
भोपाल. मध्यप्रदेश की राजधानी में आतंकी घुस आए हैं। शुक्रवार सुबह भारत भवन में आतंकवादियों के घुसने की सूचना मिली। इससे पूरे इलाके में खलबली मच गई, आतंकियों ने मौजूद लोगों को कब्जे में ले लिया। आतंकियों ने बम विस्फोट किया। इधर एनएसजी की टीम भी पहुंच गई और मशक्कत के बाद आतंकियों को गिरफ्तार कर लिया।
दरअसल, यह मॉक ड्रिल (mok dril) का नजारा था। एनएसजी (NSG) की टीम ने कई जगहों पर यह मॉक ड्रिल किया। इस दौरान बड़ी संख्या में भोपाल पुलिस का बल भी तैनात रहा। मॉक ड्रिल के लिए एनएसजी कमांडो के करीब 200 जवान गुरुवार को भोपाल पहुंचे। राजधानी के अलग-अलग संस्थानों में मॉक ड्रिल किया जाना है।
इनमें RBI, विधानसभा, हमीदिया अस्पताल, मंत्रालय आदि स्थान शामिल हैं। इस दौरान स्थानीय पुलिस को वे हालात से निपटने की ट्रेनिंग भी देते हैं। इससे पहले गुरुवार को RBI में मॉक ड्रिल को अंजाम दिया गया । मॉक ड्रिल के चलते रास्ता बंद कर दिया गया था। RBI की तरफ वाले मुख्य मार्ग को पुलिस ने बैरिकेड्स लगाकर बंद कर दिया।
ब्लैक कैट कमांडो या एनएसजी कमांडो देश के सबसे खतरनाक कमांडो होते हैं । देश में होने वाली आतंकी गतिविधियों से निपटने के लिए एनएसजी को 16 अक्टूबर 1984 में बनाया गया था। ये काली पोशाक में पहनते हैं। इन्हें 15 दिनों तक जागने की ट्रेनिंग दी जाती है, वे बिना खाए-पिए और सोए 15 दिनों तक लड़ाई कर सकते हैं।
कमांडोज की यह ट्रेनिंग 15 महीने से 3 साल तक होती है। इसके बाद भी उन्हें हर दूसरे महीने में पहले के मुकाबले अपनी क्षमता लगातार बढ़ानी होती है। ये कमांडोज 50 डिग्री से ज्यादा वाले रेगिस्तान और खून जमा देने वाले सियाचिन में भी लड़ाई के लिए हमेशा तैयार रहते हैं।