भोपाल

कुख्यात सिमी आतंकी अबु फेज़ल और शराफत अली को 7 साल की सज़ा

दोनों ने बाइक चुराने और उसकी नंबर प्लेट बदलकर बैंक डकैती और हत्या का प्रयास जैसे अपराध किये थे।

2 min read
Oct 10, 2017

भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल की एक अदालत ने कुख्यात सिमी आतंकी अबू फैजल खान को 7 साल की जेल और 1 हज़ार का अर्थदंड की सजा सुनाई है। यह फैसला मंगलवार को विशेष न्यायाधीश गिरीश दीक्षित ने सुनाया। इसके अलावा अदालत ने मामले के दूसरे आरोपी शराफत अली पिता शब्बीर अली को भी 7 साल की सजा सुनाई। जबकि इस मामले के नामजद आरोपी मोहम्मद असलम की पिछले साल जेल ब्रेक एनकाउंटर में मौत हो चुकी है।

जानकारी के अनुसार इस मामले में 28 जनवरी 2010 को दिन में 3 से 4 बजे के बीच स्टेट बैंक के पास इटारसी में आरोपी अबू फैजल ने सह-अभियुक्त शराफत अली और मोहम्मद असलम के साथ मिलकर फरियादी कमलेश राठौर से मोटरसाइकिल (क्रमांक mp-05 MB-6430) छीन ली थी। इसी मामले में शराफत अली के विरुद्ध एक अन्य धारा के तहत भी मुकदमा दर्ज किया गया था।

ये भी पढ़ें

MP में कुपोषण: पूर्व मुख्यमंत्री गौर ने फिर उठाया मुद्दा अब विधानसभा में घेरेंगे सरकार

इस मोटरसाइकिल को छिनने के बाद आरोपी अबू फैजल व अन्य आरोपियों ने उक्त मोटरसाइकिल का नंबर बदलकर (MP-13 MB-5837) की नंबर प्लेट लगा ली थी। जिस पर इटारसी पुलिस ने आरोपी अबू फैजल के खिलाफ विधि विरुद्ध क्रियाकलाप अधिनियम 1967 की धारा 3/10 सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर जांच के बाद चालन अदालत में पेश किया था।

इस पूरे मामले को सुनने के बाद विशेष न्यायाधीश गिरीश दीक्षित ने आरोपी अबू फैजल और शराफत को चोरी के मामले में 3 साल की जेल और 1000 जुर्माने और धारा 468 में 7 साल की जेल और 2000 जुर्माने की सजा सुनाई है।

अबू फैजल जेल से भागने का भी कर चुका है प्रयास:
इससे पहले भोपाल की सेंट्रल जेल में कैद सिमी के आतंकी मास्टरमाइंड अबू फैजल ने जेल से भागने का प्रयास किया था, लेकिन कड़े पहरे के कारण वह कामयाब नहीं हो सका। जेल से भागते समय फैजल का एक पैर सींखचों में फंस गया और फ्रेक्चर हो गया था। जेल प्रशासन ने इसके बाद उसकी सेल के बाहर पहरा और कड़ा कर दिया।

सुरक्षाकर्मियों को भी धमकाया था :
अबू फैजल ने भागने के प्रयास में नाकाम होने से पहले तैनात प्रहरियों को भी धमकाया था। उसने प्रहरियों की वर्दी उतरवाने तक भी धमकी दी थी। दूसरी तरफ इन आतंकियों के परिजन ने जेल प्रशासन पर दबाव भी बनाया था। उन्होंने शिकायत की थी कि आतंकियों तक उनका सामान नहीं पहुंचता। साथ ही कैदियों को 24 घंटे सेल में रखा जाता है।

मारे गए थे आठ आंतकी :
वहीं पूर्व में 31 अक्टूबर 2016 को सिमी के आठ आंतकी मुख्य प्रहरी का गला रेतकर जेल से फरार हो गए थे। इन्हें राजधानी पुलिस ने आठ घंटे के भीतर अचारपुरा गांव में एनकाउंटर में मार गिराया था। तब से जेल में बंद मास्टरमाइंड अबू फैजल के साथ 21 सिमी आतंकियों को सख्त पहरे में रखा गया।

ये भी पढ़ें

update News:मध्यप्रदेश में 14 अक्टूबर से पेट्रोल डीजल सस्ता, हुई अधिकारिक घोषणा
Published on:
10 Oct 2017 04:20 pm
Also Read
View All