व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग सिस्टम के लिए बनाया कमांड सेंटरआपातकाल में सुरक्षा देगा पैनिक बटन, बसों टैक्सियों में लगाने के आदेश जल्द
भोपाल। महिला यात्रियों की सुरक्षा को पुता करने के लिए परिवहन विभाग जल्द ही सभी बसों और टैक्सियों में पैनिक बटन सुविधा अनिवार्य करने जा रहा है। इसके लिए आदेश जल्द जारी होंगे। व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग सिस्टम के तहत भोपाल के कोकता स्थित परिवहन कार्यालय में कंट्रोल सेंटर भी तैयार किया गया है। इस सेंटर से पूरे मप्र में दौड़ रहीं बसों समेत अन्य सार्वजनिक परिवहन के वाहनों की ट्रैकिंग हो सकेगी।
दरअसल, निर्भया कांड के बाद बसों समेत अन्य वाहनों में महिला यात्रियों की सुरक्षा के लिए पैनिक बटन लगाए जाने की कवायद हुई थी। इसी क्रम में निर्भया फंड से मिले 16 लाख रुपए भोपाल में कंट्रोल सेंटर बनाया गया है। जैसे ही किसी बस या वाहन में लगे पैनिक बटन को दबाया जाएगा, वैसे ही उसकी सूचना इस सेंटर तक पहुंचेगी। यहां से संबंधित वाहन का नंबर और उसकी मौजूदा लोकेशन ट्रेस कर नजदीकी पुलिस थाने को इसकी सूचना दी जाएगी। इस पूरी कवायद का उद्देश्य महिला यात्रियों को किसी भी आपात स्थिति में सुरक्षित रखना है।
ऐसे काम करेगा ये सिस्टम
यात्री बसों समेत ओलाउबर या अन्य टैक्सियों में पैनिक बटन लगाना अनिवार्य होगा। इस बटन के साथ ही जीपीएस सिस्टम भी होगा, जिससे वाहन की लोकेशन पता चल सके। व्हीकल लोकेशन सिस्टम से उन यात्री बसों को भी पकड़ा जा सकेगा, जो तय रूट के अलावा अन्य मार्गों पर दौड़ रही हैं।
वाहन मालिक को ही लगवाना होगा बटन
बसों और टैक्सियों समेत अन्य सार्वजनिक परिवहन के वाहनों में पैनिक बटन और जीपीएस वाहन मालिक को स्वयं के खर्च पर लगवाना होगा। परिवहन विभाग जल्द हीइन वाहनों में पैनिक बटनलगाने जाने संबंधी कार्रवाई करने जा रहा है। मुकेश जैन, आयुक्त, परिवहन विभाग का कहना है कि आपात स्थिति में इस बटन को दबाने से कंट्रोल रूम में सूचना मिलेगी। यहां से वाहन की लोकेशन और नंबर की जानकारी संबंधित थाने को दी जाएगी, ताकि तत्काल सहायता मिल सके।