- होटल, ढाबो, मैरिज गार्डन, मैस व अन्य लोग भी स्वेच्छा से दे सकते हैं खाना, 50 स्पॉट पर कुत्तों के लिए रखवाया जाएगा खाना
भोपाल/ शहर में स्ट्रीट डॉट अभी भी सिरदर्द बने हुए हैं। सबसे बड़ा मसला इनकी संख्या को लेकर है। नगर निगम पिछले 5 साल में 70 हजार कुत्तों की नसबंदी कराने का दावा कर रहा है। रिकॉर्ड में ये संख्या 11 हजार ही है। पशुपालन विभाग की रिपोर्ट में ये आंकड़ा 10 हजार के अंदर है।
मंगलवार को स्ट्रीट डॉग की समीक्षा बैठक में संभागायुक्त ने साफ कहा कि पहले इनकी संख्या का आंकड़ा स्पष्ट किया जाए। वर्ना जिम्मेदारों के खिलाफ जांच भी हो सकती है। बैठक में निगम अधिकारियों ने बताया कि अभी शहर में पचास ऐसे स्पॉट हैं जहां कुत्ते झुंड में रहते हैं, इन स्पॉटों पर कुत्तों की संख्या ज्यादा है। इसमें बड़ी संख्या में खंूखार कुत्ते भी हैं। इन कुत्तों को पकड़कर शेल्टर होम में रखने के निर्देश भी संभागायुक्त ने दिए हैं।
नगर निगम की तरफ से हाल की में एकत्र की गई जानकारी में 50 ऐसे स्पॉट सामने आए हैं जहां कुत्तों की संख्या ज्यादा है। इनसे इंसान को खतरा हो सकता है। संभागायुक्त ने इन कुत्तों को खाना उपलब्ध कराने के लिए 50 जगह फूड जोन बनाने के लिए कहा है। बर्थ कंट्रोल करने के लिए कुत्तों की नसबंदी के लिए अभी आसरा, पिपलानी और बैरागढ़ में तीन सेंटर संचालित हो रहे हैं। इसकी संख्या बढ़ाने के निर्देश के साथ नसबंदी किए जाने वाले कुत्तों को टैग लगाने के लिए भी कहा है। ताकि दूर से पता चल सके कि कुत्ते की नसबंदी हो चुकी है।
...तो कहां चले गए कुत्ते
नगर निगम की तरफ से पिछले पांच साल में 70 हजार कुत्तों की नसबंदी कराने का दावा किया गया है। इसको लेकर संभगायुक्त ने कहा कि नसबंदी के बाद टैग लगाए होंगे तो वे टैग भी दिखाई नहीं दे रहे। संख्या इतनी ज्यादा बताई और और आंकड़ा 11 हजार कुत्तों की मौजूदगी का है। ऐसे में बाकी कुत्ते कहां गए? इस सवाल पर अधिकारी भी चुप्पी साध गए