जल्दी अमीर बनने की चाहत किसी को कितना शातिर बना सकती है यह खबर पढ़कर ही आपको अंदाजा हो जाएगा। पुलिस ने इस गैंग के एक दोस्त को गिरफ्तार किया है, वहीं इसके पास से एक करोड़ रुपए की कारें भी जब्त की हैं। पूरा मामला जानने के लिए पढ़ें पूरी खबर...
मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में दोस्त चोरों की एक गैंग के कारनामें जानकर आपका सिर चकरा जाएगा। तीन दोस्तों की इस गैंग ने भोपाल समेत कई शहरों में चोरी की कारों को बेचने के लिए ऐसा दिमाग चलाया कि पुलिस खुद भी हैरान रह गई। जल्दी अमीर बनने की चाहत किसी को कितना शातिर बना सकती है यह खबर पढ़कर ही आपको अंदाजा हो जाएगा। पुलिस ने इस गैंग के एक दोस्त को गिरफ्तार किया है, वहीं इसके पास से एक करोड़ रुपए की कारें भी जब्त की हैं। पूरा मामला जानने के लिए पढ़ें पूरी खबर...
दरअसल, भोपाल में तीन दोस्तों ने मिलकर अपनी एक कंपनी बनाई। फिर लोगों की गाडिय़ों को किराए पर लेने लगे। इसके बाद ये दोस्त किराए प ली गई कारों को या तो गिरवी रख देते थे या फिर किसी और शहर में ले जाकर बेच दिया करते थे। वहीं जब इनके पास वाहन बेचकर या गिरवी रखकर जो पैसा आता था, ये उसे लेकर भाग जाते थे।
फर्जी कंपनी का कराया था रजिस्ट्रेशन
गाडिय़ों को किराए पर लेकर फरार होने वाले आरोपी बड़ी ही सफाई से अपना काम करते थे। इन्होंने अपने फर्जी काम को छुपाने के लिए एक कंपनी भी बनाई हुई थी। इस कंपनी का नाम था इनोवेटिव सेल्फ ड्राइव रेंटल कोर्स एंड ट्रैवल। ही नहीं इन्होंने इस फर्जी कंपनी का रजिस्ट्रेशन तक करवाया। इसके बाद ये लोगों को अपने झांसे में लेने के लिए सोशल मीडिया पर एड करते थे। इन शातिर दोस्तों ने राजधानी भोपाल में ही नहीं बल्कि शहर के बाहर भी ऐसी कई वारदातों को अंजाम दिया।
फर्जी डॉक्यूमेंट बनवाकर बेचते थे वाहन
सोशल मीडिया पर इनके विज्ञापन देखकर लोग इनके झांसे में फंस गए। अपनी कार किराए पर लगाने के लिए लोग आरोपियों के ऑफिस पहुंचते थे। ये शातिर दोस्त इनकी कार को किराए पर लगाने के लिए फर्जी कॉन्ट्रेक्ट तैयार कर लेते थे। इसके बाद आरोपी उनकी गाडिय़ों के फेक डॉक्यूमेंट्स तैयार कर लेते थे। गाडिय़ों को या तो बेच देते थे या फिर गिरवी रख देते थे।
ऐसे हुआ खुलासा
इस मामले का खुलासा तब हुआ जब एक पीडि़त ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराते हुए बताया कि उसने आरोपी मोनिस नायर को अपनी तीन गाडिय़ां किराए पर दी थीं। लेकिन ना तो वो उसका किराया दे रहे हैं और न ही उनकी गाडिय़ां उन्हें लौटा रहे हैं। इस तरह की और भी शिकायत मिसरौद पुलिस थाने में पहुंची हैं। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मोनिस के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया। जब मामले में गहन जांच-पड़ताल की गई, तब इस शातिर दोस्त गैंग का खुलासा हुआ। पुलिस ने जांच करते हुए प्रदेश के अलग-अलग शहरों से इनके कब्जे में जब्त कारों को बरामद किया। अब तक इनके पास से 1 करोड़ रुपए की कारें मिल चुकी हैं।