भोपाल

SSC परीक्षा पास कर चुका युवक बना मुन्नाभाई, 70 हजार रुपए लेकर रेलवे की दे रहा था परीक्षा

बायोमेट्रिक अटेंडेंस में पकड़ाया मुन्नाभाई, बिहार से जुड़े हो सकते हैं तार
2 min read
• •
Updated: 4 Sep 2018, 10:37 AM IST
exam
exam

भोपाल. असिस्टेंट लोको पायलट की परीक्षा में पुलिस ने एक मुुन्ना भाई को गिरफ्तार किया है। वो अपने दोस्त के स्थान पर परीक्षा देने आया था। इसके बदले दोस्त से 70 हजार रुपए की डील भी हुई थी। परीक्षा सेंटर में बायोमैट्रिक कैमरे के सामने उसके चेहरे का मिलान नहीं हो पाया था। खास बात यह है कि वह एसएससी की परीक्षा पास कर चुका है और रीजनिंग और अन्य विषयों पर उसकी जबर्दस्त पकड़ है। युवक बिहार का रहने वाला है। इस मामले में पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है।

बिलखिरिया थाना प्रभारी लोकेंद्र सिंह ठाकुर ने बताया कि आइओएन डिजिटल जोन आदमपुर सेंटर में 31 अगस्त को रेलवे की असिस्टेंट लोको पायलट परीक्षा थी। इस परीक्षा में बिहार के कटिहार जिले के ग्राम सूरजगड़ा निवासी मनीष कुमार पिता ब्रह्मदेव ने असिस्टेंट लोको पायलट का फार्म भरा था। परीक्षा शुरू होने से पहले चेकिंग टीम ने प्रवेश पत्र चेक किया और सबको अंदर जाने दिया। इसके बाद दूसरे गेट पर सभी अभ्यर्थियों का बायोमेट्रिक जांच की गई। जिसमें वह पकड़ाया गया। युवक को पकड़ कर पुलिस के हवाले कर दिया गया। पूछताछ की तो उसने अपना नाम बिहार के कटिहार जिले के ग्राम सूरजगड़ा निवासी गुड्डू कुमार बताया। उसने बताया कि परीक्षा देने के लिए उसे 70 हजार रुपए मिले थे।

एसएससी की परीक्षाएं कर चुका है पास

गुड्डू बीए पास है। मैथ्स और रीजनिंग उसकी अच्छी है। वो एसएससी की प्री और मेंस निकाल चुका है। गुड्डू और मनीष दोनों का घर आस-पास ही है। इस कारण दोनों के बीच इसकी डील हो गई। स्थिति ये थी कि मनीष भोपाल भी नहीं आया था, उसने अपने स्थान पर गुड्डू को भेज दिया। इसके लिए गुड्डू को आने-जाने का किराया से लेकर होटल में रहने तक की व्यवस्था की गई थी। गुड्डू इससे पहले भी किसी की परीक्षा दे चुका है यहां पहली बार उसने परीक्षा दी है। इनके बीच कौन से गिरोह चल रहे हैं,तमाम सवालों के जवाब पुलिस इनसे खंगाल रही है।

बिलखिरिया में पहले भी पकड़े गए मुन्ना भाई

जुलाई 2016 में पुलिस कंप्यूटर संवर्ग परीक्षा का आयोजन हुआ था। रायसेन रोड स्थित एक कॉलेज में हुई परीक्षा में उत्तरप्रदेश के मथुरा में रहने वाले ऋषिकुमार नामक युवक ने भी हिस्सा लिया था। ऋषिकुमार अपने स्थान पर किसी अन्य को शामिल कराकर सफल होने में कामयाब हो गया। लेकिन जब वह छिंदवाड़ा में ज्वाइनिंग देने पहुंचा, तो बॉयोमेट्रिक टेस्ट में उसकी पोल खुल गई। पड़ताल में पुलिस को पता चला कि युवक के लिखित परीक्षा के समय लिए गए फिंगर प्रिंट, फिजिकल टेस्ट के दौरान लिए गए फिंगर प्रिंट से अलग हैं। फर्जीवाड़ा का शक होने पर छिंदवाड़ा के कुंडीपुरा थाने में ऋषिकुमार के खिलाफ जीरो पर धोखाधड़ी, जालसाजी करने का केस दर्ज कर केस डायरी बिलखिरिया थाने भेजी गई थी।

एक टीम जाएगी बिहार

इस मामले के खुलासा होने के बाद किसी गिरोह से इंकार नहीं किया जा सकता है। इस मामले में पड़ताल करने के लिए हमारी एक टीम बिहार जाएगी और वहां पर इनके परिवार के लोगों से पूछताछ करेगी। गुड्डू अभी तक ये बोल रहा है कि वो पहली बार परीक्षा दिया था लेकिन हम लोगों को संदेह है। पूछताछ के बाद ही मामला स्पष्ट हो पाएगा।

दिनेश कौशल, एएसपी जोन- टू

Published on: