अब सरकार की ओर से पायलट प्रोजेक्ट के तहत खासकर इन जिलों में राशन वितरण की पड़ताल करने की तैयारी की जा रही है।
सरकार की ओर से गरीबों को मुफ्त में राशन वितरित किया जाता है। हालांकि, सरकार को प्राप्त मौजूदा इनपुट के अनुसार, कई लोग फर्जी तरीके से सरकारी राशन लेकर गरीबों के हक पर डाका डाल रहे हैं। जानकारी ये भी सामने आई है कि, मध्य प्रदेश के खासकर 9 जिलों में इस तरह की घोटालेबाजी की जा रही है। इसपर अब सरकार की ओर से पायलट प्रोजेक्ट के तहत खासकर इन जिलों में राशन वितरण की पड़ताल करने की तैयारी की जा रही है। प्रोजेक्ट के तहत जांच की जाएगी कि, सरकार की इस महत्वकांक्षी योजना का लाभ पात्र हितग्राहियों को दिया जा रहा है या नहीं। जहां भी ऐले अपात्र लोग सरकारी राशन ले रहे हैं अब उनके नाम राशन लेने वालों की लिस्ट से हटाए जाएंगे।
इस संबंध में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की ओर से बाकायदा 10 टीमें बना ली गई हैं। हर टीम में 3 कर्मचारी होंगे, जिसमें एक शिक्षा विभाग, एक नगर निगम और एक महिला एवं बाल विकास से होगा। ये दल शहर की सबसे बड़ी राशन दुकान के राशन कार्ड धारकों तक पहुंचकर उनसे तय फॉर्मेट के अनुसार जानकारियां हासिल करेंगे। इसके बाद टीम पता लगाएगी कि, दुकान से राशन लेने वाले सभी हितग्राही पात्र हैं या अपात्र।
इस तरह होगी जांच
इस संबंध में जिला खाद्य नागरिक आपूर्ति अधिकारी अरुण तिवारी का कहना है कि, पायलट प्रोजेक्ट के तहत जांच की जाएगी, जिसके जरिए पता लगाया जाएगा कि, जो लोग शासन की योजनाओं के तहत राशन ले रहे हैं। वो वास्तव में उसके हितग्राही हैं भी या नहीं। हमने इसकी समीक्षा के लिए मोघट रोड स्थित राशन दुकान का चयन किया है। जहां पर 2100 राशन कार्ड धारक है। इन सभी कार्ड धारकों के घर पर पहुंचकर हमारे दल तय बिंदु के आधार पर जांच करेंगे और रिपोर्ट पेश करेंगे। प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। जो लोग का अपात्र होंगे उनके नाम हटाए जाएंगे और उनका राशन बंद किया जाएगा। इन दलों में हमने एक कर्मचारी शिक्षा विभाग से, एक कर्मचारी नगर निगम और एक कर्मचारी महिला बाल विकास विभाग से लिया है।
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