
Swami Avdheshanand statement on Dr Mohan Yadav - आदिगुरु शंकराचार्य की जयंती पर ओंकारेश्वर में संत समागम आयोजित किया गया। इसी के साथ यहां चल रहे पांच दिवसीय एकात्म पर्व का समापन भी हुआ। शुक्रवार को समापन समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, जूना अखाड़े के पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरी सहित देशभर से आए कई संत शामिल हुए। इस मौके पर 500 शंकरदूतों को दीक्षा दी गई। संत समागम में सीएम डॉ. मोहन यादव ने देश को केवल शास्त्रों से ही नहीं बल्कि शस्त्रों से भी सशक्त बनाने पर जोर दिया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए स्वामी अवधेशानंद गिरी ने सीएम के पद पर मोहन यादव के चयन पर अहम बात कही। उन्होंने कहा कि डॉ. मोहन यादव बड़े कार्य करने के लिए सीएम बने हैं, महाकाल-ओंकार ने उनका चयन किया है।
आदिगुरु शंकराचार्य के प्रतिमा स्थल के पास आयोजित कार्यक्रम में डॉ. मोहन यादव ने ओंकारेश्वर में अद्वैत लोक निर्माण का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि प्रदेश के धार्मिक नगरों से हमने शराब मुक्ति की नीति लागू कर दी है।
महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरी ने कहा कि आदि शंकराचार्य ने पूरे विश्व की एकता की बात कही। पूरी दुनिया को जोड़ने के लिए शंकराचार्य का एकात्म दर्शन जरूरी है। अद्वैत दर्शन, दरअसल ईश्वरीय दर्शन है। उन्होंने ओंकारेश्वर के अद्वैत लोक का जिक्र करते हुए बताया कि यहां अद्वैत दर्शन पर अध्ययन के साथ रिसर्च भी होगी।
स्वामी अवधेशानंद गिरी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के संबंध में अहम बयान दिया। भरे मंच से उन्होंने कहा कि मैंने मोहन यादव से बातचीत में यह अनुभव किया कि वे बड़े कार्य का संकल्प लेकर बैठे हैं। उन्हें भले ही लोकतांत्रिक प्रक्रिया से लोकतंत्र के गणमान्य लोगों ने चुना, लेकिन मुझे लगता है कि उनका मुख्यमंत्री पद के लिए चयन मां नर्मदा, क्षिप्रा और बाबा महाकाल, ओंकार ने किया है।
स्वामी अवधेशानंद के इस बयान के संबंध में डॉ. मोहन यादव ने ट्वीट भी किया। सीएम ने अपने एक्स हेंडल पर वीडियो भी पोस्ट किया-
लोकतंत्र में भले ही आदरणीय मुख्यमंत्रीजी का चयन एक व्यवस्था के तहत हुआ है, लेकिन मुझे लगता है कि उनका चयन मां नर्मदा, मां क्षिप्रा, बाबा महाकाल और ओंकारेश्वर ने किया है। वे इस गुरु धरती पर बड़े कार्य का संकल्प लेकर बैठे हैं।
जूनापीठाधीश्वर, महामण्डलेश्वर, स्वामी अवधेशानंद गिरिजी महाराज।