राजधानी के नजदीक श्यामपुर निवासी 35 वर्षीय शीला मीणा के हंसते-खेलते परिवार पर एक दिन अचानक दुखों का पहाड़ टूट पड़ा...
मनीष कुशवाह@भोपाल। राजधानी के नजदीक श्यामपुर निवासी 35 वर्षीय शीला मीणा के हंसते-खेलते परिवार पर एक दिन अचानक दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। डॉक्टरों ने बताया कि उसके पति 40 वर्षीय रामदयाल मीणा की हाई ब्लडप्रेशर के कारण किडनी खराब हो गई है। किडनी ट्रांसप्लांट ही एकमात्र विकल्प है। घर में तीन बेटियां और एक बेटे की जिम्मेदारी अलग। ऐसे में शीला ने हिम्मत नहीं हारी। करवाचौथ के दिन देशभर में जहां महिलाएं अन्न-जल ग्रहण किए बिना पति की लंबी उम्र की प्रार्थना कर रही थीं, वहीं दूसरी ओर शीला अपने पति को किडनी डोनेट कर नई जिंदगी दे रही थी।
तकरीबन एक साल से किडनी खराब होने से रामदयाल बीमार चल रहे थे। परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है। ऐसे में राज्य सरकार द्वारा दी गई आर्थिक मदद से ट्रांसप्लांट किया गया। ऑपरेशन के बाद रामदयाल की सेहत में सुधार है। उन्हें डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है। पत्नी शीला को ऑपरेशन के बाद छुट्टी दे दी गई है।
नहीं हारी हिम्मत
रामदयाल के कंधों पर तीन बेटियों और एक बेटे समेत परिवार की जिम्मेदारी है। ब्लड प्रेशर अधिक रहने की शिकायत पर उन्होंने एक साल पहले डॉक्टर को दिखाया तो पता चला कि हाई ब्लड प्रेशर के कारण किडनी खराब हो गई है। ये सुनते ही परिवार पर दु:खों का पहाड़ टूट पड़ा। इसके बाद भी परिवार ने हिम्मत नहीं हारी। शुरुआत में 15 दिन में एक बार और बाद में सप्ताह में दो बार डायलिसिस करवाने के बाद भी सेहत में सुधार नहीं हुआ तो रामदयाल के पास किडनी ट्रांसप्लांट ही विकल्प बचा।
टेस्ट रिपोर्ट आई पॉजीटिव
किडनी ट्रांसप्लांट के लिए डोनर के तौर पर परिवार के अन्य सदस्यों समेत पत्नी शीला के कई जरूरी टेस्ट किए गए। इसमें शीला की किडनी मैच कर गई और उन्होंने किडनी डोनेट करने की हामी भर दी। पांच अक्टूबर को शीला व रामदयाल को एडमिट किया गया। आठ अक्टूबर को किडनी ट्रांसप्लांट की गई।
परिवार का मिला साथ
बड़े भाई रमेश मीणा के साथ संयुक्त परिवार में रहने वाले रामदयाल मीणा को पत्नी शीला और बच्चों के साथ ही भाई एवं उनके परिवार का हमेशा साथ मिला। भतीजे दीपक के मुताबिक उनके लिए हमेशा से ही परिवार प्राथमिकता मेें रहा।