Twisha sharma death case update: ट्विशा शर्मा मामले में एक और चौंकाने वाली बात सामने आई है कि मौत से पहले पति से अनबन के दौरान ट्विशा अपने भाई मेजर हर्षित के घर राजस्थान के अजमेर जाना चाहती थी। ट्विशा की मौत के बाद भाई हर्षित ने उसे इंसाफ दिलाने के लिए पूरी ताकत लगा दी।
Twisha sharma death case update: फिल्म एक्ट्रेस और मॉडल ट्विशा शर्मा की मौत ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। नोएडा की ट्विशा (31) की शादी दिसंबर 2025 में पूर्व जिला जज गिरिबाला सिंह के एडवोकेट बेटे समर्थ सिंह से हुई थी। 12 मई की रात को ट्विशा भोपाल के कटारा हिल्स क्षेत्र में घर में फंदे पर लटकी मिलीं। मामले में पिछले 15 दिनों में एक के बाद एक खुलासे हो रहे हैं। इस बीच एक और चौंकाने वाली बात सामने आई है कि मौत से पहले पति से अनबन के दौरान ट्विशा अपने भाई मेजर हर्षित के घर राजस्थान के अजमेर जाना चाहती थी। ट्विशा की मौत के बाद भाई हर्षित ने उसे इंसाफ दिलाने के लिए पूरी ताकत लगा दी। मेजर हर्षित ने कोर्ट से लेकर मीडिया तक के सामने अपनी बहन के लिए न्याय की गुहार लगा रहे हैं।
जानकारी के मुताबिक, अपने वैवाहिक जीवन में लगातार परेशानी झेल रही ट्विशा 15 मई को राजस्थान के अजमेर जाकर अपने भाई मेजर हर्षित शर्मा के पास जाना चाहती थीं, लेकिन ऐसा हो नहीं सका। बताया जा रहा है कि शादी के कुछ महीनों से लगातार समर्थ और ट्विशा के रिश्तों में टकराव की स्थिती थी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मौत वाले दिन यानी 12 मई को पति-पत्नी के बीच काफी बहस की बात सामने आई। ट्विशा अपने भाई से मिलने अजमेर आना चाहती थीं और वहां का टिकट बुक करा रही थीं। लेकिन पति समर्थ ने उसे ऐसा करने से मना कर दिया। इसी अनबन और विरोध के बीच ट्विशा की संदिग्ध मौत हो गई।
सुसराल पक्ष ने आत्महत्या बताया। कटारा हिल्स पुलिस ने भी आत्महत्या करार दिया। ट्विशा के पिता ने दहेज प्रताडऩा का आरोप लगाया। वह गर्भवती भी थी। पिता का आरोप है, बेटी को मारकर लटकाया गया।
ट्विशा शर्मा की मौत के मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआइ) ने एफआइआर दर्ज करने के दूसरे ही दिन मंगलवार को जांच शुरू की। सीबीआइ की पांच सदस्यीय टीम ने ट्विशा की सास पूर्व जिला जज गिरिबाला सिंह से उनके बाग मुगलिया स्थित आवास पर करीब आधे घंटे पूछताछ की। इसके बाद कटारा हिल्स थाने में पति समर्थ सिंह से भी पूछताछ की। सीबीआइ ने गेस्ट हाउस में ट्विशा माता-पिता और भाई के बयान लिए। इससे पहले पुलिस कमिश्नर संजय कुमार और सीबीआइ अफसरों के बीच केस पर लंबी बातचीत हुई। पुलिस ने 500 से ज्यादा पन्नों की केस डायरी समेत घटना से जुड़े डिजिटल साक्ष्य सीबीआइ को सौंपे। कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) और सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने को लेकर भोपाल जिला कोर्ट में दायर आवेदनों पर मंगलवार को सुनवाई हुई।
दिल्ली से आई सीबीआइ टीम का नेतृत्व डीआइजी रैंक के अफसर कर रहे हैं। इसमें डिह्रश्वटी एसपी निशु कुशवाह समेत अन्य महिला सदस्य भी शामिल हैं। बताते हैं, श्विटी एसपी निशु की महिलाओं के खिलाफ अपराध की जांच में विशेषज्ञता है। इधर, मप्र पुलिस ने सीबीआइ के बीच समन्वय के लिए भोपाल डीसीपी विकास सहवाल को अधिकृत किया है। यहां बता दें कि 22 मई को राज्य सरकार ने सीबीआइ जांच की सिफारिश की थी।