
Twisha Sharma Death Case: (Photo Source - Patrika)
Twisha Sharma Case Updates: मध्यप्रदेश में भोपाल के चर्चित मामले में टि्वशा शर्मा केस में जांच अब CBI ने अपने हाथ में ले ली है। इसमें लागातार नए-नए खुलासे होने की उम्मीद है। बता दें कि इस डेथ मिस्ट्री मामले में बीते दिन सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट को बताया गया कि केस की जांच सीबीआइ करेगी। चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने कहा, मामले को लेकर कई सवाल उठ रहे थे और उन्हें भी कुछ मुद्दों को लेकर चिंताएं थीं।
राज्य सरकार ने सही समय पर स्वतंत्र जांच के लिए सीबीआइ को केस सौंपे जाने की अच्छी समझदारी दिखाई। उधर, मप्र हाईकोर्ट में सरकार की ओर से यह कहते हुए याचिका दायर की गई थी कि गिरिबाला सिंह जांच में सहयोग जमानत नहीं कर रहीं, इसलिए अग्रिम को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया निरस्त की जाए। कोर्ट ने गिरीबाला मामले में सुप्रीम कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया था।
सोमवार को सीजेआइ की अध्यक्षता वाली बेंच ने सुनवाई की। चीफ जस्टिस ने कहा, मीडिया पीड़ित या दूसरे परिवार के बयानों के पीछे न भागे। मामले को कानून के मुताबिक बढ़ने दिया जाए। न्यायपालिका की निष्पक्षता पर सवाल उठने से वे दुखी हैं। दोनों पक्ष संयम रखेंगे।
बीते दिन शाम करीब 7:30 बजे SIT की टीम समर्थ सिंह को बाग मुगलिया एक्सटेंशन स्थित उसके घर लेकर पहुंची। इस दौरान यहां समर्थ सिंह और गिरिबाला सिंह से करीब ढाई घंटे तक पूछताछ की गई और स्पॉट वेरिफिकेशन कराया गया। बता दें भोपाल पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 80(2), 85 और 3(5) के साथ दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धाराओं में केस दर्ज किया था। 33 वर्षीय ट्विशा शर्मा के परिवार का आरोप है कि ससुराल पक्ष ने उन्हें आत्महत्या के लिए मजबूर किया, जबकि ससुराल पक्ष का दावा है कि ट्विशा ड्रग्स की आदी थीं।
ट्विशा शर्मा मौत मामले की जांच अब CBI ने अपने हाथ में ले ली है। भोपाल पुलिस की FIR को री-रजिस्टर कर पति समर्थ सिंह और सास, रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह के खिलाफ केस दर्ज किया। CBI की स्पेशल क्राइम यूनिट की टीम दिल्ली से भोपाल पहुंची और पुलिस अधिकारियों से केस डायरी, दस्तावेज व अन्य सबूत जुटाए।
बीते दिन जब एसआईटी जब समर्थ सिंह को स्पॉट वेरिफिकेशन के लिए घर लेकर गई तब समर्थ टूटा हुआ सा दिखा। वो शांत खड़ा रहा। टीम ने ट्विशा का लैपटॉप, समर्थ सिंह का लैपटॉप, उसके दो मोबाइल फोन और पासपोर्ट जब्त किए गए। सवाल यह है कि जिन लैपटॉप और मोबाइल फोन में चैट, कॉल डिटेल, मेल, लोकेशन और घटना से पहले-बाद की अहम जानकारी हो सकती थी, उन्हें 13 दिन तक जब्त क्यों नहीं किया गया।
दिल्ली सीबीआइ की पांच सदस्यीय टीम सोमवार रात पहुंची। एफआइआर दर्ज कर जांच अपने हाथ में ले ली। अभी तक राज्य पुलिस की एसआइटी केस पर काम कर रही थी। सीबीआइ ने गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 80(2), 85 और 3(5) के तहत केस दर्ज किया है। दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धारा 3 और 4 भी लगाई हैं। एफआइआर में दहेज हत्या, महिला के साथ क्रूरता, साझा साजिश और दहेज मांगने या लेने जैसे आरोप शामिल किए गए हैं। पुलिस जरूरत पड़ने पर एसआइटी जांच में सहयोग करेगी।
Updated on:
28 May 2026, 11:09 AM IST
Published on:
26 May 2026, 12:45 PM IST
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