
(पत्रिका ब्यूरो,भुवनेश्वर): ओडिशा के मुख्यमंज्ञी नवीन पटनायक जब कहते हैं कि अटल बिहारी वाजपेयी का निधन उनकी व्यक्तिगत क्षति है तो निश्चित ही पटनायक को उनका और उनकी पार्टी बीजू जनता दल का राजनीतिक उदभव याद आया होगा। ओ़डिशा में बीजू जनता दल की मदद में स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी के योगदान को आज भी नेता लोग याद करते हैं। साथ ही राज्य के सभी 30 जिलों में कृषि विकास केंद्र, स्वर्णिम चतुर्भुज नेशनल हाई प्रोजेक्ट में ओडिशा को ज्यादा से ज्यादा कवर करने में उन्हीं का योगदान बताया जाता है।
बीजू जनता दल का जन्म 1997 में हुआ था। तब स्वर्गीय वाजपेयी के निकट सहयोगी प्रमोद महाजन का बराबर ओडिशा आना होता था। वह यहां के नेताओं से बातचीत करते थे। खासकर जनता दल से जुड़े लोगों से भी। बीजेडी के संस्थापकों में से एक विजय महापात्र (अब भाजपा में) कहते हैं कि वाजपेयी जी क्षेत्रीय पार्टी गठन के लिए उत्साहित करते थे। कालांतर में बीजू जनता दल को एनडीए में लाने और विशेषकर भाजपा से गठजोड़ में भी उन्हीं का योगदान माना जाता है। नवीन दो साल तक वाजपेयी कैबिनेट में रहे।
स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी का पटनायक परिवार से नाता पुराना है। वर्ष 1977 में मोरार जी देसाई की सरकार में वाजपेयी विदेश मंत्री थे तो स्वर्गीय बीजू पटनायक इस्पात मंत्री। दोनों की गाढ़ी मित्रता रही थी। सदन में वाजपेयी जी बीजू बाबू को समाजवादी विचारधारा का अग्रणीय नेता ऐलानिया तौर पर कहते थे। यही नहीं विपक्ष के आरोपों के दौरान वह पटनायक की मदद भी करते थे। महापात्र कहते हैं कि जब बीजेडी का गठन किया गया तो राष्ट्रीय स्तर पर स्वर्गीय वाजपेयी का पूरा सहयोग मिला। यही नहीं बीजेडी और भाजपा से गठजोड़ की घोषणा उन्हीं ने दिल्ली में की थी।
भाजपा-बीजेडी का गठजोड़ मिलकर लोकसभा और विधानसभा का चुनाव लड़ा। ओडिशा में भी गठजोड़ की सरकार बनी। एनडीए की सरकार में नवीन पटनायक कैबिनेट मंत्री बने। ओडिशा में नवीन के नेतृत्व में चुनाव लड़ा गया और 2000 में गठबंधन की सरकार राज्य में बनी। राज्यसभा के सदस्य बीजेडी लीडर प्रशांत आचार्य भी कहते हैं कि बीजेडी क्षेत्रीय दल के रूप में मजबूत होकर उभरा तो उसमें वाजपेयी जी का भी योगदान है। पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान कहते हैं कि ओडिशा के लिए स्वर्गीय वाजपेयी के हृदय में विशेष स्थान रहा है। उन्होंने ओडिशा विकास की किसी परियोजना पर कभी भी न नहीं की। केवीके (कृषि विकास केंद्र) सभी जिलों में दिया, एम्स और पारादीप रिफाइनरी की आधार शिला रखी। राज्य में हाईवे का नेटवर्क उन्हीं की देन है। केंद्रीय मंत्री जुएल ओरम कहते हैं कि आदिवासी समुदाय उनका सदैव आभारी रहेगा। उन्हीं ने आदिवासी कल्याण मंत्रालय सृजित किया था।