
भोपाल. अजय और जगदीश अरोड़ा की सेहतगंज स्थित सोम डिस्टलरी का लाइसेंस निरस्त कर दिया गया है। आबकारी आयुक्त ग्वालियर ने लाखों का बकाया भी निकाला है। कंपनी की तरफ से शराब फैक्ट्री में लगाए गए अवैध टैंक भी अब फिर चर्चा में आ गए हैं। इसे लेकर आबकारी के तीन अधिकारियों की जांच रिपोर्ट 7 जून तक हाईकोर्ट में पेश की जानी है। रिपोर्ट तैयार है, लेकिन शासन स्तर से इसे हाईकोर्ट को नहीं सौंपा जा रहा है। इसके पेश होते ही सोम के अवैध टैंकों की पोल खुल जाएगी।
इसके बाद अजय और जगदीश अरोड़ा की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं, क्योंकि इन टैंकों को लगाने के लिए कंपनी ने आबकारी और पर्यावरण विभाग से किसी प्रकार की अनुमति नहीं ली है | पहले यह रिपोर्ट 24 मई को पेश करनी थी। सूत्रों के अनुसार, पांच पेज की जांच रिपोर्ट सोम के खिलाफ है। इसे हाईकोर्ट में जमा करने को लेकर एक उच्च अधिकारी ने दूसरे अधिकारी से पूछा कि रिपोर्टकोर्ट में कब पेश की जाएगी। जवाब मिला, आपने रिपोर्ट दे दी जमा करना हमारा काम है।
सोम पर नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग ने 21.12 लाख व औद्योगिक विकास निगम ने 2316.97 लाख का बकाया निकाला है। मार्च 2020 में जो 8 सैंपल आबकारी विभाग ने लिए थे, उनमें 7 मिसग्रांडेड पाए गए थे। सोम डिसलरी का विवादों से पुराना नाता है। मध्य प्रदेश में शराब कारोबार को लेकर इस समूह पर आरोप लगते रहे हैं। प्रदेश सरकार द्वारा अब इस समूह के खिलाफ कार्यवाही के बाद माना जा रहा है कि इससे सोम डिसलरी के मालिक अजय और जगदीश अरोड़ा की मुश्किलें बढ़ गई हैं।