Twisha Sharma Death Case: बहुचर्चित टि्वशा शर्मा की मौत के मामले में अभी भी कई ऐसे प्रश्न है जिनके जवाब लोगों को चाहिए। परिवार ने कई मुद्दों पर प्रश्न उठाए हैं, जानिए क्या हैं वे मुद्दे...
Twisha Sharma Case Updates: भोपाल शहर के बहुचर्चित टि्वशा शर्मा की मौत के मामले में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने आरोपी सास रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह को नोटिस जारी किया है। यह नोटिस राज्य शासन और ट्विशा के पिता नवनिधि शर्मा की उस याचिका पर जारी किया गया है, जिसमें उन्होंने ट्रायल कोर्ट द्वारा गिरिबाला सिंह को दी गई अग्रिम जमानत को चुनौती दी है। वहीं दूसरी ओर दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद जस्टिस देवनारायण मिश्रा की बेंच ने मामले की अगली सुनवाई 29 मई के लिए तय की।
आधिकारिक जानकारी के अनुसार सीबीआई आज ही इस मामले की जांच शुरु कर 5देगी। एक्ट्रेस और मॉडल ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत की जांच करने के लिए जांच टीम सोमवार को भोपाल आ रही है। इस पूरे मामले में अभी भी कई ऐसे प्रश्न है जिनके जवाब लोगों को चाहिए। परिवार ने कई मुद्दों पर प्रश्न उठाए हैं, जानिए क्या हैं वे मुद्दे…
इस पूरे मामले में कथित 'लिगेचर मटीरियल' (फांसी लगाने में इस्तेमाल हुई चीज़) को लेकर विवाद बढ़ा हुआ है।
ट्विशा के परिवार ने जो शुरुआती सवाल उठाए थे, उनमें से एक सवाल उस नायलॉन एक्सरसाइज़ बेल्ट से जुड़ा था, जिसका कथित तौर पर फांसी लगाने में इस्तेमाल किया गया था। कई मीडिया रिपोर्ट्स में कोर्ट के दस्तावेज़ों का हवाला देते हुए बताया गया है कि पहले पोस्टमॉर्टम के दौरान यह चीज़ पेश नहीं की गई थी, बल्कि एक दिन बाद सामने आई। इससे ये आरोप लगने लगे कि शायद सबूतों के साथ छेड़छाड़ की गई है। यह विवाद तब और बढ़ गया, जब मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने AIIMS दिल्ली की एक टीम से दूसरा पोस्टमॉर्टम करवाने का आदेश दिया था।
इस पूरे मामले में FIR के समय को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। ट्विशा की मौत 12 मई को हुई थी, लेकिन उनके पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह के खिलाफ FIR टि्वशा के परिवार की लगातार शिकायतों के बाद ही दर्ज की गई। उनके परिवार ने आरोप लगाया है कि कार्रवाई में देरी के कारण सबूतों से छेड़छाड़ हुई और प्रभावशाली लोगों को जांच में दखल देने का मौका मिला। हालांकि, पुलिस का कहना है कि सभी प्रक्रियाओं का पालन प्रोटोकॉल के अनुसार ही किया गया।
यह भी अनसुलझा मामला है कि टि्वशा की मौत के बाद समर्थ गायब क्यों हो गया। पुलिस ने लुकआउट नोटिस जारी किया था और कैश इनाम की घोषणा की थी बाद में उसने आखिरकार सरेंडर कर दिया। इन्वेस्टिगेटर अब उससे 12 मई की रात की घटनाओं के क्रम, उसके कम्युनिकेशन रिकॉर्ड और टि्वशा के परिवार द्वारा बताई गई गड़बड़ियों के बारे में पूछताछ कर रहे हैं। वह अभी भी पुलिस कस्टडी में है।
डिजिटल सबूत इस मामले के सबसे ज़्यादा विवादित पहलुओं में से एक बनकर उभरे हैं। ट्विशा के परिवार ने आरोप लगाया कि क्राइम सीन लगभग दो दिनों तक असल में आरोपी परिवार के पास ही था जिसके बाद ही जांचकर्ताओं ने अहम सबूतों को अपने कब्ज़े में लिया। उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि अगर पुलिस ने DVR सिस्टम पहले ही ज़ब्त कर लिया था, तो घर का कथित CCTV फुटेज सार्वजनिक तौर पर कैसे सामने आ गया।
