भोपाल

हनीट्रेप मामले की आरोपी श्वेता- आरती 5 नवंबर तक रिमांड पर

अदालत दिए सीआईडी को रिमांड पर सौंपने के आदेश
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Nov 01, 2019
Honeytrap case : जवान दिखने के लिए श्वेता ने कराई थी ये खास सरजरी, कई चौंकाने वाले वीडियो फुटेज उजागर
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मानव तस्करी के नए मामले में अदालत ने हनीटे्रप मामले की आरोपी श्वेता विजय जैन और आरती दयाल को पूछताछ के लिए 5 नवंबर तक पुलिस रिमांड पर सीआईडी को सौंपा है। रिमांड के दौरान सीआईडी दोनों के बैंक खाते और लॉकर खंंगालेगी। श्वेता-आरती हनीटे्रप मामले में इंदौर जेल में बंद थीं। अदालत से जारी प्रोडक्सन वारंट के पालन में इंदौर पुलिस ने दोनों को गुरूवार को न्यायिक मजिस्ट्रेट पुष्पक पाठक की अदालत में पेश किया।

सीआईडी के निरीक्षक मनोज शर्मा ने कोर्ट में बताया कि दोनों के खिलाफ मानव तस्करी का मुकदमा दर्ज है। मामले में दोनों के बैंक खाते-लॉकर्स की जानकारी और मानव तस्करी के संबंध में पूछताछ के लिए 5 नवंबर तक रिमांड पर सौंपा जाए। कोर्ट में दोनों की ओर से वकील राजेश कुमार ने यह कहकर पुलिस रिमांड का विरोध किया कि हनीट्रेप मामले में पूर्व में ही बैंक खाते- लॉकर से पुलिस ने राशि जब्त कर ली है। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद 5 नवंबर तक का पुलिस रिमांड मंजूर किया।

हनीटे्रप मामले से जुडी है मानव तस्करी की कड़ी

श्वेता विजय जैन और और आरती दयाल को पुलिस रिमांड पर सौंपने के आवेदन में बताया गया है कि दोनों के खिलाफ नगर निगम इंदौर के इंजीनियर हरभजन सिंह की शिकायत पर पलासिया थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। आरती दयाल ने हरभजन सिंह के आपत्तिजनक वीडियो क्लिप अपलोड करने के ऐवज में 3 करोड़ रूपए मांगे थे।

श्वेता विजय जैन ग्रामीण पृष्ठभूमि की अन्य पीडिताओं को उच्च शिक्षा दिलाने के बहाने भोपाल लाई और उन्हे सुनहरे भविष्य का झांसा देकर अवैध धंधे में धकेल दिया। गौरतलब है कि मोनिका यादव के पिता की शिकायत पर इंदौर की पलासिया थाना पुलिस ने मानव दुव्र्यापार और साजिश की एफआईआर दर्ज की थी। बाद में इस मामले की जांच सीआईडी को दे दी गई। अब सीआईडी ही इस मामले की जांच कर रही है, जिसका विवेचक मनोज शर्मा को बनाया गया है।

बेटी ने जताई पिता के साथ रहने की इच्छा, पूर्व विधायक सुरेन्द्र नाथ सिंह ने वापस ली याचिका

मप्र हाईकोर्ट के समक्ष राज्य सरकार ने बताया कि भोपाल के पूर्व विधायक सुरेंद्र नाथ सिंह की पुत्री भारती सिंह ने जिला अदालत भोपाल में बयान देकर पिता के ही साथ रहने की इच्छा जताई है। इस पर पूर्व विधायक सिंह की ओर से दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका वापस ले ली गई। कोर्ट ने इस बयान की प्रति पेश करने का निर्देश दिया। पुत्री भारती की याचिका पर जस्टिस संजय द्विवेदी की सिंगल बेंच ने अगली सुनवाई 13 नवंबर नियत की।

भाजपा के पूर्व विधायक सुरेंद्र नाथ सिंह ने बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर कर पुत्री भारती को अज्ञात लोगों द्वारा बंधक बनाने का आरोप लगाया था। वहीं, उनकी बेटी भारती सिंह ने अपने पिता सहित अन्य परिजनों पर अस्पताल में बेहोशी के इंजेक्शन देकर बंधक बनाकर रखने का आरोप लगाते हुए सुरक्षा की मांग की थी। गुरुवार को सुनवाई के दौरान पूर्व विधायक की ओर से बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका वापस लेने का निवेदन किया गया। भारती सिंह का पक्ष अधिवक्ता अंकित सक्सेना रख रहे हैं।

Updated on:
01 Nov 2019 07:50 am
Published on:
01 Nov 2019 07:50 am