इनकी खंगाली जा रही है कुंडली, सामने आएंगे कई हैरान कर देने वाले कारनामे!...
भोपाल। प्रदेश कांग्रेस मंत्रियों और अफसरों के कारनामे उजागर करने की तैयारी में है। जानकारी जुटाने एक माह का समय दिया गया है। इसके बाद एक्सपोज का काम शुरू होगा। चुनावी मोड में आई कांग्रेस प्रदेश सरकार के 15 साल के कार्यकाल का रिव्यू कर रही है। इसी के साथ मंत्रियों और अफसरों के कार्यों की समीक्षा भी की जाएगी। इसके लिए भ्रष्टाचार और घोटालों से जुड़ी खबरें संग्रहित की जा रही हैं।
सोशल मीडिया के माध्यम से आमजन से उनके बारे में जानकारी जुटाई जाएगी। आरटीआइ का सहारा भी लिया गया है। इसकी जिम्मेदारी उठाई है कांग्रेस की आरटीआई और लीगल सेल ने। राज्य के पूर्व महाधिवक्ता एवं कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य विवेक तनखा इसके राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं।
मध्यप्रदेश कांग्रेस आरटीआइ सेल के अध्यक्ष अजय दुबे का कहना है कि प्रदेश सरकार एक्शन लेने के बजाय घोटालों पर पर्दा डालने में जुटी है। यहां तक कि सूचना का अधिकार के तहत भी जानकारी देने से सरकार कतराती है। लोकायुक्त और ईओडब्ल्यू में भ्रष्टाचार के कई मामले लंबित हैं। लोकायुक्त की रिपोर्ट लम्बे समय से सदन में पेश नहीं हुई है। सिंहस्थ घोटाले की सीएजी रिपोर्ट भी उजागर नहीं हुई।
सिफारिशों की भी चाहिए जानकारी
कांग्रेस यह भी जानना चाहती है कि चुनावी साल में किस नेता और किस मंत्री ने अपने जिले और क्षेत्र में अफसरों की पदस्थापना की सिफारिश की है।
ये सिफारिशी भी जुटाए जा रहे हैं। पार्टी चाहती है कि राजनीतिक सिफारिश के आधार पर पदस्थ किए गए अफसरों को हटाया जाए, जिससे चुनाव निष्पक्ष हो सकें। उनके पद पर रहने से चुनाव प्रभावित हो सकता है।
सिंधिया की नाराजगी ऐसे कर रहे दूर :
कांग्रेस चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष ज्योतिरादित्य सिंधिया के प्रदेश कार्यालय स्थित चेम्बर को अब बड़ा आकार दिया जा रहा है। चेम्बर के छोटे आकार को देखकर वे नाराज बताए जा रहे हैं। सिंधिया के लिए पीसीसी में दो कक्ष आवंटित किए गए हैं। यहां एक में उनका चेम्बर बनाया गया है।
उन्होंने पांच जून को चुनाव अभियान समिति की बैठक से पहले इस कक्ष का पूजन किया, लेकिन वे यहां बैठे नहीं थे। इसी से इन खबरों को बल मिला कि वे नाराज हैं। चेम्बर को बड़ा करने गुरुवार को दूसरे कक्ष की दीवार तोड़ी गई। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता मानक अग्रवाल का कहना है कि सिंधिया की नाराजगी की खबर निराधार है।
इधर, नौकरशाहों ने रची ये साजिश!...
राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की सहयोगी संस्था स्वदेशी जारगण मंच ने एयर इंडिया के निजीकरण के खिलाफ आवाज उठाई है। मंच के राष्ट्रीय समन्वयक कश्मीरी लाल ने गुरुवार को एक विचार गोष्ठी में कहा कि भारतीय नौकरशाहों ने स्वदेशी कंपनी एयर इंडिया को घाटे में दिखाकर विदेशी कंपनी को बेचने की साजिश की है।
इस मामले में संघ प्रमुख मोहन भागवत भी कह चुके हैं कि एयर इंडिया बिकेगी तो ये सिर्फ कम्पनी नहीं बिकेगी, बल्कि हमारे देश के लैंडिंग राइट्स भी बिकेंगे। इससे हमारा सम्मान और स्वाभिमान बिक जाएगा। स्वदेशी जागरण मंच केंद्र सरकार से आव्हान करता है कि सारे प्रयास करके एयर इंडिया को बचाया जाए। 'फ्लिपकार्ट एवं वालमार्ट सौदा' उभरते मुद्दे विषय पर आयोजित गोष्ठी कश्मीरी लाल ने कहा कि वालमार्ट का दुनिया के 22 देशों में व्यवसाय है।
भारत में जितना कारोबार होता है उतना अकेले वालमार्ट कम्पनी करती है। वालमार्ट सीधे तौर पर भारत में प्रवेश नहीं कर पा रहा थी तो उसने पीछे के रास्ते से फ्लिपकार्ट को खरीदकर भारतीय बाजार में प्रवेश करने की कोशिश की है। वालमार्ट चाइना के सामान का सबसे बड़ा वितरक है।