भोपाल

एमपी में 9 अप्रैल तक आंधी-बारिश का दौर, एक और सिस्टम हो रहा एक्टिव, आज इन जिलों में अलर्ट

Storms And Rain Alert : एमपी में 9 अप्रैल तक आंधी, बारिश और गरज-चमक का दौर रहेगा। 7 अप्रैल से नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रीय हो है। इस दौरान कई जिलों में 50-60 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। बदले मौसम ने गर्मी से तो दी, पर फसलों के नुकसान की चिंता बढ़ा दी है।
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Storms And Rain Alert
एमपी में 9 अप्रैल तक जारी रहेगा आंधी-बारिश का दौर (Photo Source- Patrika)

Storms And Rain Alert : आमतौर पर गर्मी के दिनों से पहचाने जाने वाले अप्रैल महीने की शुरुआत इस साल मध्य प्रदेश में बारिश के दौर के साथ हुई। तेज गर्मी के बजाय प्रदेश में आंधी, बारिश और गरज - चमक के साथ ओले पड़ रहे हैं। वहीं, मौसम विभाग के ताजा अपडेट के मुताबिक, आगामी 4 दिन यानी 09 अप्रैल तक भी प्रदेश के अधिकतर क्षेत्रों में आंधी, बारिश और गरज-चमक का दौर बना रहेगा।

मौसम विभाग के मुताबिक, मौजूदा सिस्टम के साथ 07 अप्रैल से एक नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव हो रहा है। वहीं, हालिया सिस्टम के प्रभाव से सोमवार को ग्वालियर-चंबल, जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के करीब 24 जिलों में आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इनमें ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, छतरपुर, सतना, रीवा, सीधी, शहडोल, मंडला, बालाघाट समेत कई जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश और बिजली गिरने तक की संभावना जताई गई है।

48 घंटों में दिखा मौसम का तीखा रूप

अगर बाक करें बीते 48 घंटों की तो 04 और 05 अप्रैल को प्रदेश में बदले मौसम ने तीखा रूप देखने को मिला है। कई जिलों में ओलावृष्टि के साथ करीब - करीब सभी जिलों में आंधी - बारिश दर्ज की गई। ग्वालियर, शिवपुरी, मंदसौर, भिंड, दतिया समेत कई जिलों में ओले गिरे, जबकि अन्य इलाकों में तेज हवाओं के साथ बारिश हुई। हवा की रफ्तार भी कई जगह खतरनाक स्तर तक पहुंची। जबलपुर में 59 किमी/घंटा, सागर में 54 और बड़वानी में 50 किमी/घंटा तक दर्ज की गई है।

7 अप्रैल से एक्टिव हो रहा नया सिस्टम

मौसम विभाग के मुताबिक, प्रदेश में लगातार एक्टिव सिस्टम की वजह से मौसम अस्थिर बना हुआ है। 7 अप्रैल से सक्रिय होने वाले पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से कई जिलों में तेज आंधी और बारिश होने की संभावना है। यानी आगामी दिनों में भी मौसम शांत नहीं रहेगा। कुछ जिलों में आंधी की रफ्तार 50 से 60 किमी/घंटा दर्ज हो सकती है, जबकि अन्य जिलों में भी 30 से 40 किमी/घंटा की रफ्तार से हवा चलेगी।

गर्मी से राहत तो मिली पर किसानों की चिंता बढ़ गई

आमतौर पर मध्य प्रदेश में अप्रैल-मई में भीषण गर्मी के दिनों के लि पहचाने जाते हैं, लेकिन इस बार एक के बाद एक एक्टिव हो रहे सिस्टमों के चलते तापमान में बढ़ोतरी हो ही नहीं पा रही। मार्च में जहां पारा 41 डिग्री के पार पहुंच गया था, वहीं अब मौसम सर्द बना हुआ है। हालांकि, इस बदलते मौसम का असर फसलों पर भी पड़ रहा है। फरवरी और मार्च में कई बार ओले और बारिश से गेहूं, पपीता और केले की फसलों को नुकसान हुआ है।

तापमान में उतार-चढ़ाव (डिग्री सेल्सियस)

-खरगोन से सबसे अधिक 37.8 अधिकतम तापमान दर्ज हुआ।
-खंडवा में 36.1 डिग्री सेल्सिलस तापमान रहा
-नर्मदापुरम में 35.5 डिग्री सेल्सिलस तापमान रहा
-जबलपुर और दमोह में 34.5 डिग्री सेल्सिलस तापमान रिकॉर्ड किया गया।
-भोपाल में 33.4 डिग्री सेल्सिलस तापमान रहा।
-इंदौर में 32.8 डिग्री सेल्सिलस तापमान रहा।
-पचमढ़ी में सबसे कम यानी 28.6 डिग्री सेल्सिलस तापमान रिकॉर्ड हुआ।

क्यों बदला मौसम?

मौसम विशेशज्ञों की माने तो प्रदेश में एक साथ कई मौसम प्रणालियां सक्रिय हुई हैं। साइक्लोनिक सर्कुलेशन, ट्रफ लाइन और पश्चिमी विक्षोभ के असर से बादल, तेज हवाएं, बारिश और ओलावृष्टि की स्थिति बनी है। यही कारण है कि, प्रदेश में मौसम लगातार अस्थिर बना हुआ है।

Updated on:
06 Apr 2026 09:10 am
Published on:
06 Apr 2026 09:10 am