- 2014 में किया था सरेंडर, बीजापुर में आरक्षक के पद पर था- भाई को सरेंडर करवाने गया था डीआरजी जवान नक्सलियों ने कर दी हत्या
बीजापुर. डीआरजी में पदस्थ सोमडू उर्फ मल्लेश की नक्सलियों ने गुरुवार को उसके गृहग्राम कोतरापाल में हत्या कर दी थी। अब इस हत्याकांड में शहीद जवान की पत्नी ज्योति और ग्रामीणों से पुलिस को जो जानकारी मिली है उसके अनुसार मल्लेश के छोटे भाई ने उसे कोतरापाल बुलाया था। मल्लेश का भाई जो कि मीलिशिया कमांडर है, उसने कहा था कि वह भी सरेंडर करना चाहता है और वह गृहग्राम आकर उसे अपने साथ ले जाए। गौरतलब है कि शहीद जवान मल्लेश ने 2014 में मुख्यधारा में शामिल हुआ था। आत्मसमर्पण के बाद वह बीजापुर डीआरजी में बतौर आरक्षक के पद पर पदस्थ था।
वीडियो कॉल कर बताया कि वह घिर चुका है
मल्लेश की पत्नी ज्योति ने बीजापुर पुलिस को जो बयान दिया है उसके अनुसार गुरुवार सुबह 10 बजे वह यह कहते हुए पुलिस लाइन स्थित घर से निकला था कि वह कोतरापाल जा रहा है और देर शाम तक लौटेगा लेकिन सुबह साढ़े ग्यारह बजे उसने ज्योति को वीडियो कॉल किया और डरे सहमे लहजे में कहा कि वह घिर चुका है और उसके बाद उसका फोन कट हो गया। पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार मल्लेश के छोटे भाई ने एक अन्य मिलिशिया कमांडर मंगेश के हाथों उसे पकड़वाया। बाद में नक्सलियों ने उसकी हत्या कर दी।
पुलिस के पहुंचने से पहले ही अंतिम संस्कार
हत्या के बाद सबूत मिटाने के लिए परिजनों पर दबाव डालकर नक्सलियों ने गुरुवार की शाम को ही जबरन उसका अंतिम संस्कार भी करवा दिया। खबर की पुष्टि करने पुलिस जब गांव पहुंची तो उन्हें वहां अंतिम संस्कार के साक्ष्य ही मिले। घटनास्थल का मुआयना करने के बाद पुलिस शहीद के परिजनों को लेकर जांगला थाना पहुंची, जहां परिजनों के माध्यम से घटना की जानकारी जुटाई जा रही है।