
Twisha Sharma Case Update:भोपाल के हाई-प्रोफाइल ट्विशा शर्मा मौत के मामले (Twisha Sharma Case) में आरोपी पूर्व जज और सास गिरिबाला सिंह को बेटे समर्थ सिंह के साथ 14 दिन की न्यायिक हिरासत में 16 जून तक भोपाल सेंट्रल भेज दिया गया। वहीं, जेल में गिरिबाला की सुरक्षा को लेकर बड़ा बदलाव किया गया है। बताया जा रहा है कि जेल में गिरिबाला सिंह की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने उनके द्वारा सजा पाई एक महिला कैदी को उनके बैरक के पास से जेल के दूसरे हिस्से में शिफ्ट कर दिया है। ट्रांसफर की गई कैदी कोमल पांडे को गिरिबाला सिंह की कोर्ट ने 2013 में सामने आए एक केस में दोषी ठहराया था। यह केस कथित मेडिकल एडमिशन फ्रॉड और जालसाजी से जुड़ा था।
वहीं, दूसरी तरफ मामले की जांच कर रही CBI जल्द कोर्ट के समक्ष चार्जशीट दाखिल कर सकती है। जांच रिपोर्ट को और भी पुख्ता करने के लिए सीबीआई चश्मदीदों के बयानों पर भी फोकस कर रही है। बताया जा रहा है कि जांच एजेंसी ने उस ब्यूटी पार्लर के स्टाफ से भी पूछताछ की है जहां ट्विशा अपनी मौत से पहले गई थी। इसके अलावा गिरिबाला सिंह के पडोसी और घटना के बाद अस्पताल पहुंचे लोगों के बयान भी CBI ने दर्ज किए जो ट्विशा की मौत की पहेली को सुलझाने में काम आ सकता है।
सूत्रों के अनुसार, जांच एजेंसी सीबीआई की इन्वेस्टीगेशन अपने अंतिम चरण में है। इसका संकेत उसी दिन मिलता दिखा गया था जब गिरिबाला और समर्थ सिंह की सीबीआई रिमांड खत्म होने के बाद जांच एजेंसी ने दोबारा रिमांड मांगकर पूछताछ करने की जरुरत नहीं समझी थी। अगर सब सही रहा तो सीबीआई अगले चार सप्ताह के भीतर कोर्ट के समक्ष चार्जशीट दाखिल कर देगी।
बता दें कि, जेल में मां-बेटे को वीआईपी ट्रीटमेंट देने का आरोप लगाया जा रहा है जिसपर बवाल मच गया है। सेंट्रल जेल में गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह को अस्पताल में रखा गया। शिकायत सामने आने के बाद जेल विभाग ने मामले की जांच कराई जिसकी रिपोर्ट भी सौंप दी गई है। बताया जा रहा है कि जेल में आरोपियों को ड्राई फ्रूट्स और ब्लैक कॉफ़ी भी उपलब्ध कराई गई। इधर जेल अधिकारियों ने वीआईपी ट्रीटमेंट के आरोप सिरे से नकार दिए। उनका कहना है कि गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह को एक भी सुविधा, गैर कानूनी रूप से नहीं दी गई है। जेल के नियमों के अनुसार ही खाद्य वस्तुएं उपलब्ध कराई गईं। अधिकारियों का यह भी कहना है कि अन्य कैदी भी इन सुविधाओं का इस्तेमाल कर सकते हैं।
नोएडा की रहने वाली ट्विशा की शादी दिसंबर 2025 में भोपाल की पूर्व जिला जज गिरिबाला सिंह के वकील बेटे समर्थ सिंह के साथ हुई थी। महज चंद माह बाद ही 12 मई 2026 की रात को ट्विशा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। ट्विशा अपने ससुराल के टेरेस पर फंदे से लटकी मिली थी। गिरिबाला और समर्थ सिंह रात को ही एम्स भोपाल लेकर पहुंचे, जहां ट्विशा को मृत घोषित कर दिया गया था। इसके बाद मामला तब उलझा जब गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह पर सबूत नष्ट करने के आरोप लगे। आरोप है कि उन्होंने काफी समय न्यायिक अधिकारियों और पुलिस के बड़े अफसरों को फोन लगाकर मामला प्रभावित करने का प्रयास किया। ट्विशा के परिवार और ससुराल पक्ष के आरोप-प्रत्यारोप और लड़ाई में करीब 12 दिन तक ट्विशा का शव एम्स की मार्चुरी में रखा रहा था।