ड्राइवर ने वरिष्ठ अधिकारियों को भी यह बात बताई। सूचना मिलते ही अधिकारियों ने तुरंत मौके पर एंबुलेंस भेजी और लोको पायलट को अस्पताल में भर्ती कराया। ट्रेन रोकने की यह घटना श्रीधाम रेलवे स्टेशन पर हुई।
रेलवे के अधिकारियों के अनुसार एक मालगाड़ी के ड्राइवर की अचानक तबियत बिगड़ गई। जबलपुर से इटारसी जा रही मालगाडी को वहीं रोक दिया गया। लोको पायलट के पेट में असहनीय दर्द होने लगा था जिसके कारण ट्रेन को रोकना पड़ा। 108 एंबुलेंस से लोको पायलट को इलाज के लिए गोटेगांव स्वास्थ्य केन्द्र भिजवाया गया।
ड्राइवर की अचानक तबियत बिगड़ जाने से मालगाड़ी को इमरजेंसी में श्रीधाम रेलवे स्टेशन पर रोकना पड़ा। 108 एम्बुलेंस से मालगाड़ी के पायलट को श्रीधाम रेलवे स्टेशन से गोटेगांव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती करवाया गया। इलाज के बाद जब ट्रेन पायलट को कुछ राहत मिली तो उन्हें वापस श्रीधाम स्टेशन लाकर छोड़ा गया।