भुवनेश्वर

चिटफंड घोटालाः सीबीआइ ने पर्यटन अधिकारी से की पूछताछ, मंत्री ने पहले कहा कोई पत्र नहीं आया बाद में पलटी मारी

सीबीआइ ने पर्यटन विभाग के सहायक निदेशक विजय कुमार भंज से उस अधिकारी का नाम और पता पूछा जिसने इस पिकनिक स्‍पॉट को विकसित करने की सी-शोर को अनुमति दी थी।
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cbi file photo
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(महेश शर्मा की रिपोर्ट)
भुवनेश्वर। केंद्रीय जाँच ब्यूरो (सीबीआइ) की चिटफंड घोटालों की जांच के लिए गठित स्पेशल इनवेस्टीगेशन टीम (एसआईटी) ने ओडिशा सरकार के पर्यटन विभाग के सहायक निदेशक विजय कुमार भंज से बुधवार को चार घंटे तक कड़ी पूछताछ की। इस पूछताछ से हडकंप मचा हुआ है।

पिकनिक स्पाट विकसित किया


सी-शोर नामक चिटफंड कंपनी ओडिशा राजय की नवीन पटनायक के नेतृत्व वाली बीजद सरकार के कार्यकाल में काफी फलीफूली थी। कटक में महानदी के तट पर इस कंपनी ने नवविहार पिकनिक स्पाट विकसित किया था। सीबीआइ ने पर्यटन विभाग के सहायक निदेशक विजय कुमार भंज से उस अधिकारी का नाम और पता पूछा जिसने इस पिकनिक स्‍पॉट को विकसित करने की सी-शोर को अनुमति दी थी।

सी-शोर से संबंधित कागजात दाखिल कर दिए


पर्यटन विभाग के निदेशक नितिन भानुदास जवाएल ने बताया कि सीबीआइ द्वारा जांच के लिए वांछित सी-शोर कपनी से संबंधित कागजात दाखिल कर दिए गए हैं। विभागीय अधिकारी विजय कुमार भंज यह काम कर रहे हैं। मालूम हो कि कटक में महानदी पर सी-शोर नव विहार निर्माण पर पूछताछ की गई। उनसे पूछा गया है कि कटक में महानदी पर रिसोर्ट को बनाने की किस अधिकारी ने इजाजत दी थी।

सीबीआइ के पत्रों को पर्यटन विभाग ने तवज्जो नहीं दी

सूत्र बताते हैं कि सीबीआइ पर्यटन विभाग को तीन बार पत्र लिख चुकी है पर विभाग ने इन पत्रों को तवज्जो नहीं दी। इस पर सीबीआइ थोड़ा सख्त हुई। सीबीआइ के पत्र की बात फैलते ही पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री अशोक पंडा ने मीडिया से कहा कि सीबीआइ ने उनके विभाग को इस बाबत कोई पत्र नहीं भेजा। उधर उनके विभाग के अधिकारी से कड़ी पूछताछ के बाद मंत्री ने पलटी मारी और कहा कि सीबीआइ को पूरा सहयोग किया जाएगा। सूत्रों के अनुसार मंत्री अशोक पंडा के पास शायद यह सूचना ही नहीं हो।

Published on:
25 Jul 2018 02:57 pm