Twisha Sharma Death Case: टि्वशा शर्मा मामले में पुलिस ने समर्थ से कई सवाल किए। समर्थ ने उनके जवाब भी दिए हैं...
Twisha Sharma Case Updates:एमपी में भोपाल के बहुचर्चित मामले की कमान अब CBI ने संभाल ली है। इस पूरे मामले में कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने को लेकर भोपाल जिला कोर्ट में अलग-अलग आवेदन दायर किए गए हैं। साथ ही सीबीआई ने गिरिबाला और समर्थ पर एफआईआर दर्ज की।
इसमें दहेज में पैसों की डिमांड होने की बात मानी गई है। जानकारी के लिए बता दें कि सीबीआई के इस टेकओवर से ठीक पहले मध्य प्रदेश पुलिस की विशेष जांच टीम ने ट्विशा के वकील पति समर्थ सिंह से करीब तीन घंटे तक सघन पूछताछ की। इस दौरान समर्थ ने जांचकर्ताओं के सामने दावा किया कि अबॉर्शन के बाद टि्वशा तनाव में चल रही थी
रिमांड के दौरान, समर्थ ने कथित तौर पर जांचकर्ताओं को बताया कि ट्विशा के साथ उसके रिश्ते में खटास थी, लेकिन उसने ट्विशा के साथ कभी भी शारीरिक हिंसा करने से इनकार किया। उसने यह तो माना कि दोनों के बीच अक्सर बहस होती थी, लेकिन उसका दावा था कि ये झगड़े उनके तनावपूर्ण वैवाहिक जीवन का हिस्सा थे, न कि हिंसा। उसके बयान के अनुसार, मार्च तक उनकी शादीशुदा ज़िंदगी काफी हद तक सामान्य रही, जिसके बाद ट्विशा के भाई की शादी के बाद से उनके बीच तनाव बढ़ने लगा।
जांचकर्ताओं ने उससे विस्तार से पूछा कि उसकी ट्विशा से पहली मुलाकात कैसे हुई, शादी से पहले उनकी दोस्ती कितने समय तक चली, और शादी के पांच महीनों के भीतर क्या बदलाव आए। पुलिस ने यह भी पूछा कि शादी के बाद ट्विशा अपने मायके कितनी बार गई, और क्या वह अपनी मर्ज़ी से गई थी या घरेलू झगड़ों के बाद वहां चली गई थी। पूछताछ के सबसे संवेदनशील पहलुओं में से एक ट्विशा की प्रेग्नेंसी और अबॉर्शन से जुड़ा था।
समर्थ ने पुलिस को बताया कि वह पिता बनना चाहता था, लेकिन ट्विशा बच्चा नहीं चाहती थी। उसने दावा किया कि अबॉर्शन ट्विशा के ज़ोर देने पर और मेडिकल सलाह के बाद करवाया गया था। उसके मुताबिक, दोनों साथ में डॉक्टर के पास गए थे, और डॉक्टर से दवा लेने के बाद अबॉर्शन किया गया था।
पुलिस ने समर्थ से पूछा कि क्या ट्विशा के परिवार को इस कथित मानसिक इलाज के बारे में बताया गया था, यह ठीक कब शुरू हुआ था, और ऐसी क्या परिस्थितियां थीं जिनके कारण शादी के कुछ ही महीनों के भीतर एक नई-नवेली दुल्हन को मनोचिकित्सक से मिलने की ज़रूरत पड़ी। समर्थ ने इस आरोप पर भी बात की कि ट्विशा को नींद की गोलियां दी जा रही थीं। उन्होंने पुलिस को बताया कि नींद की गोलियां मेडिकल सलाह पर दी जा रही थीं, ताकि उनका तनाव कम करने में मदद मिल सके। CBI इस बात की बारीकी से जांच करेगी कि क्या यह इलाज चिकित्सकीय रूप से सही था, क्या ट्विशा की सहमति ठीक से ली गई थी, और क्या उनके परिवार को इस बारे में अंधेरे में रखा गया था।
बीते दिन शाम करीब 7:30 बजे SIT की टीम समर्थ सिंह को बाग मुगलिया एक्सटेंशन स्थित उसके घर लेकर पहुंची। इस दौरान यहां समर्थ सिंह और गिरिबाला सिंह से करीब ढाई घंटे तक पूछताछ की गई और स्पॉट वेरिफिकेशन कराया गया। बता दें भोपाल पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 80(2), 85 और 3(5) के साथ दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धाराओं में केस दर्ज किया था। 33 वर्षीय ट्विशा शर्मा के परिवार का आरोप है कि ससुराल पक्ष ने उन्हें आत्महत्या के लिए मजबूर किया, जबकि ससुराल पक्ष का दावा है कि ट्विशा ड्रग्स की आदी थीं।
ट्विशा शर्मा मौत मामले की जांच अब CBI ने अपने हाथ में ले ली है। भोपाल पुलिस की FIR को री-रजिस्टर कर पति समर्थ सिंह और सास, रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह के खिलाफ केस दर्ज किया। CBI की स्पेशल क्राइम यूनिट की टीम दिल्ली से भोपाल पहुंची और पुलिस अधिकारियों से केस डायरी, दस्तावेज व अन्य सबूत जुटाए।
बीते दिन जब एसआईटी समर्थ सिंह को स्पॉट वेरिफिकेशन के लिए घर लेकर गई उस दौरान ट्विशा का लैपटॉप, समर्थ सिंह का लैपटॉप, उसके दो मोबाइल फोन और पासपोर्ट जब्त किए गए। सवाल यह है कि जिन लैपटॉप और मोबाइल फोन में चैट, कॉल डिटेल, मेल, लोकेशन और घटना से पहले-बाद की अहम जानकारी हो सकती थी, उन्हें 13 दिन तक जब्त क्यों नहीं किया गया।