भोपाल

राकेश सिंह को मिली भाजपा की कमान, जानिये क्या रही वजह!- also see video

राकेश सिंह को मिली भाजपा की कमान, जानिये क्या रही पीछे की वजह!

3 min read
Apr 18, 2018

भोपाल@हरीश दिवेकर की रिपोर्ट...

मध्यप्रदेश में होने वाला विधानसभा चुनाव के मद्देनजर भारतीय जनता पार्टी ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी है। चुनाव के मद्देनजर ही बीजेपी ने प्रदेश अध्यक्ष के रूप में राकेश सिंह को चुना है। राकेश सिंह लोकसभा में भारतीय जनता पार्टी के चीफ व्हिफ भी हैं।

ये भी पढ़ें

ATM मशीनों में पड़ा कैश का सूखा, जानिये अभी और लगेंगे कितने दिन!

ऐसे जाने राकेश सिंह का राजनैतिक कॅरियर...
राकेश सिंह जबलपुर से तीन बार सांसद रहे हैं। राकेश सिंह 2004 से जबलपुर संसदीय सीट से सांसद हैं। 2014 में वो तीसरी बार लोकसभा पहुंचे हैं।

संगठन का अनुभव...
राकेश सिंह को मजबूत संगठनात्मक कौशल रखने वाले व्यक्ति के रूप में जाना जाता है। वह महाराष्ट्र बीजेपी के भी प्रभारी हैं। वह विभिन्न संसदीय समिति के सदस्य भी हैं।

गौरतलब है कि अब इनके ऊपर चुनाव से पहले संगठन को मजबूत करने और राज्य में बीजेपी के लिए एंटी इनकंबेंसी जेसे माहौल को खत्म करने की जिम्मेदारी भी होगी।

इससे पहले नंदकुमार सिंह चौहान इस्तीफा दे चुके हैं और नए अध्यक्ष के लिए जबलपुर सांसद राकेश सिंह के नाम पर सहमति बने की आधिकारिक घोषणा भी दिल्ली से की गई।

नए अध्यक्ष के लिए दिग्गज नेता नरेंद्र सिंह तोमर, नरोत्तम मिश्रा और राजेंद्र शुक्ला के नाम पर भी चर्चा हुई। अंतिम समय तक नरोत्तम मिश्रा को अध्यक्ष बनाये जाने की चर्चा रही। अंत में राकेश सिंह का नाम तेजी से सामने आया और उनके नाम पर सहमति बन गई।

चुनाव की तैयारियां
वहीं इसे प्रदेश में होने वाला विधानसभा चुनाव से जोड़कर माना जा रहा है, जानकारों के अनुसार भारतीय जनता पार्टी ने चुनावों को लेकर अपनी तैयारियां शुरू कर दी है। चुनाव के मद्देनजर ही बीजेपी ने प्रदेश अध्यक्ष के रूप में राकेश सिंह को चुना है। राकेश सिंह लोकसभा में भारतीय जनता पार्टी के चीफ व्हिफ भी हैं।

ये हुआ फेरबदल...
दिल्ली हाईकमान द्वारा नियुक्ति का पत्र जारी कर दिया गया है। इस पत्र के अनुसार राकेश सिंह प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष बनाये गए हैं। वहीं पूर्व प्रदेश अध्यक्ष नंदकुमार सिंह चौहान राष्ट्रीय कार्यसमिति के सदस्य बनाये गए हैं|

ये है राकेश सिंह का बायोडेटा...
शिक्षा :बीएससी, साईंस कालेज, जबलपुर (म.प्र.)

राजनैतिक गतिविधियं:-
- 1978-1979: साईंस कॉलेज में बीएससी प्रथम वर्ष में महाविद्यालय की कार्यकारिणी के सदस्य निर्वाचित।

- 1979-1980: साईंस कॉलेज में विश्वविद्यालय प्रतिनिधि ।

- 1994-1995: जबलपुर टिम्बर मर्चेन्ट्स एण्ड सॉ मिल ओनर्स एसोसिएशन की कार्यकारिणी में सर्वाधिक मतों से निर्वाचित सदस्य।

- 1994: विधान सभा चुनाव में बरगी विधानसभा क्षेत्र के भारतीय जनता पार्टी के चुनाव संचालक ।

