Stamp Duty: महिलाओं को करीब ढाई फीसदी की और छूट मिल सकती है। यदि ऐसा होता है तो महिलाओं के नाम ज्यादा संपत्तियां खरीदी जाएंगी।
Stamp Duty: आम बजट के प्रावधानों का असर भोपाल में चालू वित्तीय वर्ष में संपत्ति की खरीदी-बिक्री में दिखेगा। महिलाओं को संपत्ति खरीदी में रियायत की घोषणा के बाद इस साल कम से कम 8000 करोड़ की संपत्तियां सिर्फ महिलाओं के नाम खरीदे जाने की उम्मीद है। 2023 में शहर में महिलाओं के नाम पर 7200 करोड़ रुपए की संपत्तियां खरीदी गई थीं। इसके साथ ही सोलर एनर्जी में छूट के एलान के बाद रूफ टॉफ पैनल भी रफ्तार पकड़ेगा।
महिलाओं के नाम संपत्ति खरीदी में स्टांप शुल्क में अभी दो फीसदी की छूट की सुविधा है। अब इसमें करीब ढाई फीसदी की और छूट मिल सकती है। यदि ऐसा होता है तो महिलाओं के नाम ज्यादा संपत्तियां खरीदी जाएंगी। वर्तमान में भोपाल की आबादी 23.68 लाख के करीब है। इनमें 11.28 लाख महिलाएं हैं। इस हिसाब से यह आंकड़ा काफी बड़ा हो सकता है।
अभय छाजड़, कर सलाहकार का कहना है कि स्टांप ड्यूटी में महिलाओं को छूट से लेकर संपत्ति विक्रय में इंडेक्सेशन टैक्स खत्म करने से लाभ और हानि व्यक्तिश: तय होगी। इसमें स्थिति परिस्थिति के अनुसार ही निकालना होगा कि लाभ होगा या हानि। पूंजीगत लाभ से कुछ में राहत मिलेगी तो कहीं ज्यादा टैक्स देने की स्थिति बनेगी।
बजट में पीएम आवास शहरी-02 के तहत देशभर में एक करोड़ रुपए आवास बनने हैं। पीएम आवास योजना 1.0 में भोपाल में चार साल में एक लाख आवास बनने थे, हालांकि ये 25 हजार ही बन पाए।
बजट में संपत्ति विक्रय में इंडेक्सेशन टैक्स को खत्म कर दिया गया है। ऐसे में पैतृक संपत्ति या परिवार के सोने को बेचने पर अब ज्यादा टैक्स चुकाना होगा। संपत्ति की खरीदी बिक्री पर मिलने वाले इंडेक्सेशन लाभ को हटाया है। पूंजीगत लाभ को 20 फीसदी से घटाकर 12.5 फीसदी किया है। इंडेक्सेशन के तहत 20 साल में संपत्ति की कीमत को तीन गुना तय करते हुए उसके अनुसार टैक्स लगता है, लेकिन इसके हटने से संपत्ति के मौजूदा मूल्य से ही संपत्ति खरीदी और विक्रय के बीच लंबा अंतराल है तो फिर 12.5 फीसदी की दर से विक्रय टैक्स लगेगा।
बजट में पीएम सूर्य घर योजना के तहत रूफ टॉप पैनल से एक करोड़ घरों में 300 यूनिट बिजली फ्री का लक्ष्य है। भोपाल में 25 हजार सोलर पैनल की स्थापना होनी थी, इसके सापेक्ष पांच फीसदी पैनल नहीं लग पाए हैं। सरकार ने भोपाल में 846 मेगावाट बिजली सोलर से बनाने का लक्ष्य तय किया है। नए बजट की घोषणाओं के बाद सोलर पैनल लगवाने की रफ्तार तेज होगी।