बारिश का 70 प्रतिशत कोटा पूरा, तेज हवा से कई जगह गिरे पेड़, जलभराव से लोग परेशान हुए।
भोपाल। इस साल मानसून के सीजन में हुई कम बारिश के बाद से ही वैज्ञानिक सितंबर में बारिश का अनुमान(weather report) लगा रहे थे, साथ ही उनका मानना था कि सितंबर में होने वाली बारिश पानी की कमी को पूरा कर देगी। भले ही इस बात को लेकर कई बार संदेह भी सामने आए हो। लेकिन पिछले कुछ दिनों से प्रदेश के बदले मौसम के चलते वैज्ञानिकों का अनुमान सही साबित होता दिख रहा है।
इसी के चलते सितंबर में अब तक हुई बारिश ने राजधानी भोपाल में सीजन की कुल बारिश का 70 प्रतिशत से अधिक कोटा पूरा कर दिया है। गुरुवार को सुबह 8.30 बजे से शाम 5.30 बजे तक शहर में 42.3 मिमी बारिश दर्ज की गई। इसके साथ ही सितंबर में कुल बारिश का आंकड़ा 217.4 मिमी पर पहुंच गया।
इसके पहले 2011 में सितंबर में 278 मिमी और 2007 में 236 मिमी बारिश दर्ज की गई थी। फिलहाल सीजन में अब तक हुई कुल बारिश का एक चौथाई से अधिक पानी सितंबर में गिर चुका है। राजधानी में अब तक 781 मिमी बारिश हो चुकी है।
गुरुवार तड़के से शुरू हुई बारिश दोपहर बाद तक जारी रही। खासकर सुबह 9 बजे से लेकर 2 बजे तक बारिश(weather) का कभी तेज तो कभी रिमझिम दौर जारी रहा। इस दौरान हवा की गति 35 से 40 किमी प्रतिघंटा तक पहुंच गई। हवा की औसत गति 18 से 20 किमी प्रतिघंटा रही। तेज हवा के साथ हुई बारिश से कुछ इलाकों में पेड़ टूट कर गिर गए। कुछ जगह जल भराव हो गया।
जारी रहेगा बारिश का दौर :
मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एसके नायक के अनुसार शुक्रवार को भी बारिश का यह दौर जारी रहेगा, इसके बाद धीरे-धीरे इसका प्रभाव कम होगा। नॉर्थ और सेंट्रल एमपी में कम दबाव क्षेत्र काफी मजबूती के साथ बन गया है। इसके चलते कुछ इलाकों में भारी से अति भारी बारिश भी हो सकती है। इसके अलावा एक द्रोणिका और ऊपरी हवा के चक्रवात से भी प्रदेश में खासी नमी आ रही है।
24 घंटे में 0.20 फीट बढ़ा बड़े तालाब का जलस्तर :
राजधानी और आसपास के इलाकों में गुरुवार को दिनभर हुई बारिश (weather report of bhopal) का असर बड़े तालाब सहित पूरे शहर में दिखाई दिया। बड़े तालाब का जलस्तर 24 घंटे में 0.20 फीट बढ़ गया। यह पहला मौका है जब इस साल बड़े तालाब का जलस्तर इतनी तेजी से ऊपर गया है। बारिश के कारण छोला अंडरब्रिज सहित आसपास के इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई।
अंडरब्रिज से आवागमन बंद करना पड़ा। शिवनगर, कल्याण नगर, जागृति कॉलोनी, महामाई का बाग, चाणक्यपुरी और हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी सहित अन्य इलाकों में नाले ओवरफ्लो हुए, तो पानी सड़कों पर भर गया। यहां लोगों को जलभराव के कारण भारी परेशानियों को सामना करना पड़ा।
बड़ा तालाब की स्थिति:
1661.20 फीट जलस्तर
1661 फीट था बुधवार को
1660.90 फीट था मंगलवार को
1660.70 फीट था सोमवार को
लाइन पर पेड़ गिरे, बिजली गुल :
राजभवन के पास सड़क किनारे पेड़ गिरने से बिजली की लाइन टूट गई, जिससे आसपास के इलाके में बिजली सप्लाई बाधित रही। उधर, पंचानन भवन परिसर में पार्किंग के शेड पर एक पेड़ गिर गया, जिससे चार पहिया वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। इसके साथ ही लिंक रोड नंबर एक और जवाहर बालभवन के पास भी पेड़ गिरने यातायात बाधित रहा। पेड़ गिरने की सूचना पर पहुंचे निगम के अमले ने कड़ी मशक्कत के बाद पेड़ों को सड़क से हटाकर आवागमन शुरू कराया।
दिन और रात का तापमान बराबर, दोपहर में लगी ठंड :
बारिश के चलते अधिकतम तापमान में 09 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। तापमान का आलम यह रहा कि रात और दिन के तापमान लगभग बराबर हो गए। लोगों को दोपहर में ठंड का अहसास होने लगा। राजधानी का अधिकतम तापमान 23.8 डिग्री दर्ज किया गया। यह सामान्य तापमान से 07 डिग्री सेल्सियस कम था। न्यूनतम तापमान 23.2 डिग्री सेल्सियस रहा। यह अधिकतम तापमान में से मात्र 0.6 डिग्री सेल्सियस ही अधिक था।
हालांकि सामान्य तापमान से यह 01 डिग्री सेल्सियस अधिक है। खासबात यह भी है कि राजधानी का अधिकतम तापमान प्रदेश के चारो प्रमुख महानगरों में सबसे कम था। इंदौर का अधिकतम तापमान 25.2, ग्वालियर का 29.2 और जबलपुर का अधिकतम तापमान 28.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
मुस्तैद रहें एएचओ :
इस दौरान नगर निगम के सहायक स्वास्थ्य अधिकारी (एएचओ) अपने जोन क्षेत्रों में मुस्तैद रहें। जलभराव सहित पानी से जुड़ी शिकायतें जल्द निपटाएं। यह आदेश महापौर आलोक शर्मा ने गुरुवार को दिए। महापौर लगातार बारिश के देखते हुए सुबह फतेहगढ़ स्थित निगम के फायर ब्रिगेड मुख्यालय का निरीक्षण करने पहुंचे थे।
इधर, बारिश में भीगते हुए निकाली कुमाऊं समाज ने कलशयात्रा :
कोलार के अब्बास नगर में कुमाऊं समाज (उत्तराखंड) के नवनिर्मित मां नंदा देवी मंदिर में प्राणप्रतिष्ठा कार्यक्रम से पहले गुरुवार को सुबह नौ बजे गिरधर परिसर से धूमधाम से कलश यात्रा निकाली गई, जो दो घंटे में मंदिर स्थल पर पहुंची। तेज बारिश होने के बाद भी महिलाएं भींगते हुए सिर पर कलश रखकर डीजे की धुनों के बीच चलती रहीं। समाज के वरिष्ठ उपाध्यक्ष मोहन सिंह नेगी ने बताया कि शुक्रवार को नवग्रह पूजा, शनिवार को माताजी की प्राण प्रतिष्ठा होगी। रविवार से 29 सितंबर तक भजन कीर्तन, सांस्कृतिक कार्यक्रम होगा। 29 को हवन और शाम चार बजे से भंडारे के साथ कार्यक्रम का समापन होगा।