
बिजनौर. जनपद के डीएम की रिपोर्ट पर कुछ समय पहले जहां बिजनौर जिले को खुले में शौच मुक्त का अवार्ड मिल चुका है। इसके लिए खुद बिजनौर जनपद के डीएम जगतराज त्रिपाठी को लखनऊ और दिल्ली में सम्मानित भी किया गया था। इन्हीं शौचालय को लेकर जनपद में बड़ी अनियमितता सामने आई है। मामले की जांच के बाद दोषी पाए गए ग्राम प्रधान और सचिव को सोमवार को जेल भेज दिया गया।
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बिजनौर जनपद के मंडावली तहसील के नारायणपुर रत्न गांव में 131 शौचालय बनाए जाने थे। लेकिन, यहां शौचालय निर्माण में बड़े पैमाने पर घोटाला सामने आया है। इस घोटाले के सामने आने के बाद प्रधान और ग्राम पंचायत सचिव पर इस योजना में 12 लाख रुपए गबन करने के आरोप लगे हैं। गबन के इस खुलासे पर मनीष कुमार जिला पंचायत अधिकारी ने बताया कि ग्राम प्रधान और पूर्व ग्राम पंचायत सचिव दोनों पर वितीय अनियमितता के मामले को लेकर थाना मंडावली में एफआईआर कराने के बाद सोमवार को उन्हें जेल भेज दिया गया।
गौरतलब है कि बिजनौर के मंडावली क्षेत्र के नारायणपुर रत्न ब्लॉक के में 131 शौचालय बनाए जाने थे। लेकिन, यहां 131 शौचालयों में से केवल 75 शौचालयों का निर्माण ही कराया गया। वह भी आधा अधूरा ही निर्माण कराया गया है। इन शौचालयों को लेकर ग्रामीणों की ओर से लगातार शिकायत के बाद बिजनौर मुख्य विकास अधिकारी के आदेश पर इस गबन और घोटाले की जांच कराई गई । जांच में गांव के ग्राम प्रधान इस्तेखार और पूर्व ग्राम पंचायत सचिव ऋषिपाल सिंह पर शौचालय निर्माण में मानकों की अनदेखी कर 35 लाख रुपया निकालकर शौचालय का निर्माण नहीं कराने का दोषी पाया गया। साथ ही इस राशि में से 12 लाख रुपए का गबन किया गया है।