Chhindwara Toxic Cough Syrup Case: जिस दवा से बच्चों को राहत मिलनी थी, वही जहर बनकर जान लेती रही। 24 मासूमों की मौत के बाद भी वही जहरीला केमिकल दूसरी सिरप में मिला, और ड्रग विभाग को महीनों तक भनक तक नहीं लगी।
MP News: प्रदेश में ड्रग डिपार्टमेंट की बड़ी लापरवाही सामने आई है। तीन माह पहले छिंदवाड़ा और बैतूल में जिस कोल्ड्रिफ कफ सिरप ने 24 बच्चों की जान ली। उसी कंपोजिशन की अल्मॉन्ट किड सिरप (Almont Kid Syrup) बेधड़क बिकती रही। इस सिरप को तेलंगाना सरकार ने जब बैन किया। इसका नोटिस सभी राज्यों को भेजा, तब मध्यप्रदेश ड्रग कंट्रोलर दिनेश श्रीवास्तव ने इसकी बिक्री पर रोक लगाई। अल्मॉन्ट किड सिरप में भी इंडस्ट्रियल केमिकल एथलीन ग्लायकॉल (Ethylene Glycol) मिला। यही केमिकल कोल्ड्रिफ कफ सिरप में भी था।
विभागीय लापरवाही का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि गाड़ियों के इंजन को ठंडा रखने वाले कूलेंट में इस्तेमाल होने वाला केमिकल मिला यह सिरप पूरे प्रदेश में बिकता रहा। किसी को भनक तक नहीं लगी। इतना ही नहीं, प्रदेश में ट्रिडस रेमेडीज (Tridus Remedies) कंपनी की इस सिरप ने कितने बच्चों की जानें लीं, कितनों को बीमार किया, इसका रिकॉर्ड भी विभाग के पास नहीं है।
तेलंगाना औषधि नियंत्रण प्रशासन ने बच्चों को दी जाने वाली अल्मॉन्ट-किड सिरप पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने के आदेश जारी किए। विभाग अर्जेंट एडवाइजरी जारी कर बताया, इस सिरप में एथलीन ग्लाइकॉल नामक अत्यंत जहरीला रसायन मिला है। यह कार्रवाई कोलकाता लैब में हुई जांच रिपोर्ट के आधार पर की गई।
जानकारी मिलते ही हमने इस सिरप के उपयोग और बिक्री पर रोक लगा दी है। सभी जिलों में जांच और कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। अब तक प्रदेश में इस सिरप से किसी तरह के नुकसान की सूचना नहीं है।- दिनेश श्रीवास्तव, ड्रग कंट्रोलर मप्र