नहीं मिला सुसाइड नोट, आज है गणित का पेपर
भोपाल। दसवीं कक्षा में पढ़ाई कर रही एक छात्रा की संदिग्ध हालत में मौत हो गई। उसने जहर खा लिया। पुलिस को मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। शनिवार को वह अंग्रेजी का पेपर देकर आई थी।
उल्टिंया होने पर मां उसे एक निजी हॉस्पिटल ले गई, जहां उसकी मौत हो गई। परिजन के बयान और जांच के बाद ही उसके खुदकुशी का खुलासा हो सकेगा। मामला ऐशबाग थाना क्षेत्र का है।
थाना प्रभारी अजय नायर ने बताया कि यशस्वी राजपूत (16) यहां अपनी मां और छोटे भाई के साथ चाणक्यपुरी चौराहा ऐशबाग में रहती थी और 10वीं कक्षा में पढ़ती थी। मां एलआइसी में एजेंट की नौकरी करती है।
उसके पिता अजय सिंह राजपूत का करीब डेढ़ साल पहले निधन हो चुका है। यशस्वी इन दिनों दसवीं का पेपर दे रही थी। उसने शनिवार को अंग्रेजी का पेपर दिया था। रविवार रात करीब आठ बजे उसने जहर खा लिया।
घटना के समय मां मार्केट गई थी। जब वह सामान लेकर लौटी, तो यशस्वी उल्टियां करने लगी, उसके उल्टियां करने पर मां उसे लेकर एक निजी हॉस्पिटल गई। जहां उसकी मौत हो गई। डॉक्टरों ने पुलिस को मौत का कारण जहर खाना बताया है।
अस्पताल से मिली सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस का कहना है कि परिजनों के बयान होने के बाद ही पता चल पाएगा कि कहीं यशस्वी ने पेपर बिगडऩे के कारण जहर खाया था अथवा कोई अन्य कारण रहा।
खौलते पानी में गिरी सात साल की मासूम
भोपाल। खेलते समय खौलते पानी से जली एक मासूम की इलाज के दौरान मौत हो गई। उसका 9 दिन अस्पताल में इलाज चला। इंफेक्शन के कारण उसने दम तोड़ दिया। यह मामला निशातपुरा थाना क्षेत्र का है। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के मुताबिक 7 वर्षीय अलरिजा पिता साबिर खान वकील कालोनी में रहती थी। साबिर फल-सब्जी के व्यापारी हैैं। साबिर के चार बच्चों में से अलरिजा तीसरे नंबर की बेटी थी।
पिछले माह की 23 फरवरी को अलरिजा घर में खेल रही थी, तभी उसके ऊपर गैस पर चढ़ा पानी का भगौना गिर गया। हादसे में मासूम के दोनों पैर और दायां हाथ झुलस गया था। उसका इलाज चल रहा था।
सोमवार को परिजन उसे लेकर पीपुल्स अस्पताल पहुंचे, जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बताया जा रहा है कि जलने के कारण मासूम के शरीर में इंफेक्शन फैल गया था, जिसके चलते उसकी मौत हो गई।