इस विवाद में एक और पहलू जोड़ते हुए, गिरिबाला सिंह ने एक मजिस्ट्रेट कोर्ट के सामने दावा किया कि CCTV सिस्टम में एक तकनीकी खराबी थी और वह गलत टाइमस्टैम्प दिखा रहा था। उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि जब पुलिस ने रिकॉर्डिंग को एक्सेस किया और उसकी कॉपी बनाई, तो ज़ब्ती की अनिवार्य प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया। रिपोर्ट्स से पता चलता है कि जिस घर में ट्विशा मृत पाई गई थी, वहां आठ CCTV कैमरे लगे हुए थे।
सोशल मीडिया पर वायरल चैट्स, ऑडियो रिकॉर्डिंग और कॉल डिटेल रिकॉर्ड इस मामले में अहम विवाद के मुद्दे बन गए हैं। ट्विशा के परिवार ने उन चैट्स का ज़िक्र किया है जिनमें कथित तौर पर उसने अपनी शादीशुदा ज़िंदगी को लेकर अपनी परेशानी ज़ाहिर की थी, जबकि एक ऑडियो बातचीत जिसमें कथित तौर पर गिरिबाला ट्विशा के चरित्र पर सवाल उठा रही थीं, ने ऑनलाइन लोगों में भारी गुस्सा भड़का दिया। इस बीच, समर्थ ने अदालत के सामने दावा किया है कि जो चैट्स सर्कुलेट हो रही हैं, वे "एडिटेड और अधूरी" हैं।
परिवार ने कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स को सुरक्षित रखने की भी मांग की है, यह आरोप लगाते हुए कि ट्विशा की मौत के बाद कुछ प्रभावशाली लोगों को कॉल किए गए थे, जिससे जांच और पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।
जांचकर्ता इस बात की भी जांच कर रहे हैं कि क्या ट्विशा की मौत से पहले की हरकतें आत्महत्या की थ्योरी से मेल खाती हैं। अधिकारियों ने बताया कि उसने अपनी मौत के कुछ ही दिनों बाद 15 मई को अपने भाई, मेजर हर्षित शर्मा से मिलने के लिए अजमेर जाने का प्लान बनाया था। उसके परिवार ने बार-बार यह तर्क दिया है कि यात्रा के प्लान का होना, साथ ही शरीर पर कथित चोट के निशान और उसकी हाल की बातचीत, उसकी मौत के कारणों को लेकर संदेह पैदा करते हैं।
शायद इस मामले पर सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या गिरिबाला के रिटायर्ड डिस्ट्रिक्ट जज और मौजूदा कंज्यूमर कमीशन चेयरपर्सन के बैकग्राउंड की वजह से जांच पर असर पड़ा। सुप्रीम कोर्ट का खुद से कदम उठाने का फैसला, “इंस्टीट्यूशनल बायस” का ज़िक्र, असरदार लोगों को कॉल करने के आरोप और राज्य सरकार का CBI जांच पर ज़ोर, इन सबने इस बात पर चिंता बढ़ा दी है कि क्या किसी भी स्टेज पर ओरिजिनल जांच से कोई कॉम्प्रोमाइज़ हुआ था। इन सभी सवालों के जवाब अभी स्पष्ट नहीं हैं।
31 वर्षीय ट्विशा शर्मा नोएडा की रहने वाली थी। दिसंबर, 2025 में शादी डॉट कॉम के जरिए ट्विशा की शादी भोपाल की पूर्व जिला एवं सत्र न्यायाधीश गिरिबाला सिंह के अधिवक्ता बेटे समर्थ सिंह के साथ हुई थी। 12 मई की रात ट्विशा नोएडा में रहने वाली अपनी मां और अन्य परिजनों से बात कर बता रही थी कि उसे टार्चर किया जा रहा है। नौकरी छोड़ने के कारण नाकारा कहा जा रहा है। मुझे ससुराल में प्रताड़ित किया जा रहा है। इसके बाद ही उसका फोन कट गया और दो घंटे बाद सास गिरिबाला सिंह ने मायके वालों को फोन कर बताया कि ट्विशा ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। ट्विशा के मायके वालों ने पति व ससुराल पक्ष पर प्रताड़ित करने और हत्या करने के आरोप लगाए हैं।