
Wildlife rescue center like Vantara in MP - मध्यप्रदेश में दो प्रमुख शहरों में बड़े जू बनाए जा रहे हैं। उज्जैन और जबलपुर में इन्हें स्थापित किया जाएगा। दोनों ही शहरों में बड़े चिड़ियाघरों के साथ रेस्क्यू सेंटरों की भी तैयारी चल रही है। इतना ही नहीं, प्रदेश में गुजरात के वनतारा के वन्य जीव रेस्क्यू सेंटर की तर्ज पर बड़ा एनिमल वेलफेयर प्रोजेक्ट व रेस्क्यू सेंटर विकसित किया जाएगा। इसके लिए वन अधिकारियों का एक दल जल्द ही वहां जा सकता है।
वन विभाग के अपर मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल के अनुसार एमपी के ओंकारेश्वर अभयारण्य, ताप्ती कंजर्वेशन रिजर्व और बालाघाट के सोनेवानी में कंजर्वेशन रिजर्व की स्थापना की जा रही है। उन्होंने बताया कि वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में चीता पुनर्स्थापना की तैयारी भी की जा रही है। कोशिश की जा रही है कि यह काम इसी साल प्रारंभ हो जाए।
अपर मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल ने बताया कि जलीय जीवों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए नर्मदा नदी में महाशीर मछली तथा चंबल नदी में कछुए, मगर एवं घड़ियाल का प्रजनन केंद्र स्थापित करने की योजना है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में वन विभाग द्वारा 160 किलोमीटर संरक्षित क्षेत्रों में फेंसिंग कराने का प्रस्ताव है।
एमपी में नए जू की स्थापना पर वन विभाग के अपर मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल ने अहम जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रदेश के दो प्रमुख शहरों- उज्जैन और जबलपुर में जू एवं रेस्क्यू सेंटर की स्थापना की जा रही है।
उज्जैन के जू एवं रेस्क्यू सेंटर के लिए डीपीआर तैयार कर ली गई है। इसे मंजूरी के लिए सीजेडए, नई दिल्ली को भेजा जा चुका है। इसी प्रकार जबलपुर में भी जू एवं रेस्क्यू सेंटर की स्थापना के लिए प्रक्रिया तेजी से चल रही है। इसके लिए डीपीआर तैयार की जा रही है।
मध्यप्रदेश में गुजरात के वनतारा वन्य जीव रेस्क्यू सेंटर की तर्ज पर वन्य प्राणियों के लिए एक बड़ा रेस्क्यू सेंटर विकसित किए जाने की संभावना है। इसके लिए सीएम मोहन यादव ने वन अधिकारियों को वनतारा जाकर एमपी में ही ऐसे ही बड़े रेस्क्यू सेंटर की स्थापना की संभावनाओं पर गहनता से अध्ययन करने को कहा है। सीएम के निर्देश पर वन अधिकारियों का एक दल जल्द ही वहां जा सकता है।