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ATM मशीनों में पड़ा कैश का सूखा, जानिये अभी और लगेंगे कितने दिन!

एटीएम मशीनों में कैश का सूखा, जानिये कब तक सुधरेगी स्थिति

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भोपाल।मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल सहित प्रदेश के अन्य जिलों की एटीएम मशीनों में कैश का सूखा पड गया है। इसके चलते लोगों की परेशान में हर रोज इजाफा हो रहा है।

सामने आ रही जानकारी के अनुसार केवल राजधानी भोपाल में ही करीब 60 से 70 फीसदी एटीएम खाली पड़े हैं, ऐसे में कैश के लिए लोग यहां से वहां भटकने को मजबूर बने हुए हैं।

वहीं दूसरी ओर अक्षय तृतीया के अवसर पर भी पैसे ना निकल पाने से आम आदमी नाराज बना हुआ है। दरअसल अक्षय तृतीया पर लोग खरीददारी कर नया सामान घर लाते हैं, लेकिन कैश की कमी से जहां लोग कुछ नया नहीं खरीद पा रहे हैं वहीं बाजार में लोगों की कमी से रौनक सी गायब दिख रही है।

वहीं ATM में कैश की कमी को लेकर बुधवार को 6 नंबर मार्केट में दोपहर 1 बजे जिला कांग्रेस अध्यक्ष पीसी शर्मा के नेतृत्व में प्रदर्शन किया गया। इस दौरान वार्ड-46 के पार्षद गुड्डू चौहान भी मौजूद रहे।

राजधानी भोपाल के अधिकांश ATM में कैश ना होने से हर आदमी निराश है। वहीं इस संबंध में लोगों का कहना हैकि अचानक से इस तरह से समस्या सामने आ जाने से उन्हें भारी परेशानी उठानी पड़ रही है।

लोगों का कहना है कि हम कई एटीएम के चक्कर लगा चुके हैं पर कैश की कमी के चलते कहीं से भी पैसा नहीं निकला।


वहीं इन सब के अलावा अक्षय तृतीया के अवसर पर हो रही शादियों पर भी लोगों को कैश की किल्लतों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं राजधानी भोपाल में आज हो रही एक शादी के संबंध में उस घर के लोगों ने बताया कि एटीएम से रुपए नहीं निकल पाने के कारण वे दोस्तों और रिश्तेदारों से थोड़े-थोड़े पैसे लेकर काम चला रहे हैं।


प्रदेश के अन्य जिलों में भी अधिकांश एटीएम मे पैसा नहीं होने पर आमजनों को परेशान होना पड़ रहा है। शादी विवाह के सीजन मे पैसा नहीं मिलने से उपभोक्ता परेशान हो रहे हैं। इतना ही नहीं यहां तक सूचनाएं आ रही है कि कई बैंकों के एटीएम के शटर तक पर बैक प्रबंधन ने ताले तक लगा दिए हैं।

ATM नहीं उगल रही कैश...
नवंबर 2016 के बाद एक बार फिर देश में एटीएम मशीनें कैश नहीं उगल रही हैं। इसका सीधा असर आम जिंदगी पर देखने को मिल रहा है। वहीं त्यौहार और शादियों के सीजन में एटीएम में सूखा पड़ने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गईं हैं।

वहीं इस संबंध में सरकार और रिजर्व बैंक का कहना है कि कैश की किल्लत नहीं है लेकिन कुछ राज्यों की सप्लाय में कमी आने से ऐसा हुआ है। सरकार का कहना है कि हालात सामान्य होने में अभी कुछ वक्त लग सकता है।

वहीं विपक्ष ने इसे वित्तीय इमरजेंसी करार दिया है। हालात यह हैं कि लोगों को एक बार फिर से नोटबंदी के दिन याद आने लगे हैं।

ये बताया जा रहा है कारण...
बताया जा रहा है कि 2000 और 500 रुपए के नोट पहले से ही एटीएम में नहीं थे, जिसके चलते लोगों द्वारा निकाली गई नकदी (जिसमें 100,200 के नोट ही शामिल थे) के चलते सब खाली हो गए।

वहीं कई जगह एटीएम मशीन भी खराब पड़ी हुईं है। इनके अलावा कहीं ऑउट ऑफ सर्विस के नोटिस चिपके हैं तो कई जगह मशीनों में एर्र लिखा आ रहा है। इनके अलावा ग्रामीण इलाकों में भी एटीएम से कैश नहीं निकलने की सूचना है।

कितने दिन में सामान्य होगी स्थिति?
वित्तीय सेवा से जुड़े सूत्रों का कहना है कि देश के विभिन्न हिस्सों में एटीएम नकदी की कमी 5 से सात दिनों में सामान्य हो जाएगी।

वित्त मंत्रालय की ओर से जारी किए गए बयान के मुताबिक देश में पिछले तीन महीनों में मुद्रा की मांग में असाधारण उछाल देखा गया है। देश के जिन हिस्सों में मांग में यह असामान्य उछाल आया है उनमें आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, मध्य प्रदेश और बिहार शामिल हैं।