भोपाल

सातवां चरण: 8 सीटों पर वोटिंग खत्म, देवास में बंपर मतदान

आठ सीटों में 3 सीटें ST और 2 सीटें SC के लिए आरक्षित हैं जबकि 3 सीटें सामान्य के लिए हैं।

3 min read
May 19, 2019
election 2019
सातवां चरण: प्रदेश की आठ सीटों पर वोटिंग शुरू, 2014 में बीजेपी ने जीती थी सभी सीटें; इंदौर पर सबकी नजर

भोपाल.लोकसभा चुनाव में सातवें और अंतिम चरण के लिए वोटिंग खत्म हो गई है। इस चरण में 8 राज्यों की 59 सीटों पर वोट डाले गए। 918 उम्मीदवार मैदान में हैं। लोकसभा चुनाव के नतीजे 23 मई को आना है। मध्यप्रदेश की आठ लोकसभा सीटों पर वोटिंग संपन्न हो गई है। इंदौर, देवास, उज्जैन, धार, खंडवा, खरगोन, मंदसौर और रतलाम संसदीय क्षेत्रों पर मतदान शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई। 2014 के लोकसभा चुनाव पर भाजपा ने सभी आठों सीटों पर जीत दर्ज की थी।


82 उम्मीदवार मैदान में
एमपी की 8 सीटों पर वोटिंग खत्म हो गई है। इन आठ सीटों पर 82 उम्मीदवार मैदान में हैं। प्रदेश की आठ सीटों में 3 सीटें ST और 2 सीटें SC के लिए आरक्षित हैं जबकि 3 सीटें सामान्य के लिए हैं। सबसे अधिक इंदौर सीट पर 20 उम्मीदवार वहीं, देवास सीट पर सबसे कम 6 प्रत्याशी मैदान में हैं।


कहां कितने उम्मीदवार?
देवास- 6
उज्जैन- 9
मंदसौर- 13
रतलाम- 9
धार- 7
इंदौर- 20
खरगोन- 7
खंडवा- 11

डेढ़ करोड़ मतदाता चुनेंगे सांसद
आठ सीटों के लिए कुल 1 करोड़ 49 लाख 13 हजार 890 मतदाता वोटिंग करेंगे। इनमें 76 लाख 26 हजार 516 पुरुष मतदाता, महिला मतदाता 72 लाख 86 हजार 890 हैं। वहीं, 484 थर्ड जेंडर मतदाता वोट करेंगे। कुल 18 हजार 411 मतदान केंद्र स्थापित किए गए हैं। संवेदनशील मतदान केंद्रों पर वेब कास्टिंग और सीसीटीवी से नजर रखी जा रही है। सुरक्षा के भी व्यापक इंतजाम किए गए हैं। 56 हजार से अधिक सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं।

कौन-कौन है उम्मीदवार


















































संसदीय सीटभाजपा उम्मीदवारकांग्रेस उम्मीदवार
देवासमहेंद्र सोलंकीप्रहलाद टिपानिया
उज्जैनअनिल फिरोजियाबाबूलाल मालवीय
मंदसौरसुधीर गुप्तामीनाक्षी नटराजन
रतलामजीएस डामोरकांतिलाल भूरिया
धारछतरसिंह दरबारदिनेश गिरवाल
इंदौरशंकर लालवानीपंकज संघवी
खंडवानंदकुमार सिंह चौहानअरुण यादव
खरगोनगजेंद्र पटेलडॉ. गोविंद मुजाल्दा

LIVE UPDATE

सीटों का समीकरण

इंदौर: इंदौर लोकसभा सीट सुमित्रा महाजन के चलते सुर्खियों में रही है। वो लगातार 8 बार यहां से जीत दर्ज की। भाजपा ने इस बार महाजन का टिकट काट कर शंकर लालवानी को टिकट दिया। वहीं, कांग्रेस ने पंकज संघवी को मैदान में उतारा। इंदौर भाजपा का गढ़ है। इस संसदीय सीट में 8 विधानसभा सीटें आती हैं। दोनों ही दल कांग्रेस और भाजपा का 4-4 सीट पर कब्जा है।


