खुलासा: 2010 में जालंधर में रिश्तेदार के साथ मिलकर की थी पहली वारदात
भोपाल. कॉफी में नींद की गोली खिलाकर महिलाओं के साथ दुष्कर्म व पुरुषों के साथ ठगी करने वाला जालंधर का शातिर जालसाज तलविंदर सिंह ने ठगी की रकम से विदेश भी जा चुका है। पुलिस की पूछताछ में उसने कबूला कि फर्जी एफीडेबिड के आधार पर उसने पासपोर्ट बनवाया था। फर्जी पासपोर्ट से वह सिंगापुर, मलेशिया घूमकर आ चुका है। उसने अमन पिता सुरेंद्र के नाम से पासपोर्ट बनवाया था, जिसे पुलिस ने जब्त किया है।
आरोपी ने पूछताछ में बताया कि उसे विदेश में घूमने का शौक है। दोनों देशों में उसने ठगी की रकम से डेढ़-डेढ़ लाख रुपए खर्च किए। घूमने-फिरने और अय्याशी के लिए वह ठगी करता था। अब वह कनाडा में बसना चाहता था। पुलिस को आशंका है कि उसने विदेशों में भी ठगी की वारदात की होंगी। गुरुवार को तीन दिन की रिमांड अवधि खत्म होने पर पुलिस ने आरोपी तलविंदर को जिला अदालत में पेश किया। आरोपी से और पूछताछ के लिए एमपी नगर पुलिस ने उसे तीन दिन के और रिमांड पर लिया है। आरोपी ने अबतक 10 राज्यों में वारदात करना कबूला है।
2010 में साली के साथ मिलकर की पहली वारदात
जालसाज तलविंदर सिंह ने पहली बार वर्ष 2010 में अपनी साली के साथ मॉडल टाउन, जालंधर में ठगी की पहली वारदात को अंजाम दिया था। जीजा-साली ने महिला के पांच हजार रुपए, सोने की चेन और कान के टॉप्स लूट लिए थे। इस मामले में वह जेल भी गया था।
मोदी ने मेरा धंधा फीका कर दिया
पुलिस पूछताछ में उसने बताया कि जब से मोदी आए हैं, उसका धंधा (ठगी) चौपट हो गया है। मोबाइल की सिम खरीदने के लिए भी पहले शिकार तलाशना पड़ता है। इसके लिए डेढ़-दो हजार रुपए खर्च करने पड़ते हैं। उसने बताया कि सिम खरीदने के लिए आधार कार्ड, थंब इम्प्रेशन के साथ आंखों की फोटो भी खींची जाती है। ऐसे में उसे सिम खरीदने से लेकर बैंक खाता तक खुलवाने में दिक्कत आ रही थी।
परेशान पिता निकलवा चुके इश्तहार
आरोपी ने बताया कि उसके पिता ट्रक ड्राइवर हैं। उसकी अपराधिक प्रवृत्ति से परेशान हो चुके हैं। उन्होंने पांच साल पहले इश्तहार छपवाया कि उनका बेटे से कोई मतलब नहीं है। तब से वह घर कम ही जाता है। जमानत मिलने के बाद वह अब कनाडा जाना चाहता है।