भोपाल

‘स्टेट’ की 89 कारों से हर महीने 20 हजार लीटर तेल खपत, कार पूलिंग से तीन चौथाई बचेगा

MP News : स्टेट गैरेज के अलावा हजारों अनुबंधित वाहन भी चल रहे हैं। अनलिमिटेड ईंधन खर्च की अनुमतियों पर भी लगाम लगानी होगी। सीएम मोहन के काफिले में अब 13 की जगह 8 ही वाहन चलेंगे। रैलियों भी नहीं करेंगे।

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'स्टेट' की 89 कारों से हर महीने 20 हजार लीटर तेल खपत (Photo Source- Patrika)

MP News : अमरीका - ईरान युद्ध से गहराते वैश्विक संकट के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेट्रोल-डीजल बचाने की अपील की। सोमवार को कैबिनेट में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी मंत्रियों से पीएम की अपील का पालन करने के लिए प्रेरित करने की बात कही। उन्होंने कहा, पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करें। वर्क फ्रॉम होम, वर्चुअल मीटिंग और इलेक्टिक वीकल के इस्तेमाल पर जोर दिया। पीएम-सीएम की अपील का मंगलवार को पहली ही नजर में इसका असर भी नजर आया।

ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ई-स्कूटी पर सवार दिखे। मद्य प्रदेश लघु उद्योग निगम के नवनियुक्त अध्यक्ष सत्येंद्र भूषण सिंह, खादी ग्रामोद्योग के अध्यक्ष पंकज जोशी और उपाध्यक्ष राकेश सिंह जादौन ई-रिक्शा से निकले। लेकिन, ये सब ड्रामा ही निकला। माननीय खुद ई-रिक्शा पर बैठे, पीछे समर्थकों का कारवां गाड़ियों से चलता रहा।

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भाजपा कार्यालय के बाहर खुल गई पोल

जनता को प्रेरणा देने वाले माननीयों की कारगुजारी की पोल प्रदेश भाजपा कार्यालय के सामने ही खुल गई। अरेरा कॉलोनी स्थित भाजपा दफ्तर के सामने की सड़क पर इन नेताओं के समर्थकों की सैकड़ों गाडियां पहुंचीं, जो घंटों खड़ी रहीं। इस बीच पत्रिका ने स्टेट मोटर गैराज के आंकड़े खंगाले तो चौंकाने वाले ही निकले। स्टेट गैराज की 89 गाड़ियों से भी हर महीने 20 हजार लीटर डीजल-पेट्रोल खर्च हो रहा है। जानकारों की मानें तो पीएम की अपील से लोगों को तब प्रेरणा मिलेगी, जब मंत्री-अफसर, निगम-मंडलों के अध्यक्ष कार पुलिंग कर एक साथ चलेंगे। ऐसा करने पर 3 चौथाई यानी 15 हजार लीटर ईंधन एक माह में बच सकेगा।

एक मंत्री के काफिले में 7-8 वाहन!

मंत्रियों को स्टेट मोटर गैराज से सिर्फ एक गाड़ी मिलती है। उनके साथ पुलिस की एक गाड़ी भी चलती है। साथ ही जिस विभाग के मंत्री होते हैं, उस विभाग के अफसरों की गाड़ी भी साथ ही चलती है। बताते हैं, कई मंत्री एक सरकारी गाड़ी में पीआर टीम भी लेकर चलते हैं। इसके अलावा समर्थकों की 1-2 गाड़ियां साथ चल रही हैं। यानी, एक मंत्री के काफिले में 7-8 गाड़ियां दौड़ रही हैं।

कोटा 250 लीटर, बाहर अनलिमिटेड

स्टेट मोटर गैराज से मिली जानकारी के अनुसार, मंत्रियों को 2024 में 31 नई गाड़ियां दी गईं। इनमें कैबिनेट और राज्यमंत्री शामिल हैं। मंत्रियों की गाड़ी के लिए हर माह 250 लीटर तेल का कोटा तय है। लेकिन बाहरी दौरे पर जाने पर इसकी सीमा तय नहीं है। ऐसे में मंत्री गाडिय़ों में असीमित पेट्रोल-डीजल भरवा सकते हैं। स्टेट गैराज के आंकड़े बताते हैं, हर दो माह में 12 हजार लीटर के 3 टैंकर और 6 माह में पेट्रोल का 1 टैंकर यहां मंगवाया जा रहा है। चुनाव के समय में ईंधन की खपत और बढ़ जाती है। भाजपा ऑफिस के सामने दिनभर कारों का काफिला खड़ा रहा। नतीजा, 7 नंबर से भाजपा ऑफिस और व्यापमं चौराहे तक जाम की स्थिति रही।

हर माह खप रहा 20 हजार लीटर तेल

मप्र स्टेट मोटर गैराज से मंत्री और अन्य सरकारी विभागों में 89 गाड़ियां लगाई गई हैं। इनमें फर्राटे भरने वाले माननीय हर माह 18 हजार लीटर डीजल खर्च कर रहे हैं। यूं तो पेट्रोल गाड़ियां यहां कम हैं, लेकिन हर माह पेट्रोल की खपत करीब 20 हजार लीटर हो रही है।

अफसरों को हर माह 120 लीटर

अफसरों की बात करें तो गृह विभाग, विभाग और सामान्य प्रशासन विभाग के अफसरों के पास लगी गाड़ियों के लिए भी तेल का कोटा तय है। सामान्य अफसरों को हर माह 60 लीटर तेल तो एसीएस रैंक के अफसरों को 120 लीटर प्रति माह कोटा तय है। विशेष हालात में इसे बढ़ाया भी जाता है।

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Published on:
13 May 2026 09:10 am
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