World Environment Day 2025 : विश्व पर्यावरण दिवस पर ट्री ऑडिट, शहर में अधिकृत रूप से कितने पेड़ हैं, इसकी जानकारी विभाग को नहीं। राजधानी में कभी 32% थी हरियाली, अब सिर्फ 3% बाकी।
World Environment Day 2025 :मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल की लगभग 25 लाख की आबादी स्वस्थ्य रखने के लिए शहर में 75 लाख पेड़ होने चाहिए। इस संख्या को पार करने के बाद हर साल इसमें दो लाख पेड़ों का इजाफा भी होना चाहिए। लेकिन, न तो अबतक शहर के पेड़ों की कोई गिनती है और न ही कोई व्यवस्था। मुर्गी, बत्तख, गधे और घोड़ों की गिनती पशुगणना में होती है। लेकिन आश्चर्य है कि राजधानी की ट्री ऑडिट ही नहीं है। इसलिए नगर निगम से लेकर वन विभाग तक को ये पता ही नहीं कि शहर में पेड़ों की वास्तविक संख्या कितनी है।
हां, कटाई के आंकड़े जरूर है। तभी तो ये पता चलता है कि, 32 फीसदी से घटकर शहर का ग्रीन कवर महज 3 प्रतिशत रह गया है। टीटी, कोलार, होशंगाबाद रोड और एयरपोर्ट की ओर हरियाली सबसे ज्यादा तेजी से घटी है।
हालांकि, अब भी प्रदेश के बाकी हिस्सों के मुकाबले भोपाल हरा-भरा है। लेकिन, पेड़ों की कटाई के मामले में भी ये शहर सबसे आगे है। पिछले 10 सालों में विकास परियोजनाओं में 6 लाख पेड़ों को काटा गया है। इस बीच पौधरोपण तो हुआ, लेकिन कितने पौधे जिंदा हैं इसकी रिपोर्ट किसी महकमें के पास नहीं है।
वन विभाग: 23,44,940 पौधे
नगर निगम: 5,00,000 पौधे
पर्यावरण वानिकी: 1,87,000 पौधे
शहर में ट्री ऑडिट नहीं हुआ। ऐसे में पेड़ों की संख्या के बारे में जानकारी नहीं है। पिछले तीन साल में शहर में 20 लाख पौधे रोपे जा चुके हैं। पिछले साल 12 लाख पौधे रोपे गए। इस साल 4 लाख का लक्ष्य है। इनके बढ़ने के प्रतिशत का आंकलन नहीं हुआ है।
वन विभाग, नगर निगम और पर्यावरण वानिकी का दावा है कि, बीते पांच साल के दौरान उन्होंने भोपाल जिले में 30 लाख से ज्यादा पौधे रोपे हैं। लेकिन, मौजूदा समय में जिंदा कितने हैं, इसपर कोई जानकारी नहीं है।
पेड़ों की देखरेख पर हर साल 70 लाख रुपए खर्च भी किए जा रहे हैं। ये सिर्फ उन स्थानों का खर्च है, जो शहरी क्षेत्र में आते हैं।
-औसतन 60 हजार आबादी का हर साल इजाफा हो रहा है और ऑक्सीजन के लिए एक व्यक्ति को तीन पेड़ चाहिए।
-लेकिन राजधानी में 10 साल के दौरान काटे जा चुके हैं। 6 लाख पेड़।
-अब एनजीटी की सती, बनाई हाईपावर कमेटी
जिला वन अधिकारी लोक प्रिय भारती का कहना है कि, हरियाली को बचाने के लिए वन विभाग काम कर रहा है। पौधे लगाने से लेकर उनके संरक्षण की दिशा में काम हुआ है। इससे शाहपुरा में हरियाली काफी बढ़ी है।