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बेदम पड़ी रही ट्विशा, गिरिबाला सिंह करती रहीं ये काम: अब कोर्ट में हो रही लड़ाई

Twisha Sharma case- परिजनों ने कहा कि कॉल डिटेल रिकॉर्ड से हकीकत सामने आ जाएगी, पुलिस ने अदालत को बताया कि पूर्व जज गिरिबाला सिंह के कॉल डिटेल रिकॉर्ड मांगे हैं

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Call details of former Judge Giribala Singh sought in the Twisha Sharma case

Call details of former Judge Giribala Singh sought in the Twisha Sharma case

Twisha Sharma Case - नोएडा की ट्विशा शर्मा (31) की भोपाल में हुई संदिग्ध मौत की जांच लगातार जारी है। इधर दोनों पक्षों की अदालत में भी लड़ाई चल रही है। भोपाल जिला कोर्ट में कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) और सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने को लेकर दायर अलग अलग आवेदनों पर मंगलवार को सुनवाई हुई। ट्विशा के परिवार की ओर से वकील अंकुर पांडे ने सीडीआर सुरक्षित रखने के लिए आवेदन दिया था। पिता नवनिधि शर्मा व भाई हर्षित शर्मा का आरोप है कि वारदात वाले दिन जहां ट्विशा बेदम पड़ी थी वहीं सास ​गिरिबाला सिंह न्यायिक अधिकारियों और जांच एजेंसियों से जुड़े लोगों को फोन करती रहीं। परिजनों का मानना है कि कॉल डिटेल रिकॉर्ड से हकीकत सामने आ जाएगी। पुलिस ने अदालत को बताया कि घटना वाले दिन पूर्व जज गिरिबाला सिंह के कॉल डिटेल रिकॉर्ड कंपनियों से मांगे गए हैं।

पूर्व जिला जज गिरिबाला सिंह के एडवोकेट बेटे समर्थ सिंह से ट्विशा शर्मा की शादी बीते साल यानि दिसंबर 2025 में हुई थी। 12 मई की रात को ट्विशा शर्मा कटारा हिल्स क्षेत्र में अपने घर में फंदे पर लटकी मिलीं। मायके पक्ष ने दहेज प्रताडऩा और हत्या का आरोप लगाया जबकि ससुराल पक्ष ने इसे आत्महत्या बताया। भोपाल की कटारा हिल्स पुलिस ने भी इसे आत्महत्या करार दिया।

ट्विशा शर्मा के परिजनों की मांग के बाद 22 मई को राज्य सरकार ने सीबीआइ जांच की सिफारिश की थी। सीबीआई ने मामला अपने हाथ में ले भी लिया है। मंगलवार को सीबीआइ ने रिटायर्ड जज गिरिबाला के घर जाकर जांच की।

12 मई से 20 मई तक पूर्व जज गिरिबाला सिंह के कॉल डिटेल रिकॉर्ड मांगे

इधर कोर्ट में भी मामले की सुनवाई चल रही है। ट्विशा के परिवार ने CDR सुरक्षित रखने की अर्जी लगाई थी जिसपर SIT ने अपना जवाब पेश किया। मंगलवार को पुलिस ने जवाब देते हुए अदालत को बताया कि घटना वाले दिन 12 मई से लेकर 20 मई तक पूर्व जज गिरिबाला सिंह के कॉल डिटेल रिकॉर्ड टेलीकॉम कंपनियों से मांगे गए हैं। कॉल रिकॉर्ड को जांच का हिस्सा बनाया गया है। जांच की जा रही है।

मौत के बाद 46 नंबरों पर कॉल किए

ट्विशा के परिजनों ने दावा किया है कि उसकी मौत के बाद सास गिरिबाला सिंह ने 46 नंबरों पर कॉल किए थे। इस पर कोर्ट को बताया गया है कि घटना से जुड़े सभी मोबाइल नंबरों की सीडीआर के साथ ही टावर लोकेशन सुरक्षित रखने के लिए संबंधित टेलीकॉम कंपनियों को पत्र भेजकर निर्देश दे दिए गए हैं।

इस बीच मप्र पुलिस ने सीबीआइ के साथ समन्वय स्थापित करने के लिए वरिष्ठ अधिकारी को नियुक्त किया है। इस काम के लिए भोपाल के डीसीपी विकास सहवाल को अधिकृत किया गया है।