राजधानी में पार्किंग को व्यवस्थित करने की कवायद
भोपाल. राजधानी में पार्किंग को व्यवस्थित करने की कवायद निगम की जेब से दस करोड़ रुपए खर्च करने के बावजूद सफल नहीं हो पाई। आमजन की राशि से माइंडटेक कंपनी द्वारा विकसित पार्किंग स्थल डेढ़ साल बाद भी क्षमता से 30 फीसदी भी वाहनों को पार्क नहीं हो रहे हैं। ज्यादातर पार्किंग खाली पड़ी रहती हैं। इन पार्किंग के रियल टाइम डाटा से ही स्थिति स्पष्ट हो रही है। गौरतलब है कि शहर की 55 पार्किंग माइंडटेक के संचालन मे करने की कवायद की जा रही है। प्रतिमाह 25 लाख रुपए की वसूली तभी होगी। अभी माइंडटेक लाभ वाले स्थलों पर काम कर रही है। दायरे से बाहर वसूली कर खुद की कमाई बढ़ाई जा रही। इसका निगम को लाभ नहीं मिल रहा।
निगम को नहीं मिली कोई राशि
माइंडटेक कंपनी से किए अनुबंध के तहत पार्र्किंग स्थल विकसित करने का खर्च निगम को देना है। स्थिति ये हैं कि ठेका कंपनी मनमर्जी से निर्माण राशि जोड़ रही है और निगम को भुगतान करने वाली राशि से इसे काट रही है। ऐसे मे अब तक निगम को कोई लाभ नहीं मिला।
इसलिए विकसित की
बाजारों में सड़क के बीच तक वाहनों की पार्किंग रोकने। वाहनों को सुरक्षित पार्र्किंग की सुविधा देने के साथ ही निगम को पार्किंग का पूरा राजस्व दिलाने का उद्देश्य था। ऑन स्ट्रीट पार्किंग में वाहन एक निश्चित सीमा तक ही पार्क हो। लोगों को बाजारों में पार्किंग स्थल खोजने यहां-वहां भटकना न पड़े।
अभी ये स्थिति
ऑनस्ट्रीट पार्किंग में कम और सड़क पर अवैध स्थलों पर अधिक पार्र्किंग हो रही है। माइंडटेक के साथ ही निगम के कर्मचारी और पार्किंग के पुराने ठेकेदार वसूली कर रहे। लोगों के वाहनों की सुरक्षा का ध्यान नहीं। हाइटेक प्रणाली के तहत कैमरे तक नहीं लगाए गए।
ये हैं स्थिति
पार्किंग स्थल क्षमता चार पहिया दो पहिया
जीटीबी कॉम्प्लेक्स 200 22 00
छप्पन भोग 40 10 00
दस नंबर 400 78 64
केके प्लाजा 350 60 20
विक्रमादित्य कॉलेज 300 36 25
सदर मंजिल 450 41 50
सरगम सिनेप्लेक्स 600 28 11
आइसीआइसी बैंक के सामने 550 161 30
रेलवे लाइन सुलभ 170 33 50
मिलन से ओरिएंटल 250 136 50
सुरभि होटल 140 27 60
मनोहर ऑनस्ट्रीट 155 15 00
बोट क्लब 750 31 00
सेल्फी पॉइंट 110 46 24
दस नंबर स्ट्रीट 400 25 00
मानसरोवर 320 34 33
चटोरी गली 280 90 94
न्यू मार्केट स्ट्रीट 850 00 163
नोट- शाम पांच बजे से सात बजे तक की रियल टाइम पार्किंग डाटा है।
एक ही एजेंसी के पास काम होने से व्यवस्था पहले की अपेक्षा सुधरी तो है। हम कोशिश कर रहे हैं कि धीरे-धीरे सुव्यवस्थित स्थिति में पार्किंग आ जाए। लोगों को पार्किंग में गाड़ी खड़ी करने के लिए प्रोत्साहित करने की जरूरत है।
कमल सोलंकी, अपर आयुक्त