
Twisha Sharma Case Updates:एमपी के भोपाल शहर में सबसे चर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले में अब सभी को केस के फैसले का इंतजार है। समाज भी जानना चाहता है कि टि्वशा की हत्या की गई या उसने सुसाइड किया था। बता दें कि बीते दिन पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला की न्यायिक हिरासत को बढ़ाकर 30 जून तक कर दिया गया है।
वहीं इस मामले में बीते दिन पता चला है कि ट्विशा की दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट अभी तक सीबीआई को नहीं मिली है। अब मामला ये फंसता है कि जब तक पोस्टमार्ट की दूसरी रिपोर्ट नहीं आ जाती तब तक इस केस में आगे क्या होता इसके बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता है। अब सबसे बड़ा सवाल यही बना हुआ है कि आखिर 24 दिन बाद भी पीएम रिपोर्ट सीबीआई को क्यों नहीं मिल पाई है।
हाइकोर्ट में टि्वशा केस की पैरवी कर रहे वकील अनुराग श्रीवास्तव ने भी बताया है कि अब तक सीबीआई को ही दूसरी पोस्टमार्ट रिपोर्ट नहीं मिली है। एडवोकेट ने कहा, "जो कुछ पुराना अभी तक हुआ है, उसकी सारी चर्चाएं हो चुकी हैं। जो सुविधाएं मिल रही थीं, उनका खुद इंस्पेक्शन हुआ है। जेल की सीनियर अथॉरिटीज ने इंस्पेक्शन किया, और इंस्पेक्शन के बाद हमें भी मीडिया से पता चला कि डिप्टी जेलर को सस्पेंड किया गया है। अगर डिप्टी जेलर को सस्पेंड किया गया है, तो इसका निश्चित रूप से यही आशय निकलता है कि कुछ न कुछ सुविधाएं वहां उनको प्रदान की जा रही थीं, जो नहीं दी जानी चाहिए थीं…"
बता दें कि टि्वशा की डेडबॉडी का दूसरा पोस्टमार्टम मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के आदेश पर 24 मई 2026 को किया गया था। दिल्ली एम्स से आई कुछ सदस्यों की टीम ने भोपाल एम्स में पीएम की प्रक्रिया पूरी की थी। अब तक 24 दिन बीत गए हैं, लेकिन अब तक रिपोर्ट नहीं आई है।
माना जा रहा है कि दूसरी पोस्टमार्ट रिपोर्ट के लेट होने के पीछे कई कारण है। दूसरा पोस्टमार्टम करने आई टीम गहन जांच में जुटी हुई है। माना जा रहा है कि मामला बहुत संवेदनशील है इसलिए जल्दबाजी नहीं दिखाई जा सकती है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के लिए अभी 2 टेस्ट और करने हैं, जिसका प्रोसेस लंबा हो गया है। इस कारण से पीएम रिपोर्ट आने में देरी हो रही है। बताया जा रहा है कि जैसे ही सारे टेस्ट की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी, रिपोर्ट सीबीआई की टीम को सौंप दी जाएगी।
नोएडा की रहने वाली ट्विशा की शादी दिसंबर 2025 में भोपाल की पूर्व जिला जज गिरिबाला सिंह के वकील बेटे समर्थ सिंह के साथ हुई थी। महज चंद माह बाद ही 12 मई 2026 की रात को ट्विशा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। ट्विशा अपने ससुराल के टेरेस पर फंदे से लटकी मिली थी।
गिरिबाला और समर्थ सिंह रात को ही एम्स भोपाल लेकर पहुंचे, जहां ट्विशा को मृत घोषित कर दिया गया था। इसके बाद मामला तब उलझा जब गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह पर सबूत नष्ट करने के आरोप लगे। आरोप है कि उन्होंने काफी समय न्यायिक अधिकारियों और पुलिस के बड़े अफसरों को फोन लगाकर मामला प्रभावित करने का प्रयास किया। ट्विशा के परिवार और ससुराल पक्ष के आरोप-प्रत्यारोप और लड़ाई में करीब 12 दिन तक ट्विशा का शव एम्स की मार्चुरी में रखा रहा था।