
भोपाल. पिछले दो दिनों से शाम ढलने पर गरजे-बरसे बादलों ने अक्टूबर महीने की कुल बारिश का अलग रिकार्ड बना दिया है। यह पिछले 10 सालों में तीसरी बार सबसे ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। रविवार शाम से सोमवार सुबह तक शहर में 48 मिमी या लगभग दो इंच बारिश हो गई। इसके साथ ही अक्टूबर महीने की बारिश का आंकड़ा भी 57.5 मिमी या दो इंच से अधिक का पहुंच चुका है। जबकि इससे पहले 2019 में सबसे ज्यादा 133 मिमी या सवा पांच मिमी बारिश हुई थी वहीं 2016 में 76.3 मिमी या तीन इंच बारिश हुई थी। यदि आने वाले दो सप्ताहों में एक या दो बार जोरदार बौछारें गिर गईं तो कई साल का रिकार्ड भी टूट सकता है।
जिले में 2016 और 2019 महीने की अक्टूबर की बारिश को छोड़ दें तो बाकी सालों में अक्टूबर के महीने सात से 10 मिमी बारिश हुई है, जबकि तीन सालों में तो बारिश का खाता भी नहीं खुला। जिले के अक्टूबर महीने में 38.9 मिमी या डेढ़ इंच के लगभग औसत बारिश होती है। इस हिसाब से भी आंकड़ा कहीं ऊपर निकल चुका है।
वर्ष - अक्टूबर महीने में बरसात (मिमी में )
2011-00
2012-00
2013- 26.2
2014- 12.4
2015- 3.2
2016- 76.9
2017- 00
2018- 12.9
2019- 133.1
2020- 24.2
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बॉक्स-
जोरदार बारिश का असर, पांच डिग्री गिर गया दिन का तापमान
शनिवार को हुई बारिश ने जहां उमस बढ़ा दी थी, वहीं रविवार शाम से शुरू हुई बरसात रात भर चलती रहीं। दो इंच की जोरदार बरसात ने मौसम का मिजाज ही बदल दिया। बादलों के बावजूद रात का तापमान आधा डिग्री गिरकर 22 डिग्री पर आ गया। वहीं दिन में तो मानो ठंडक ही घुल गई। दोपहर तक बादल ही छाए रहे इससे गर्मी का पता ही नहीं चला वहीं दोपहर बाद आसमान तो खुला लेकिन धूप की तपिश महसूस नहीं हुई। इसी के चलते अधिकतम तापमान रविवार के मुकाबले सीधे 4.9 डिग्री गिरकर 28.1 डिग्री पर आ गया जो सामान्य स्तर से चार डिग्री कम रहा।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां जारी रहेंगी लेकिन राजधानी में मंगलवार के बाद से इसमें कमी आने लगेगी। सप्ताहांत तक आसमान पूरी तरह खुल जाएगी जिसके बाद तापमान में गिरावट का सिलसिला एक बार फिर शुरू हो सकता है।