- 1999: विधान सभा चुनाव में बरगी विधानसभा क्षेत्र के भारतीय जनता पार्टी के चुनाव संचालक।

- 2001: जिलाध्यक्ष, भारतीय जनता पार्टी, जिला जबलपुर (ग्रामीण) पद पर नियुक्त ।

वहीं ‘गांव चलो-घर चलो’ अभियान भाजपा जबलपुर जिला ग्रामीण के द्वारा प्रारंभ किया गया था जिसे पूरे देश में आंदोलन के स्वरूप् में भारतीय जनता पार्टी ने चलाया।

- 2004: जबलपुर संसदीय क्षेत्र से 14/वीं लोक सभा के लिये संसद सदस्य के रूप में लगभग एक लाख मतों से विजयी।

- 2009: जबलपुर संसदीय क्षेत्र से 15/वीं लोक सभा के लिये संसद सदस्य के रूप में लगभग एक लाख से अधिक मतों से विजयी।

- 2010: प्रदेश महामंत्री, भारतीय जनता पार्टी, मध्यप्रदेश।

ये भी है खास...

- राकेश सिंह जबलपुर से तीन बार सांसद रहे हैं|

- पहली बार 2004 मे कांग्रेस के विश्वनाथ दुबे को 97000 से हराया।

- 2008 में रामेश्वर नीखरा को 106000 वोट से हराया।

- 2014 में विवेक तन्खा को 208000 वोट से हराया।

- घर मे पत्नी के अलावा 2 बच्चियां,माता और छोटा भाई

- मूलतः जबलपुर के रहने वाले हैं।

-टिम्बर व्यवसाय के अलावा किसान भी हैं।

-2001 से 2004 तक ग्रामीण जिला अध्यक्ष जबलपुर रहे।

- 2004 से लगातार सांसद बने।

- राकेश सिंह की उपलब्धि- रेल सुविधा बड़ी।

- जबलपुर से देश के हर कोने में हवाई सुविधा शुरू।

-शहर को बड़े फ्लाई ओवर ब्रिज की सौगात दी।

-2010 में प्रदेश के महामंत्री रहे।

- 5 दिसम्बर को माला सिंह से विवाह हुआ था।

वहीं आज दोपहर करीब 3.45 बजे भाजपा के नए प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह पूर्व भाजपा अध्यक्ष नंदकुमार सिंह से मिलने उनके घर पहुंचे।

जानिये जीत का गणित...
भाजपा ने मप्र के प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए सांसद राकेश सिंह के नाम का एलान कर दिया है। इसी के साथ अब इस ताजपोशी के कारण भाजपा को होने वाले नफा नुक्सान का आंकलन शुरू हो गया है।

ज्ञात हो कि सांसद राकेश सिंह पिछड़ा वर्ग से आते हैं। मप्र में पिछड़ा वर्ग के 54% वोट हैं। सीएम शिवराज सिंह भी इसी वर्ग से आते हैं। ऐसे में जानकारों का मानना है कि मप्र के चल रहे वर्ग संघर्ष में यही एकमात्र उचित व उत्तम समाधान था।

राजनीतिक रणनीति का हिस्सा...
ऐसे में राजनीति के जानकारों द्वारा राकेश सिंह की ताजपोशी प्रदेश में बड़ी राजनीतिक रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है। कहा जा रहा है कि भाजपा राज्य के मालवांचल की तरह महाकौशल में भी अपनी पेठ बनाना चाहती है।


राकेश सिंह की मजबूत जातीय और क्षेत्रीय पकड़ इसमें पार्टी के लिए फायदेमंद हो सकती है। केन्द्रीय नेतृत्व ने पूर्व से ही राकेश सिंह का नाम तय कर लिया था। सीएम शिवराज सिंह को इसकी जानकारी दी गई और तय रणनीति के तहत कोर कमेटी की बैठक में शिवराज सिंह ने खुद राकेश सिंह का नाम प्रस्तावित किया।

ये भी पढ़ें

ये माह आपके लिए रहेगा चमत्कारी, जानिये नाम के अक्षरों से अपना भविष्य!
Published on:
18 Apr 2018 05:05 pm
Also Read
View All