Silver price: चांदी ने लगाई 17000 की छलांग, कीमतों ने निवेशकों को चौंकाया, सर्राफा बाजार एक्सपर्ट्स को उम्मीद इस हफ्ते 3 लाख का आंकड़ा छू सकती है चांदी, चांदी की चाल ने बदली बाजार की चाल तो निवेशकों ने लगा दी भोपाल, इंदौर, रतलाम के बाजारों में दौड़... जानें क्या कहते हैं हमारे एक्सपर्ट्स गहनों में या कॉइन्स और बिस्किट में... आखिर कहां करें निवेश?
Silver Price Break All Time Record: सोना और चांदी एक बार फिर चर्चा में है। लेकिन इस बार वजह इनकी कीमतें नहीं बल्कि इनकी चाल का अंतर है। हालिया कारोबार में जहां सोने ने सीमित बढ़त दिखाई है। वहीं चांदी बड़ी तेजी से उछली है। निवेशकों का पूरा ध्यान अब चांदी पर आ टिका है। इसका असर मध्य प्रदेश के प्रमुख सर्राफा बाजारों रतलाम, इंदौर और भोपाल में साफ नजर आ रहा है। वहीं बाजार पंडितों का कहना है कि निवेशक अभी घरों से बाहर निकले हैं, क्योंकि उम्मीद की जा रही है कि इस सप्ताह चांदी 3 लाख के स्तर को छू जाएगी।
पिछले कुछ कारोबारी सत्रों में चांदी के भाव (Silver Price) जिस तरह की छलांग लगाते दिखे हैं, उसने बाजार की दिशा बदल दी है। एमपी के बाजार एक्सपर्ट्स का मानना है कि अब चांदी सिर्फ गहनों तक ही सीमित नहीं रही। अब इंडस्ट्रियल मेटल के रूप में भी इसकी मांग लगातार और तेजी से बढ़ रही है। चाहे सोलर पैनल हों, इलेक्ट्रिक व्हिकल हों या फिर इलेक्ट्रॉनिक सेक्टर उद्योग के चलते चांदी की खपत लगातार बढ़ रही है। इसका सीधा असर इसकी कीमतों पर पड़ रहा है।
बाजार पंडित विनय वर्मा कहते हैं कि सोना अपनी पारंपरिक भूमिका में बना हुआ है। कीमतों में भले ही चांदी ने ज्यादा उछाल मारी हो, लेकि अनिश्चित वैश्विक माहौल में सोना अब भी सुरक्षित निवेश माना जा रहा है।
एमपी के कारोबारियों का कहना है कि निवेशक आज भी लंबी अवधि के लिए सोने को ही प्राथमिकता दे रहे हैं। जबकि तेज मुनाफे की तलाश करने वाले निवेशक चांदी (Silver Price) की ओर आकर्षित हो रहे हैं।
नवनीत अग्रवाल कहते हैं कि इंदौर में व्यापारिक गतिविधियों के चलते यहां चांदी की डिमांड ज्यादा है। वहीं राजधानी भोपाल में गहनों की मांग सीमित दिख रही है, लेकिन निवेश आधारित खरीदारी पर फोकस बढ़ा है। यहां स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि कीमतें ऊंचे स्तर पर होने के कारण ग्राहक एकमुश्त खरीदारी करने से बच रहे हैं। उन्हें इंतजार है कि जब भाव गिरेंगे, तब खरीदारी करेंगे। रतलाम में पारंपरिक सर्राफा बाजार है यहां खरीदी का हल्का जोर जारी है। लेकिन यहां निवेशक अलर्ट मोड में आ गए हैं।
नवनीत कहते हैं कि गहने जरूरत और परम्परा के लिए बेहतर हैं। लेकिन गोल्ड-सिल्वर बिस्किट, कॉइन शुद्ध निवेश के लिए ज्यादा फायदेमंद हैं। मेकिंग चार्ज और कटौती के कारण गहनों को निवेश के लिहाज से कमजोर माना जाता है। यदि आप बैंक से सिक्के या बिस्किट खरीदते हैं तो इसमें आपको बैंक को अलग से चार्जेस भी चुकाने होते हैं। इनकी वजह से मुनाफा कुछ कम होता है। वहीं किसी ज्वैलर्स से खरीदने जा रहे हैं तो मार्केट प्राइस पर आपको ये मिल जाते हैं अलग से या हिडन चार्जेस नहीं लगते हैं। लेकिन ज्वैलर्स से तभी खरीदें जब उन पर हॉलमार्क हो और वह 100% शुद्धता का जो बार आता है वही खरीदें। इसके साथ ही याद रखें इन्हें खरीदते वक्त बिल लेना बिल्कुल भी न भूलें। अगर आप भविष्य के विवाह कार्यक्रमों के लिए ही गोल्ड खरीद रहे हैं तो, ज्वैलरी में ही इन्वेस्ट करना उचित रहेगा।
विनय वर्मा और नवनीत अग्रवाल के साथ ही बाजार के कई एक्सपर्ट्स की एक ही राय है कि पूरा पैसा एक साथ न लगाएं। भाव में उतार-चढ़ाव को देखते हुए टुकड़ों या किस्तों में निवेश करना ज्यादा सही और सुरक्षित रणनीति है। लेकिन वे बाजार में उतर चुके हैं। चांदी में फिलहाल मुनाफे की संभावना ज्यादा बनी हुई है, लेकिन जोखिम भी उतना ही ऊंचा है। वहीं सोना अपेक्षाकृत स्थिर विकल्प बना हुआ है।
कुल मिलाकर कह सकते हैं कि हालिया तेजी में चांदी ने बेहतर प्रदर्शन किया है, सोने के मुकाबले में। लेकिन सोना फिर भी निवेशकों का भरोसा बना हुआ है। एमपी के बाजारों में निवेशक सतर्क हैं और रणनीतिक सोच के साथ निवेश की ओर कदम बढ़ा रहे हैं। आने वाले दिनों में ही पता चलेगा ये तेजी आखिर और कितना ऊंचा जाएगी?
स्थानीय मार्केट्स में सोना- 1 लाख 60 हजार 400 रुपए सोना।स्थानीय मार्केट्स में चांदी- 2 लाख 66 हजार 700 रुपएइस सप्ताह में सोना स्थानीय बाजारों में 1 लाख 65 हजार आ सकता है।चांदी छू सकती है 3 लाख का नया रिकॉर्ड बनने की उम्मीद।