भोपाल

लाल बत्ती पर NO स्टॉप ! चालान कटने से नहीं सुधर रहा ट्रैफिक, भोपाल के चौराहों पर नियमों की धज्जियां

Traffic Challan: शहर के प्रमुख चौराहों पर सिग्नल तोड़ने, गलत दिशा में चलने और ऑटो के अतिक्रमण से जाम की समस्या बनी हुई है। सिर्फ चालान काटने से व्यवस्था नहीं सुधरेगी, प्रभावी नियंत्रण और वैकल्पिक मार्गों की जरूरत है।
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Oct 15, 2026
लाल बत्ती (Photo Source- magnific), ट्रैफिक (Photo Source - Patrika)
लाल बत्ती (Photo Source- magnific), ट्रैफिक (Photo Source - Patrika)

Bhopal news: मध्यप्रदेश में भोपाल शहर के चौराहे पर लाल बत्ती जल रही है, लेकिन वाहन चालक रुकने के बजाय आगे बढ़ रहे है। कहीं रांग साइड से निकलने की जल्दबाजी है तो कहीं, सड़क पर खड़े ऑटो रास्ता रोक रहे है। पीछे वाहनों की कतार लंबी होती जा रही है, लोग हॉर्न बजा रहे है और हर किसी को जल्दी निकलने की चिंता है। शहर में इस तरह की तस्वीर देखकर लोगों में यह सवाल उठता है कि कार्रवाई का असर सड़कों पर क्यों नहीं दिख रहा है। ऐसे में शहर के प्रमुख मार्गों की पड़ताल में सामने आया कि पुलिस के लिए चालान काटना जरूरी है, लेकिन जाम खुलवाना और नियमों का पालन कराना पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है।

चालान काटने से नहीं सुधरेगी व्यवस्था

ग्राउंड रिपोर्ट में शहर के प्रमुख चौराहों पर पड़ताल की तो सामने आया कि यातायात व्यवस्था सिर्फ चालान काटने से नहीं सुधरेगी। जब तक गलत दिशा में चलने वाले वाहनों, बेतरतीब ऑटो, सड़क पर अतिक्रमण और सिग्नल तोड़ने वालों पर प्रभावी नियंत्रण नहीं होगा, तब तक जाम से राहत नहीं मिलेगा।

कहीं जाम, कहीं रॉन्ग साइड

शहर का प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्र है। यहां कार्यालयों, बाजारों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के कारण दिनभर वाहनों की आवागमन रहती है। पीक समय में वाहनों का दबाव बढ़ते ही तस्वीर जाम में बदल जाती है। ऐसे में यदि कोई वाहन चालक गलत दिशा से निकलने की कोशिश करता है तो पीछे चल रहे वाहनों की लाइन लंबी हो जाती है।

ट्रैफिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए समय-समय पर चेकिंग प्वाइंट पर कार्रवाई की जाती है। इसके अलावा जाम जहां पर लगते हैं पुलिस मौके पर पहुंचकर समाधान करती है। पीक आवर में जाम न लगे इसके लिए प्रमुख चौराहों पर जवानों की तैनाती रहती है।- बसंत कौल, एडिशनल डीसीपी ट्रैफिक, भोपाल

90 डिग्री ब्रिज चालू करने की सलाह

इसके अलावा सुभाष नगर फ्लाईओवर भी ट्रैफिक के लिए खुला हुआ है। नरेला विधानसभा क्षेत्र के कांग्रेस नेता मनोज शुक्ला ने कहा कि इस मामले में जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर लोक निर्माण विभाग का 90 डिग्री ब्रिज चालू करने की सलाह दी गई है। यदि ऐसा नहीं किया जाता है तो वैकल्पिक मार्ग पर अत्यधिक दबाव निर्मित होगा जिससे त्योहार के सीजन में सड़क दुर्घटना होने की आशंका बनी रहेगी। उल्लेखनीय है कि पुराने शहर से नए शहर की तरफ आने वाले उपरोक्त दोनों रास्तों के बंद होने के बाद स्टेशन फ्लाईओवर एवं सुभाष नगर फ्लाईओवर ही दो प्रमुख रास्ते बचेंगे जिनमें लगभग 5 किलोमीटर लंबा अंतराल है।

Updated on:
15 Oct 2026 08:51 am
Published on:
15 Oct 2026 08:51 am