
MP Cabinet Big decision: एमपी सीएम डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में अहम फैसले। (photo: dr mohan yadav X handle)
MP Cabinet Big Decision: मध्य प्रदेश के सीएम डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट बैठक में सरदार सरोवर योजना की राशि को लेकर गुजरात से चल रहा विवाद सुलझा लिया गया। कैबिनेट बैठक में इस मुद्दे पर जानकारी देते हुए सीएम ने बताया कि 30-40 साल से जो अंतरराज्यीय मुद्दे लंबित चल रहे हैंस उनमें से सरदार सरोवर योजना का मामला सुलझा लिया गया है। उन्होंने इसे एक बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि इस तरह के समझौते यदि राज्यों के बीच जल्द होते हैं, तो विकास की गति को रफ्तार मिलती है। इस जल समझौते में गुजरात को जो लागत आई थी उसे 50 प्रतिशत ली जानी थी, बाकी राशि अन्य राज्यों से मांगी जा रही थी। लेकिन अब यह निर्णय लिया गया है कि 75 फीसदी राशि गुजरात वहन करेगा, बाकी राशि दी जाएगी। अब मध्यप्रदेश सरकार को 217 करोड़ रुपए दिए जाने का समझौता हुआ है।
इसके साथ ही उन्होंने जानकारी दी कि ज्ञान भारतम योजना केंद्र सरकार की है। इस योजना के तहत भारतीय ज्ञान परम्पराओं में जितनी भी पांडुलिपियां देशभर में हैं उन्हें संरक्षित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके तहत इन पांडुलिपियों का डिजिटलाइजेशन किया किया जाना था। इस योजना के क्रियान्वयन में मध्य प्रदेश ने पहला स्थान प्राप्त किया है। मध्यप्रदेश ने 34 लाख से ज्यादा रजिस्ट्रेशन किए गए। वहीं 12 लाख पांडुलिपियों का सत्यापन किया जा चुका है।
सीएम ने कहा कि, टिकमगढ़ से 10 फीट लंबा जंबूद्वीप का नक्शा निकला है। ऐतिहासिक परम्पराओं को हमारे भारत का अखंड स्वरूप है। जो अंतरीक्ष से जामुनी कलर का दिखाई देता है। बुरहानपुर से 220 साल पुरानी हस्तलिखित भाग्वद्गगीता पर पांडुलिपि भी मिली है। इसके लिए ही प्रदेश पहले पायदान पर रहा।
सीएम ने बताया कि जल गंगा संवर्धन अभियान तीन वर्ष में प्रारंभ किया गया। इस अभियान में 7 करोड़ परिवारों की भागीदारी की गई है। 3 लाख 60 हजार से ज्यादा कार्यों को संपादित किया गया है। इस अभियान में 10,600 से ज्यादा करोड़ रुपए का खर्च हुआ है।
इसके बाद एमपी में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती के उपलक्ष्य में सतगढ़ी क्षेत्र में एक इंडस्ट्रियल पार्क की स्थापना की गई है। यह पार्क करीब 70 हेक्टेयर भूमि पर बनाया जाएगा। इसमे सबसे महत्वपूर्ण यह है कि इसकी 25 एकड़ भूमि कन्वेंशन सेंटर के लिए रखी गई है। यह 70 हेक्टेयर लघु और मध्य उद्योगों को लाभ मिलेगा। सीएम ने इसका भूमिपूजन कर चुके हैं। जल्द ही इसके कार्यों को तत्काल गति दी जाएगी।
शिवपुरी में अदानी एयरो स्पेस यूनिट योजना के लिए 2500 करोड़ के कार्यों का भूमिपूजन किया गया है। डबल और ट्रिपल बेस के अलग-अलग प्रकार के रक्षा उपकरणों का निर्माण करेगा। जिसमें 10 हजार से ज्यादा लोगों को रोजगार मिलेगा।
मध्य प्रदेश को खेलों में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। जापान में आयोजित अंडर 18 महिला हॉकी एशियन कप में प्रदेश के खिलाड़़ियों ने 6 ने स्वर्ण पदक और 4 ने कांस्य पदक जीते हैं। खिलाड़ियों का प्रोत्साहन बढ़ाने के लिए सीएम ने स्वर्ण पदक विजेताओं को 3-3 लाख रुपए और कांस्य पदक विजेताओं को सरकार 1-1 लाख रुपए राशि देगी।
वक्फ बोर्ड के नए नियमों के तहत मध्य प्रदेश में बोर्ड का गठन किया गया। वहीं गैर मुस्लिम संप्रदाय के लोगों को इसमें नामांकित भी किया है। ऐसा करने वाला मध्य प्रदेश पहला राज्य बना है। इसके अलावा प्रमोशन शुरू किए जाने को लेकर भी मंत्रिमंडल ने सीएम को बधाई दी।
केंद्र सरकार की स्वामित्व योजना ने पूर्व में मंत्रीमंडल ने निर्णय लिया था कि जितने भी पट्टे और रजिस्ट्री बनाई जाएंगी उनका स्टाम्प शुल्क नहीं लिया जाएगा। लेकिन इसके बाद उपकर और पंचायत में लिया जाने वाला अतिरिक्त शुल्क था, अब इस उपकर की बाध्यता में छूट दी गई है। सरकार इस योजना के तहत सरकार पट्टे और रजिस्ट्री सरकार करवाकर देगी। करीब 48 लाख निजी स्तर के 68 लाख अधिकार अभिलेखों का निर्माण है। इनमें कोई उपकर या पंचायत का अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा।
