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दवाओं की खरीदी से मरीजों को देने तक की होगी रियल टाइम ट्रैकिंग, एमपी में बनेंगे 10 वेयरहाउस

Medicines real-time tracking: सरकारी अस्पतालों में अब दवाओं की खरीदी से लेकर मरीजों तक वितरण की रियल टाइम निगरानी होगी। एनएबीएल लैब जांच के बाद ही दवाएं अस्पतालों में भेजी जाएंगी...
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Medicines real-time tracking: बनेंगे 10 वेयरहाउस (Photo Source- freepik)

Medicines real-time tracking: बनेंगे 10 वेयरहाउस (Photo Source- freepik)

Medicines real-time tracking MP: मध्यप्रदेश में अब अस्पतालों में मरीजों को आए दिन अमानक दवाओं के वितरण की समस्या से निजात मिलने की संभावना है। इसके लिए अब विभाग आधुनिक तकनीक से सरकारी अस्पतालों में दवाओं की खरीदी से लेकर मरीजों के वितरण तक की निगरानी की व्यवस्था करने जा रहा है। इसके तहत प्रदेश के सभी संभागीय मुख्यालयों पर 10 वेयरहाउस बनाए जाएंगे। इन वेयरहाउसों में दवाओं के सुरक्षित और व्यवस्थित भंडारण की व्यवस्था की जाएगी।

हाई-एंड टेक्नोलॉजी सॉल्यूशंस का उपयोग कर दवाओं की रियल टाइम ट्रैकिंग होगी और स्टॉक की स्थिति की सतत निगरानी की जाएगी। मेडिकल सप्लाई चेन में एंड-टू-एंड इंटीग्रेशन सुनिश्चित किया जाएगा। खास बात यह कि एनएबीएल मान्यता प्राप्त प्रयोगशाला में परीक्षण के बाद ही दवाओं को अस्पतालों में वितरण के लिए भेजा जाएगा। साथ ही मरीज को दवा के वास्तविक वितरण की जानकारी भी रियल टाइम में दर्ज करने की व्यवस्था विकसित की जाएगी। हालही में 27 दवाएं अमानक मिलीं। विडंबना यह बाए रही कि जब तक इनकी रिपोर्ट आती यह कई मरीजों को बांटी जा चुकी थीं।

अस्पतालों में सप्लाई चेन

प्रदेश के अस्पतालों में बनाई जा रही मेडिकल सप्लाई चेन व्यवस्था का विभागीय अधिकारियों ने मंगलवार को उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल के समक्ष प्रजेंटेशन दिया। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि दवाओं की समय पर टेस्टिंग सुनिश्चित की जाए तथा गुणवत्ता परीक्षण उपरांत ही ही दवाओं का वितरण किया जाए। सभी स्तरों पर पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध रहे और डिमांड सप्लाई गैप की स्थिति निर्मित न हो। शुक्ल ने कहा कि तकनीक आधारित मेडिकल सप्लाई चेन व्यवस्था से दवाओं की उपलब्धता और वितरण की सतत निगरानी संभव होगी।

नई व्यवस्था से यह लाभ

-अस्पतालों में दवाओं की किल्लत नहीं होगी, उन्हें तुरंत दवाओं की सप्लाई होगी।
-दवाओं स्टॉक का ऑनलाइन आकलन होता रहेगा, उस अनुरूप दवाओं की खरीदी होती रहेगी।
-दवाओं की गुणवत्ता बनी रहेगी, क्योंकि सही परिस्थतियों में दवाएं रखी जाएंगी।

ऐसी रहेगी दवाओं की सप्लाई चेन

आयुक्त स्वास्थ्य धनराजू एस ने बताया कि यह व्यवस्था क्षेत्रवार, केंद्रवार एवं स्वास्थ्य संस्था स्तर पर दवाओं की मांग का आकलन करने में सहायक होगी। इसके आधार पर आवश्यकता अनुरूप बेहतर योजना बनाते हुए दवाओं की आपूर्ति सुनिश्चित की जा सकेगी। इससे अंतिम उपयोगकर्ता अर्थात मरीज तक गुणवत्तायुक्त दवाओं की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित होगी।

मध्यप्रदेश पब्लिक हेल्थ सर्विसेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड द्वारा दवाओं की खरीदी की जाएगी। आपूर्तिकर्ताओं द्वारा दवाएं वेयरहाउस तक पहुंचाई जाएंगी। वेयरहाउस में दवाओं का उचित भंडारण सुनिश्चित किया जाएगा और दवाओं की समय पर गुणवत्ता जांच कराई जाएगी। जांच में पास होने के बाद ही दवाएं वितरित की जाएंगी। इसके बाद दवाओं का वितरण अस्पतालों में होगा।

गड़बड़ी के कारण खराब होती हैं दवाएं

अभी तय व्यवस्था के अनुसार हेल्थ कॉर्पोरेशन रेट कॉन्ट्रेक्ट करता है। उस रेट पर दवा खरीदने के लिए जिला अस्पताल के सिविल सर्जन और सीएमएचओ जरूरत के अनुसार ऑर्डर देते हैं। लेकिन ऑर्डर की दवाएं अस्पतालों को 45 से 60 दिन बाद मिलती है। इससे कई बार अस्पतालों में दवाएं खत्म होने की शिकायतें आती हैं। इसके साथ सीएमएचओ द्वारा बनाए गए वेयरहाउस में मानकों का पालन नहीं होने और बेतरतीब तरीके से दवाएं रखने के कारण कई बार दवाएं खराब हो जाती हैं