देवास: अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित देवास-शाजापुर लोकसभा सीट में कांग्रेस और भाजपा दोनों ही पार्टी ने नए चेहरे को मैदान में उतारा है। कांग्रेस के उम्मीदवार पद्मश्री प्रहलाद टिपानिया वहीं, बीजेपी के महेन्द्र सिंह सोलंकी सिविल जज की नौकरी छोड़कर चुनाव में उतरे हैं। यहां की 8 विधानसभा क्षेत्रों में शाजापुर, कालापीपल, सोनकच्छ, हाटपिपल्या में कांग्रेस तो आगर, आष्टा, शुजालपुर, देवास में भाजपा काबिज है।

उज्जैन: उज्जैन में भाजपा ने मौजूदा सांसद चिंतामणि मालवीय का टिकट काटकर अनिल फिरोजिया को उम्मीदवार बनाया है जो पूर्व विधायक हैं। वहीं, कांग्रेस ने पूर्व मंत्री बाबूलाल मालवीय को मैदान में उतारा है, यह भी पूर्व विधायक हैं। यहां की 8 विधानसभा में से नागदा-खाचरौद, बड़नगर, आलोट, तराना, घट्टिया में कांग्रेस तो महिदपुर, उज्जैन दक्षिण, उज्जैन उत्तर में बीजेपी काबिज है।

मंदसौर: यहां से कांग्रेस ने पूर्व सांसद मीनाक्षी नटराजन और भाजपा ने वर्तमान सांसद सुधीर गुप्ता को मैदान में उतारा है। किसान आंदोलन के दौरान 6 जून 1917 को पुलिस की गोलियों से 6 किसानों की मौत के बाद भी 8 विधानसभा सीटों में से 7 पर जिसमें जावरा, नीमच, मंदसौर, गरोठ, जावद, मल्हारगढ़, मनासा शामिल है में भाजपा काबिज है। सिर्फ सुवासरा विधानसभा में कांग्रेस की जीत हुई थी।

रतलाम-झाबुआ: अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित रतलाम-झाबुआ सीट कांग्रेस का मजबूत गढ़ मानी जाती है। कांग्रेस ने यहां से पांच बार के सांसद, पूर्व केंद्रीय मंत्री कांतिलाल भूरिया को मैदान में उतारा है। वहीं भाजपा ने इंजीनियर से नेता बने विधायक जीएस डामोर को उम्मीदवार बनाया है। यहां की 8 विधानसभा क्षेत्रों में से 5 जिसमें जोबट, अलीराजपुर, पेटलावद, थांदला और सैलाना शामिल है पर कांग्रेस तो झाबुआ, रतलाम ग्रामीण और रतलाम शहर पर बीजेपी के विधायक है।

धार: धार की संसदीय सीट अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित है। भाजपा ने मौजूदा सांसद सावित्री ठाकुर का टिकट काटकर दो बार सांसद रहे छतरसिंह दरबार को मैदान में उतारा है। जबकि कांग्रेस ने 3 बार सांसद रहे गजेंद्र सिंह राजूखेड़ी का टिकट काटकर दिनेश गिरवाल को प्रत्याशी बनाया है। यहां आठ विधानसभा में से 6 (सरदारपुर, मनवार, बदनावर, गंधवानी, धरमपुरी, कुक्षी) में कांग्रेस तो डॉ.अंबेडकरनगर-महू तथा धार में भाजपा काबिज है।

खरगोन: यह संसदीय सीट अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित है। यहां कांग्रेस के डॉ. गोविंद मुजाल्दा और भाजपा के गजेंद्र पटेल के बीच मुकाबला है। यहां से अब तक बीजेपी 7, कांग्रेस 5, जनसंघ 2 और भारतीय लोकदल ने 1 बार जीत हासिल की है।

खंडवा: खंडवा लोकसभा सीट से सबसे ज्यादा बार जीतने वाले नंदकुमार चौहान को भाजपा ने एक बार फिर मैदान में उतारा है। वहीं, कांग्रेस ने पूर्व केंद्रीय मंत्री और यहां से सांसद रहे अरुण यादव को अपना उम्मीदवार बनाया है। दोनों ही उम्मीदवार अपनी-अपनी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं। यहां की 8 विधानसभा सीटों में से मंधाता, बड़वाह, नेपानगर, भीकनगांव में कांग्रेस तो खंडवा, पंधाना, बागली में भाजपा तथा बुरहानपुर में निर्दलीय काबिज हैं।

Updated on:
19 May 2019 06:09 pm
Published on:
19 May 2019 07:41 am