
- जन्म-मृत्यु वाले अस्पताल-श्मशान घाट वाले वार्ड में अभी करना होता है आवेदन, इससे लगता है लंबा चक्कर
इसके लिए निगम ने कमेटी बनाई है। तकनीकी दिक्कतों को दूर कर सुविधा शुरू की जाएगी। पत्रिका ने मामले को प्रमुखता से उठाया था। इसके बाद निगम प्रशासन ने लोगों को राहत देने की कवायद शुरू की।
- अभी जन्म मृत्यु पंजीयन आवेदन को पोर्टल पर बाय डिफॉल्ट अस्पताल या श्मशान घाट-कब्रस्तान से जोड़ा हुआ है। इसमें तकनीकी दिक्कत दूर की जाएगी। इसमें संपत्तिकर या गुगल मैप की सहायता से गृह वार्ड की स्थिति भी शामिल करेंगे। इसके बाद किसी भी वार्ड से आवेदन आसान हो जाएगा।
विसंगति से हर माह डेढ़ हजार से अधिक परेशान
जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र आवेदन को लेकर ऑनलाइन सॉफ्टवेयर की एक छोटी सी विसंगति दूर कर हर माह पंद्रह सौ से अधिक नागरिकों को अन्य वार्ड कार्यालयों तक जाने की परेशानी से बचाया जा सकता है। जो काम घर से कुछ मीटर दूरी पर जाकर हो सकता था, उसके लिए कई बार 12 से 15 किमी तक की दूरी तय करना पड़ती है। किसी कारण से नहीं जा पाने पर वे फ्री में आवेदन की सुविधा भी खो देते हैं। अब इस परेशानी से निजात मिलेगी।
ऐसे हो सकती है आसानी
- महापौर परिषद के सदस्य जितेंद्र शुक्ला का कहना है कि निवास क्षेत्र के वार्ड में ही आवेदन का प्रावधान करने से लोगों को अन्य वार्ड की दौड़ नहीं लगाना होगी। उनके अनुसार ऑनलाइन सॉफ्टवेयर में मामूली बदलाव से राहत मिल सकती है। रोजाना शहरभर से 50 से 60 जन्म प्रमाण पत्र, जबकि 30 से 35 मृत्यु प्रमाण पत्र के आवेदन आते हैं। इन्हें राहत मिल सकती है।
कोट्स
जिस वार्ड में जन्म या मृत्यु हुई है उसी वार्ड को सिस्टम लेता है। निवास क्षेत्र के वार्ड को लेकर प्रावधान नहीं है। इसमें बदलाव को लेकर काम किया जा रहा है। शहरवासियों को राहत मिलेगी।
- फ्रैंक नोबल, निगमायुक्त