
Twisha Sharma Case: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में शनिवार का दिन चर्चित ट्विशा शर्मा मामले (Twisha Case) को लेकर अहम दिन साबित हो सकता है। सभी की नजरें मामले में आरोपी पूर्व जज गिरिबाला सिंह के बंगले पर टिकी रहेंगी। सूत्रों के हवाले से खबर सामने आ रही है कि किसी भी वक्त सीबीआई गिरिबाला सिंह (Giribala Singh) और समर्थ सिंह (Samarth Singh) को घर लेकर आ सकती है, जहां 12 मई की रात हुई पूरी घटना का सीन रिक्रिएशन कराया जाएगा। इस दौरान गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह को वही घटनाक्रम दोहराने होंगे जिनका जिक्र उन्होंने अपने बयानों में किया था। जांच एजेंसी सीबीआई उस रत की हर कड़ी को जोड़ने की कोशिश करेगी। खबर यह भी सामने आई है कि सीन रिक्रिएशन गिरिबाला बंगले से लेकर भोपाल एम्स तक कराया जा सकता है। इस प्रक्रिया से सीबीआई को कई अहम सबूत और सवालों के जवाब मिल सकते है।
सूत्रों के अनुसार, सीन रिक्रिएशन की प्रक्रिया में 80 किलों की एक डमी को ट्विशा के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा। डमी को उसी जगह पर वैसे ही फंदे से लटकाया जहां ट्विशा की लाश गिरिबाला और समर्थ सिंह को लटकी हुई दिखी थी। इस डमी का इस्तमाल कर गिरिबाला सिंह और समर्थ को यह दिखाना होगा की उन्होंने कैसे ट्विशा को फंदे से नीचे उतारा। समर्थ ने बयान दिया था कि गिरिबाला सिंह ने पलंग पर चढ़कर ट्विशा को फंदे से निकालने की कोशिश कर रही थी और वो नीचे से उसे ऊपर उठा रहे थे। इसी सीन को उन्हें दोबारा से रिक्रिएट करना होगा। इसमें सबसे अहम भूमिका गिरिबाला सिंह की होगी। सीबीआई गिरिबाला से डमी लिगेचर या बेल्ट की गांठ खोलकर दिखाने को कहेगी।
इससे सीबीआई को यह पता चलेगा जिस तरह से फंदा हटाने का दावा आरोपी पक्ष द्वारा किया गया है क्या वह व्यवहारिक और संभव होने के साथ साक्ष्यों से मेल खाता है या नहीं। इसके बाद उन्हें बयानों के अनुसार डमी को उसी तरह नीचे लाकर भोपाल एम्स तक ले जाना होगा जैसा उन्होंने उस रहस्यमयी रात को किया था। इस जांच में एक्सपर्ट्स उस बेल्ट की मजबूती की भी जांच करेंगे। इसमें यह पता किया जाएगा कि क्या यह बेल्ट फंदे के रूप में ट्विशा का भार उठाने लायक था या नहीं। बताया यह भी जा रहा है कि सीबीआई मोबाइल डेटा, कॉल रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज सहित सभी सबूतों के आधार पर एक डिटेल्ड टाइमलाइन भी बना रही है।
सरेंडर करने के बाद पुलिस पूछताछ में समर्थ सिंह ने बताया था ' हम दोनों ने ट्विशा को फांसी से नीचे उतारने की कोशिश की। मां ने पलंग पर चढ़कर फंदा ढीला किया जबकि मैं नीचे से सहारा देकर उसे ऊपर करते रहा। ट्विशा को बमुश्किल फंदा हटाकर पलंग पर लिटाया। उसे सीपीआर भी दिया। मौसी के बेटे को बुलाकर कार से एम्स अस्पताल ले गए जहां डॉक्टरों ने कहा कि इसकी सांसें थम चुकी है। अब इसी पूरे सीन को दोबारा से रिक्रिएट किया जाएगा। यहां समर्थ के बयान का क्रॉस चेक भी किया जाएगा जिससे ये पता लग सके कि उनके बयान घटनास्थल की संरचना, कमरे की ऊंचाई, फर्नीचर की स्थिति और उपलब्ध भौतिक साक्ष्यों के साथ मेल खा रहे है या नहीं।
सूत्रों के अनुसार,12-13 मई की रात ट्विशा के शव को नीचे उतरवाने में मदद करवाने वाले मौसी के बेटे के अलावा उन सभी लोगों से सीबीआई पूछताछ कर सकती है जो घर से लेकर भोपाल एम्स तक मौजूद थे।
बता दें कि, पूर्व जज गिरिबाला सिंह और बेटे समर्थ सिंह को सीबीआई ने शुक्रवार को दोपहर में सीबीआई कोर्ट में पेश किया गया था।न्यायाधीश शोभना भलावी की अदालत ने दो जून तक का रिमांड दे दिया। अब दोनों से पूछताछ में अहम सबूत मिल सकेंगे।