मध्य प्रदेश स्टेट इलेक्ट्रिक यूनिट डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन की ओर से 12-13 साल पहले जिस डाटा सेंटर की स्थापना की गई थी। लेकिन इन वर्षों में जो आधुनिक समय में टेक्नोलॉजिकल बदलाव हुए हैं, उन्हें देखते हुए इस डाटा सेंटर को भी अपग्रेड और अत्याधुनिक किया जाएगा। इसके लिए 800 करोड़ की अतिरिक्त राशि को मंजूरी दी गई है।
आईटी से संबंधित इलेक्ट्रॉनिक इक्विपमेंट के डिवाइस मैन्युफैक्टरर, पार्क के लिए अभी तक IT विभाग जमीन देता था। लेकिन अब यह निर्णय लिया गया है कि अब इन उपकरण बनाने वालो उद्योगों को औद्योगिक क्षेत्रों में भी जमीन उपलब्ध करवाई जाएगी। यह कार्य प्रदेश की औद्योगिक नीति-नियमों के आधार पर की जाएगी। आईटी सेक्टर में इजाफा होगा। इसके तहत सीएम ने विशेष रूप से संशोधन करवाया है। हर जिले में छोटे-छोटे आईटी प्लग इन प्ले वाले ये पार्क के लिए भवन निर्माण का प्रावधान किया गया है।
इसी के तहत विज्ञान प्रौद्योगिकी विभाग की उज्जैन के डोंगला स्थित वैधशाला स्थापित की जा रही है। इसके तहत 5 वर्ष के लिए निरंतरता के लिए 39 करोड़ रुपए को स्वीकृति दी गई है। इस राशि से इसका आधुनिकीकरण किया जाएगा।
पर्यावरण संतुलन के लिए संचालित की जाने वाली नमोहरे नगर योजना के लिए 100 करोड़ की राशि का प्रावधान किया गया है। 5 साल के लिए जारी यह राशि जारी की जाएगी। इस योजना के तहत जो नमो नगर वन बनाए जाएं तो उनकी स्थापना के समय सीएसआर या जनभागीदारी से जो राशि मिलेगी उसके बराबर राशि राज्य सरकार वहन करेगी। इसके साथ ही प्रतिवर्ष इनके मेंटेनेंस के लिए भी राज्य सरकार 5 साल के लिए राशि देगी।
बैठक में लोक स्वास्थ्य केंद्रों के लिए भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। हर जिलों में जो सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हैं, उनमें अभी विशेषज्ञ डॉक्टर्स की कमी है। लोक सेवा आयोग और पीएससी से जो भर्ती सरकार करवा रही है, उसमें भी एपॉइंटमेंट किया जाता है, तो 35 फीसदी विशेषज्ञ ज्वॉइन करते हैं। शेष पद खाली रह जाते हैं।
इन खाली पदों को भरने के लिए अब सरकार नियम में एक बदलाव ला रही है। इसके तहत जिन जिलों में ये पद खाली हैं, वहां का स्वास्थ्य विभाग खुद ही एक्सपर्ट्स की भर्ती करेगा। जब कोई सर्विस के लिए आएगा, तो उसे इसकी स्पष्ट जानकारी रहेगी कि उन्हें इस जिले के आसपास ही काम कर सकेगा। इसके लिए भी शर्त रहेगी किये नियम केवल तीन साल के लिए ही रहेगा। इसके बाद सरकारी नियम के तहत उनका ट्रांसफर भी किया जा सकेगा। विभाग अपनी कमेटी बनाकर इनकी सीधी भर्ती कर सकेगा।
मोटराइज स्कूटी के लिए 90 हजार रुपए और ई स्कूटी के लिए 1 लाख 20 हजार रुपए देती है। इस योजना की अगले 5 वर्ष की निरंतरता के लिए कैबिनेट में 3495 करोड़ रुपए की राशि को स्वीकृति दी गई है। बता दें कि प्रदेश सरकार की यह योजना प्रदेश के 23 हजार 12th क्लास टॉपर्स स्टूडेंट्स को लाभान्वित कर रही है।
खाद्यान्न जैसे गेहूं, धान, ज्वार और बाजरा की जो खरीदी को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्णय बैठक में लिया गया। दरअसल केंद्र सरकार के कोटे के अनुमान से प्रदेश सरकार खरीदी करती है। कई बार खरीदी ज्यादा होती है या किसानों की संख्या बढ़ती है, तब ज्यादा खरीदी सरकार को करनी पड़ती है। ऐसे में अभी तक उसके निस्तारण और भंडारण को लेकर कई समस्याएं आती हैं। इनके निस्ताकरण के लिए भी नीति बनाई जा रही है। कैबिनेट में इस पर चर्चा की गई। इस नीति के तहत प्रदेश सरकार की खरीदी पूर्ण होते है, उसके बाद बचे हुए खाद्यान्न का निस्तारण ऑनलाइन नीलामी कर की जाएगी, ताकि लंबे समय तक भंडारण न करना पड़े। इससे भंडारण में होने वाले खर्च से मुक्ति मिलेगी और जो समस्याएं आती थीं वह दूर होंगी।
-खबर लगातार अपडेट की जा रही है
Updated on:
08 Jul 2026 03:38 pm
Published on:
08 Jul 2026 02:34 pm
