B. Pharm- मध्यप्रदेश में स्टूडेंट्स इंजीनियरिंग के बाद मेडिकल में केरियर बनाने के लिए बेताब नजर आते हैं। इंजीनियरिंग में कम्प्यूटर साइंस सब्जेक्ट का सबसे ज्यादा क्रेज है।
B. Pharm- मध्यप्रदेश में स्टूडेंट्स इंजीनियरिंग के बाद मेडिकल में केरियर बनाने के लिए बेताब नजर आते हैं। इंजीनियरिंग में कम्प्यूटर साइंस सब्जेक्ट का सबसे ज्यादा क्रेज है। यह कोर्स करने के लिए स्टूडेंट नॉर्मल फीस से तीन गुना ज्यादा राशि देने के लिए भी तैयार हो गए थे। इंजीनियरिंग कॉलेजों में प्रवेश के समय सीएस के प्रति स्टूडेंट की ये दीवानगी सामने आई थी। प्रदेश में कुछ ऐसा ही हाल बी फार्मा (B. Pharm) और डी फार्मा (D. Pharm) कोर्सेस का भी है। आंकड़े बता रहे हैं कि एमपी के स्टूडेंट इन दोनों कोर्स के लिए खासे बेकरार हैं।
बी फार्मा, डी फार्मा कोर्स करनेवालों को शुरुआती वेतन अच्छा मिल जाता है। विशेषज्ञ बताते हैं कि बी फार्मा के बाद आमतौर पर शुरुआती वेतन करीब ₹2.5 लाख से ₹4.5 लाख प्रति वर्ष मिल सकता है। डी फार्मा स्नातकों का औसत प्रारंभिक वेतन ₹1.5 लाख से ₹3 लाख प्रति वर्ष तक है। अनुभव के आधार पर दोनों ही कोर्सेसवालों के वेतन में पर्याप्त वृद्धि होती रहती है। यही वजह है कि स्टूडेंट इन कोर्सेस को तरजीह दे रहे हैं।
बी फार्मा, डी फार्मा में रजिस्ट्रेशन के आंकड़े भी इस तथ्य की पुष्टि कर रहे हैं। तकनीकी शिक्षा विभाग ने गुरुवार को फार्मेसी कोर्सेस के सीएलसी के प्रथम राउंड के प्रवेश आंकड़े जारी किए। बी फार्मा और डी फार्मा दोनों को मिलाकर कुल 24,030 विद्यार्थियों ने रजिस्ट्रेशन कराया, जबकि एमफार्म में 1,688 छात्रों ने प्रवेश लिया।
विभागीय आंकड़ों के अनुसार, बीफार्म में 13,121 और डीफार्म में 6,292 छात्रों ने अब तक एडमिशन लिया है। कॉलेज लेवल काउंसलिंग (सीएलसी) राउंड में भी छात्रों की अच्छी भागीदारी रही। बीफार्म और डीफार्म के लिए 2,071 छात्रों ने पंजीकरण कराया, जिनमें से 1,407 छात्रों ने प्रवेश प्रक्रिया पूरी की।
आरजीपीवी ने जारी किया बीटेक फर्स्ट ईयर रिजल्ट
इस बीच भोपाल के राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (आरजीपीवी) ने बीटेक प्रथम वर्ष के परिणाम जारी कर दिए हैं। इसी के साथ विद्यार्थी ब्रांच या संकाय परिवर्तन के लिए 31 अक्टूबर तक आवेदन कर सकते हैं। आरजीपीवी ने राज्य के सभी शासकीय, स्वशासी, अनुदान प्राप्त, स्ववित्तीय और निजी इंजीनियरिंग कॉलेजों के विद्यार्थियों को यह सुविधा दी है।
आरजीपीवी प्रबंधन के अनुसार आवेदन ऑनलाइन किए जा सकेंगे और इसके लिए 500 रुपए शुल्क निर्धारित किया गया है। इस प्रक्रिया से छात्रों को अपनी रुचि और योग्यता के अनुसार नई ब्रांच चुनने का अवसर मिलेगा। अक्सर विद्यार्थी प्रथम वर्ष में चयनित ब्रांच से संतुष्ट नहीं होते, जिससे उनका प्रदर्शन प्रभावित होता है।
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