
भोपाल/ बीई, बीफॉर्मा और पॉलिटेक्निक के विद्यार्थियों की तरह अब एमबीए और एमसीए के विद्यार्थियों को भी अब टयूशन फीस वेवर स्कीम के तहत अब लाभ मिल सकेगा। दरअसल, ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन (AICTE) ने टीएफडब्ल्यू का दायरा बढ़ा दिया है, जिसके तहत अब एमबीए और एमसीए पाठ्यक्रम भी इसके दायरे में आएंगे।
हर कॉलेज में पांच फीसदी सीटें होती हैं रिजर्व
योजना के तहत एडमिशन लेने वाले विद्यार्थियों को सिर्फ बस और मेस की फीस ही देनी होती है। बता दें कि, कॉलेजों में स्वीकृत कुल सीटों में से पांच फीसदी सीटें इस योजना के अंतर्गत मेधावी विद्यार्थियों के लिए रिसर्व रखी जाती है और इसी के तहत उन्हें एडमिशन दिया जाता है। इस सीट पर विद्यार्थी का चयन मेरिट के आधार पर होता है। एआईसीटीई द्वारा लिए गए इस फैसले के बाद अब इस स्कीम का फायदा एमबीए और एमसीए के विद्यार्थियों को भी मिल सकेगा। हालांकि, इस संबंध में एआइसीटीई ने पिछले साल भी निर्देश जारी किए थे, लेकिन आदेश जारी करने में देरी होने से सभी कॉलेजों को इसका फायदा नहीं मिल सका था।
विद्यार्थी को सिर्फ देना होता है इतना शुल्क
इस बार एडमिशन से पहले आदेश जारी होने से इस योजना के अंतर्गत एडमिशन लेने वाले सभी विद्यार्थियों को इसका फायदा मिल सकेगा। मध्य प्रदेश में एमबीए की करीब दस हजार और एमसीए की पांच हजार सीटें हैं। इनमें से पांच फीसद सीटों पर विद्यार्थियों को निशुल्क एडमिशन दिया जा सकेगा। अगर विद्यार्थी परिवहन और मेस की सुविधा लेते हैं तो उन्हें सिर्फ उसी का भुगतान करना होगा। बाकी पढ़ाई के लिए विद्यार्थियों को कोई फीस नहीं देनी होगी।